दक्षिण कोरिया में 'सारंग-भारत महोत्सव' का 12वाँ संस्करण शुरू, ओडिसी नृत्य और कार्यशालाओं से दिखेगी भारतीय संस्कृति
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय दूतावास, सियोल ने 14 सितंबर 2026 को घोषणा की कि दक्षिण कोरिया में भारत के प्रमुख वार्षिक सांस्कृतिक आयोजन 'सारंग — कोरिया में भारत का त्योहार' का 12वाँ संस्करण मंगलवार से शुरू होगा और 22 सितंबर 2026 तक चलेगा। इस महोत्सव में सियोल, दक्षिण-पूर्वी शहरों बुसान और गिम्हे, दक्षिण-पश्चिमी शहर ग्वांगजू और अन्य क्षेत्रों में पारंपरिक नृत्य प्रदर्शन तथा सांस्कृतिक कार्यशालाएँ आयोजित की जाएंगी।
महोत्सव का उद्देश्य और इतिहास
2015 में शुरू हुए इस महोत्सव का मूल उद्देश्य भारत की विविध और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को कोरियाई दर्शकों के सामने प्रस्तुत करना और दोनों देशों के बीच जन-से-जन संपर्क को प्रगाढ़ बनाना है। गौरतलब है कि यह महोत्सव भारत-कोरिया द्विपक्षीय संबंधों को सॉफ्ट पावर के माध्यम से मज़बूत करने की व्यापक कूटनीतिक रणनीति का हिस्सा है।
ओडिसी नृत्य — इस वर्ष का मुख्य आकर्षण
इस वर्ष के महोत्सव में भारत की प्रतिष्ठित शास्त्रीय नृत्य परंपरा ओडिसी केंद्र में रहेगी। प्रसिद्ध नृत्यांगना मधुलिता मोहपात्रा के नेतृत्व में एक दल मंगलवार को सियोल के इवा वुमन यूनिवर्सिटी में उद्घाटन प्रदर्शन देगा और उसके बाद अन्य शहरों का दौरा करेगा। यह दल कोरियाई नृत्य प्रेमियों के लिए विशेष कार्यशालाएँ भी आयोजित करेगा, जिससे आम कोरियाई नागरिक भारतीय शास्त्रीय नृत्य की बारीकियाँ प्रत्यक्ष रूप से अनुभव कर सकेंगे।
भारतीय फिल्म महोत्सव और हेरिटेज कोरिया में भागीदारी
सारंग महोत्सव के अतिरिक्त, 14वाँ भारतीय फिल्म महोत्सव नवंबर में आयोजित होने की योजना है। इसमें 'अगेंस्ट द ऑड्स: ऑर्डिनरी लाइव्स, एक्स्ट्राऑर्डिनरी करेज' थीम के अंतर्गत कोरियाई सबटाइटल के साथ छह पुरस्कार विजेता भारतीय फिल्में प्रदर्शित की जाएंगी।
इससे पहले, भारतीय दूतावास ने 11-12 सितंबर को ग्योंगजू में आयोजित हेरिटेज कोरिया 2026 में भी भाग लिया, जिसमें आंध्र प्रदेश, राजस्थान और हिमाचल प्रदेश की पारंपरिक कलाओं और शिल्पों का प्रदर्शन किया गया। दूतावास के अनुसार, मेहंदी और मंडला कला ने आगंतुकों को भारत की सांस्कृतिक परंपराओं का एक इमर्सिव, हैंड्स-ऑन अनुभव प्रदान किया।
सिंचोन वर्ल्ड यूथ फेस्टिवल में भारत की उपस्थिति
भारतीय दूतावास ने 12-13 सितंबर को आयोजित सिंचोन वर्ल्ड यूथ फेस्टिवल में भी सक्रिय भागीदारी दर्ज की, जहाँ भारतीय संस्कृति की विविधता को प्रदर्शित किया गया। आगंतुकों ने मंडला कला और मेहंदी के हैंड्स-ऑन अनुभवों का आनंद लिया। एसवीसीसी के कथक शिक्षकों और छात्रों द्वारा एक मनमोहक कथक प्रदर्शन ने भारतीय शास्त्रीय परंपराओं की सुंदरता को मंच पर जीवंत कर दिया।
आगे क्या होगा
सारंग महोत्सव का यह संस्करण 22 सितंबर 2026 तक कोरिया के कई शहरों में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों और कार्यशालाओं के साथ जारी रहेगा। इसके बाद नवंबर में भारतीय फिल्म महोत्सव के साथ भारत की सांस्कृतिक कूटनीति का यह सिलसिला और आगे बढ़ेगा, जो दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक और जन-संबंधों को नई ऊँचाई देने का काम करेगा।