क्या जम्मू-कश्मीर के बडगाम में पटवारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया?

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क्या जम्मू-कश्मीर के बडगाम में पटवारी को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया?

सारांश

क्या जम्मू-कश्मीर के बडगाम में एक पटवारी को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा गया? जानिए इस भ्रष्टाचार के मामले में एंटी करप्शन ब्यूरो की कार्रवाई और उसके पीछे की कहानी।

Key Takeaways

  • भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
  • एंटी करप्शन ब्यूरो की सक्रियता बढ़ रही है।
  • शिकायतकर्ताओं को अपनी आवाज उठानी चाहिए।
  • अधिकारियों की जवाबदेही महत्वपूर्ण है।
  • भ्रष्टाचार की घटनाओं में वृद्धि को रोकने के लिए जागरूकता आवश्यक है।

श्रीनगर, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने शनिवार को बडगाम जिले में एक पटवारी (राजस्व क्लर्क) को 10,000 रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। यह जानकारी अधिकारियों ने दी।

अधिकारियों ने बताया कि जम्मू-कश्मीर एसीबी ने बडगाम जिले में रिश्वत मांगने और लेने के आरोप में एक राजस्व क्लर्क (पटवारी) को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है।

एक बयान में कहा गया है कि एसीबी को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें शिकायतकर्ता ने बैंक गारंटी के लिए राख सूथू बागत-ए-कनीपोरा स्थित संपत्ति के लिए राजस्व विवरण और बैंक ग्रहणाधिकार प्रमाण पत्र जारी करने के लिए आवेदन किया था।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि हलका राख सूथू के संबंधित पटवारी रियाज अहमद खान ने आवश्यक दस्तावेज तैयार करने और उपलब्ध कराने के लिए 10,000 से 30,000 रुपए तक की रिश्वत की मांग की।

बयान में कहा गया कि शिकायतकर्ता ने भ्रष्टाचार का विरोध करने का संकल्प व्यक्त करते हुए आरोपी अधिकारी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए श्रीनगर एसीबी से संपर्क किया।

शिकायत के बाद एक गोपनीय सत्यापन किया गया, जिससे लोक सेवक द्वारा रिश्वत की मांग की पुष्टि हुई।

इसके बाद, श्रीनगर एसीबी पुलिस स्टेशन में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत एफआईआर दर्ज की गई और जांच शुरू की गई।

जांच के दौरान, एक ट्रैप टीम गठित की गई, जिसने सफलतापूर्वक जाल बिछाकर आरोपी पटवारी को शिकायतकर्ता से 10,000 रुपए की रिश्वत मांगते और लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा। आरोपी लोक सेवक को हिरासत में ले लिया गया।

अधिकारियों ने बताया कि आगे की जांच जारी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी पहले भी इसी तरह के कृत्यों में शामिल था या नहीं और यदि कोई अन्य अधिकारी इसमें शामिल है तो उसकी पहचान की जा सके।

Point of View

यह घटना जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण कदम है। इसने यह साबित किया है कि एंटी करप्शन ब्यूरो सक्रिय है और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठा रहा है। नागरिकों को इस तरह की गतिविधियों के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और अधिकारियों पर विश्वास बनाए रखना चाहिए।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

पटवारी का नाम क्या है?
पटवारी का नाम रियाज अहमद खान है।
रिश्वत की राशि कितनी थी?
रिश्वत की राशि 10,000 रुपए थी।
किस कानून के तहत कार्रवाई की गई?
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के अंतर्गत कार्रवाई की गई।
क्या आगे की जांच जारी है?
हाँ, आगे की जांच जारी है।
यह मामला किस क्षेत्र में हुआ?
यह मामला बडगाम जिले में हुआ।
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