30 जुलाई 2026
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खूंटी महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना ₹50,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ पकड़ा

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खूंटी महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना ₹50,000 की रिश्वत लेते गिरफ्तार, ACB ने रंगे हाथ पकड़ा

सारांश

झारखंड के खूंटी महिला थाने की प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को एसीबी ने ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। यह उसी थाने में चार साल में दूसरी ऐसी गिरफ्तारी है — जो झारखंड पुलिस के भीतर भ्रष्टाचार की गहरी जड़ों पर सवाल उठाती है।

मुख्य बातें

खूंटी महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को एसीबी रांची ने 30 जुलाई को ₹50,000 की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।
रिश्वत की मांग थाने में दर्ज मामले में आरोपी का नाम हटाने और जांच में राहत देने के एवज में की गई थी।
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन चलाया गया।
वर्ष 2021 में भी इसी थाने की तत्कालीन प्रभारी मीरा कुमारी को एसीबी ने रिश्वत के आरोप में गिरफ्तार किया था।
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई जारी है; पूछताछ के बाद न्यायालय में पेश किया जाएगा।

झारखंड के खूंटी जिले की महिला थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की रांची इकाई ने 30 जुलाई को ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी का नाम हटाने और जांच में राहत देने के एवज में यह रिश्वत मांगी गई थी।

मुख्य घटनाक्रम

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुलेखा कुमारी सपना ने खूंटी महिला थाने में दर्ज एक मामले के शिकायतकर्ता से ₹50,000 की मांग की — यह राशि आरोपी का नाम हटाने और जांच में ढील देने की एवज में थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी रांची में शिकायत दर्ज कराई।

ब्यूरो ने शिकायत मिलते ही मामले का प्रारंभिक सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने के आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद एसीबी ने एक सुनियोजित ट्रैप ऑपरेशन तैयार किया।

ट्रैप ऑपरेशन कैसे हुआ

पूर्व निर्धारित रणनीति के तहत शिकायतकर्ता गुरुवार को थाना प्रभारी के पास पहुंचा और उन्हें तय रिश्वत राशि सौंपी। इसी दौरान आसपास सादे लिबास में तैनात एसीबी टीम ने कार्रवाई करते हुए थाना प्रभारी को कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ दबोच लिया।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम उन्हें पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए रांची स्थित एसीबी मुख्यालय ले गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले से जुड़े अन्य तथ्यों और दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है।

यह पहली बार नहीं

गौरतलब है कि खूंटी महिला थाना इससे पहले भी रिश्वतखोरी के आरोपों को लेकर सुर्खियों में रह चुका है। वर्ष 2021 में इसी थाने की तत्कालीन प्रभारी मीरा कुमारी को भी एसीबी ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह ऐसे समय में आया है जब झारखंड में भ्रष्टाचार के विरुद्ध अभियान तेज किया गया है।

आगे की कानूनी कार्रवाई

एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुलेखा कुमारी सपना के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आवश्यक पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक पैटर्न बनाती है। सवाल केवल एक अधिकारी की नैतिकता का नहीं, बल्कि उस निगरानी तंत्र का है जो 2021 की गिरफ्तारी के बाद भी थाने की कार्यसंस्कृति को नहीं बदल सका। एसीबी का ट्रैप ऑपरेशन प्रतिक्रियात्मक है — जबकि ज़रूरत एक ऐसी प्रणाली की है जो रिश्वत की मांग को उठने से पहले ही रोके। झारखंड पुलिस प्रशासन को यह स्पष्ट करना होगा कि 2021 के बाद सुधार के लिए क्या कदम उठाए गए और वे क्यों नाकाफी साबित हुए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

खूंटी महिला थाना प्रभारी को किस आरोप में गिरफ्तार किया गया?
थाना प्रभारी सुलेखा कुमारी सपना को एसीबी ने ₹50,000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया। एसीबी अधिकारियों के अनुसार, यह रिश्वत थाने में दर्ज एक मामले में आरोपी का नाम हटाने और जांच में राहत देने के एवज में मांगी गई थी।
एसीबी ने यह गिरफ्तारी कैसे की?
शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार कर एसीबी रांची में शिकायत दर्ज कराई। ब्यूरो ने सत्यापन के बाद ट्रैप ऑपरेशन चलाया, जिसमें सादे लिबास में तैनात टीम ने थाना प्रभारी को रिश्वत की राशि स्वीकार करते हुए पकड़ा।
क्या खूंटी महिला थाने में पहले भी ऐसी घटना हुई है?
हाँ, वर्ष 2021 में भी इसी थाने की तत्कालीन प्रभारी मीरा कुमारी को एसीबी ने कथित तौर पर रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था। यह चार वर्षों में उसी थाने से जुड़ी दूसरी ऐसी गिरफ्तारी है।
गिरफ्तार थाना प्रभारी के खिलाफ आगे क्या होगा?
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, सुलेखा कुमारी सपना के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है। आवश्यक पूछताछ पूरी होने के बाद उन्हें सक्षम न्यायालय में पेश किया जाएगा।
झारखंड में एसीबी का भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान क्या है?
झारखंड में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) सरकारी कर्मचारियों द्वारा रिश्वत मांगे जाने की शिकायतों पर ट्रैप ऑपरेशन चलाता है। शिकायत मिलने पर सत्यापन के बाद सुनियोजित कार्रवाई की जाती है और आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार किया जाता है।
राष्ट्र प्रेस
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