14 सितंबर 2026
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जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम के दो अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, FIR दर्ज

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जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम के दो अधिकारी रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, FIR दर्ज

सारांश

जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम में भ्रष्टाचार का पर्दाफाश — एसीबी ने WEP योजना के ₹3 लाख ऋण वितरण के बदले रिश्वत मांगने वाले दो फील्ड सुपरवाइजरों को रंगे हाथों दबोचा। शिकायतकर्ता की हिम्मत और एसीबी की त्वरित कार्रवाई से महिला कल्याण योजनाओं में जमीनी स्तर पर व्याप्त भ्रष्टाचार उजागर हुआ।

मुख्य बातें

जम्मू-कश्मीर एसीबी ने 14 सितंबर 2026 को श्रीनगर में महिला विकास निगम के दो फील्ड सुपरवाइजरों को गिरफ्तार किया।
आरोपी अधिकारी ओवैस अहमद खान और मेराजुद्दीन शेख पर WEP योजना के ₹3 लाख के ऋण वितरण के बदले रिश्वत मांगने का आरोप है।
एफआईआर संख्या 15/2026 — भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7, 7ए और BNS की धारा 61(2) — के तहत दर्ज।
दोनों आरोपी फिलहाल शहीद गंज पुलिस स्टेशन, श्रीनगर में हिरासत में हैं।
स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में रिश्वत की राशि बरामद; आगे की जांच जारी है।

जम्मू-कश्मीर भ्रष्टाचार-विरोधी ब्यूरो (एसीबी) ने सोमवार, 14 सितंबर 2026 को जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम के दो फील्ड अधिकारियों को श्रीनगर में रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। महिला उद्यमिता मंच (WEP) योजना के तहत स्वीकृत ₹3 लाख के ऋण की राशि जारी कराने के एवज में कथित तौर पर अवैध रिश्वत की मांग की जा रही थी।

मामले का मूल घटनाक्रम

एसीबी को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि निगम के फील्ड सुपरवाइजर ओवैस अहमद खान ने शिकायतकर्ता से WEP योजना के अंतर्गत स्वीकृत ₹3 लाख के ऋण के वितरण में सुविधा देने के बदले अवैध रकम की मांग की। शिकायतकर्ता के रिश्वत देने से इनकार करने पर उसने एसीबी से संपर्क किया और औपचारिक शिकायत दर्ज कराई।

शिकायत मिलने के बाद एसीबी ने प्रारंभिक जांच की, जिसमें प्रथम दृष्टया अवैध मांग की पुष्टि हुई। इसके आधार पर पुलिस स्टेशन एसीबी श्रीनगर में एफआईआर संख्या 15/2026 दर्ज की गई — भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और धारा 7ए, तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत।

जाल बिछाकर की गई कार्रवाई

एफआईआर दर्ज होने के बाद एसीबी ने एक विशेष टीम गठित कर जाल बिछाया। इस अभियान के दौरान फील्ड सुपरवाइजर ओवैस अहमद खान को शिकायतकर्ता से अवैध रिश्वत मांगते और स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। मौके पर ही एक अन्य फील्ड सुपरवाइजर मेराजुद्दीन शेख को भी इस अपराध में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया गया, हालाँकि उनकी सटीक भूमिका की जांच अभी जारी है।

स्वतंत्र गवाहों की उपस्थिति में दोनों आरोपियों के पास से रिश्वत की राशि बरामद की गई।

आरोपियों की वर्तमान स्थिति

दोनों आरोपी अधिकारियों को चिकित्सा-कानूनी औपचारिकताओं के अधीन रखा गया है और उन्हें श्रीनगर के शहीद गंज पुलिस स्टेशन में रखा गया है। मामले में आगे की जांच जारी है।

WEP योजना और प्रभावित लाभार्थी

यह मामला महिला उद्यमिता मंच (WEP) योजना से जुड़ा है, जो महिला लाभार्थियों को उद्यमिता के लिए ऋण उपलब्ध कराने की सरकारी पहल है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब जम्मू-कश्मीर प्रशासन कल्याणकारी योजनाओं की पारदर्शी डिलीवरी सुनिश्चित करने पर जोर दे रहा है। गौरतलब है कि एसीबी ने हाल के महीनों में सरकारी सेवा वितरण में भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई तेज की है।

आगे की कार्रवाई

एसीबी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। इस गिरफ्तारी से जम्मू-कश्मीर में सरकारी योजनाओं की जमीनी स्तर पर निगरानी की जरूरत को लेकर एक बार फिर सवाल उठे हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

वही बाधक बन जाते हैं। WEP जैसी योजनाएँ जमीनी स्तर पर फील्ड अधिकारियों के जरिये संचालित होती हैं, और यही सबसे कमजोर कड़ी भी है। सवाल यह है कि क्या जम्मू-कश्मीर प्रशासन शिकायत-तंत्र को और सुलभ बनाएगा, ताकि वे लाभार्थी भी आवाज उठा सकें जो एसीबी तक पहुँचने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। बिना तकनीक-आधारित निगरानी और नियमित ऑडिट के, ऐसी छिटपुट गिरफ्तारियाँ एक बड़ी प्रणालीगत समस्या का समाधान नहीं बन सकतीं।
RashtraPress
14 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम के अधिकारियों को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
दोनों अधिकारियों को WEP योजना के तहत स्वीकृत ₹3 लाख के ऋण को जारी करने के बदले अवैध रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में गिरफ्तार किया गया। एसीबी ने जाल बिछाकर इन्हें रंगे हाथों पकड़ा।
गिरफ्तार अधिकारियों के नाम क्या हैं?
गिरफ्तार दोनों अधिकारी फील्ड सुपरवाइजर ओवैस अहमद खान और फील्ड सुपरवाइजर मेराजुद्दीन शेख हैं। ओवैस अहमद खान पर मुख्य आरोप है, जबकि मेराजुद्दीन शेख की कथित संलिप्तता की जांच की जा रही है।
इस मामले में कौन-सी धाराएँ लगाई गई हैं?
मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2) के तहत दर्ज किया गया है। एफआईआर संख्या 15/2026 पुलिस स्टेशन एसीबी श्रीनगर में दर्ज है।
महिला उद्यमिता मंच (WEP) योजना क्या है?
WEP (Women Entrepreneurship Platform) जम्मू-कश्मीर महिला विकास निगम की एक सरकारी योजना है, जो महिला उद्यमियों को ऋण उपलब्ध कराती है। इसी योजना के तहत शिकायतकर्ता को ₹3 लाख का ऋण स्वीकृत हुआ था, जिसके वितरण में रिश्वत की मांग की गई।
दोनों आरोपी अधिकारी अभी कहाँ हैं और मामले में आगे क्या होगा?
दोनों आरोपियों को चिकित्सा-कानूनी औपचारिकताओं के बाद श्रीनगर के शहीद गंज पुलिस स्टेशन में रखा गया है। एसीबी के अनुसार, मामले में आगे की जांच जारी है और अन्य संभावित संलिप्त व्यक्तियों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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