हिंदी दिवस 2026: एकनाथ शिंदे बोले — हिंदी भारतीय भाषाओं की प्रतिद्वंद्वी नहीं, जोड़ने वाली कड़ी है
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने 14 सितंबर 2026 को नवी मुंबई में आयोजित 'छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन' में स्पष्ट किया कि हिंदी भारत की किसी भी क्षेत्रीय भाषा की प्रतिस्पर्धी नहीं है, बल्कि देश की विविध भाषाई विरासत को एकसूत्र में पिरोने वाली भाषा है। यह सम्मेलन हिंदी दिवस के अवसर पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की विशेष उपस्थिति में संपन्न हुआ।
सम्मेलन में क्या कहा शिंदे ने
शिंदे ने अपने संबोधन में कहा कि भारत की असली ताकत क्षेत्रीय भाषाओं के सम्मान और गौरव की रक्षा करने में है, और साथ ही हिंदी के व्यापक उपयोग को प्रोत्साहित करने में भी। उन्होंने देवनागरी लिपि के माध्यम से मराठी और हिंदी के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक व सांस्कृतिक संबंधों को रेखांकित किया।
उन्होंने कहा कि संत ज्ञानेश्वर, संत तुकाराम और संत नामदेव की शिक्षाओं ने न केवल महाराष्ट्र की आध्यात्मिक परंपराओं को समृद्ध किया, बल्कि पूरे भारत में सांस्कृतिक एकता की नींव भी रखी। संत नामदेव की रचनाओं के पंजाब तक पहुँचने और गुरु ग्रंथ साहिब को प्रभावित करने का उदाहरण देते हुए शिंदे ने कहा कि भारतीय भाषाएँ सदियों से आपस में संवाद करती रही हैं।
हिंदी का विस्तार — उद्देश्य और दिशा
शिंदे ने कबीर, तुलसीदास और मीराबाई से लेकर आधुनिक हिंदी साहित्य तक का उल्लेख करते हुए कहा कि हिंदी ने लगातार भारतीय संस्कृति और विचारों को जन-जन तक पहुँचाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि हिंदी के प्रचार-प्रसार का उद्देश्य किसी भी क्षेत्रीय भाषा को विस्थापित करना नहीं, बल्कि सभी भाषाओं के साथ मिलकर आगे बढ़ना है।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी वकालत की कि हिंदी का दायरा रोज़मर्रा की बातचीत से आगे बढ़कर विज्ञान, प्रौद्योगिकी, न्यायपालिका, पुलिस और सामान्य प्रशासन जैसे क्षेत्रों तक पहुँचना चाहिए। उनके अनुसार, इससे नागरिकों और सरकार के बीच संवाद अधिक सुगम और प्रभावी बन सकेगा।
मराठी और हिंदी — साथ-साथ गौरव
शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र ने सदैव सभी भाषाओं और संस्कृतियों का सम्मान किया है। उन्होंने मराठी को 'शास्त्रीय भाषा' का दर्जा मिलने को महाराष्ट्र के लिए गर्व का विषय बताया और कहा कि राज्य उतने ही उत्साह के साथ हिंदी का भी सम्मान करता है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के नेतृत्व में सरकारी कामकाज में हिंदी के बढ़ते उपयोग की सराहना करते हुए, मंत्रालय की फाइलों को हिंदी में निपटाने के प्रति शाह की व्यक्तिगत प्रतिबद्धता का भी उल्लेख किया।
महाराष्ट्र की भूमिका और 'विकसित भारत 2047'
शिंदे ने मुंबई को देश की आर्थिक राजधानी और महाराष्ट्र को भारत की आर्थिक प्रगति का इंजन बताया। उन्होंने राज्य की 'डबल-इंजन' सरकार द्वारा विकास की गति तेज़ करने का उल्लेख करते हुए भरोसा जताया कि 'विकसित भारत 2047' के लक्ष्य में महाराष्ट्र का योगदान निर्णायक रहेगा।
उन्होंने महाराष्ट्र के उद्योग, व्यापार और सामाजिक विकास में हिंदी भाषी नागरिकों के योगदान को स्वीकार करते हुए उनसे देश की प्रगति में अपने प्रयास जारी रखने की अपील की। शिंदे ने इस सम्मेलन को 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के विजन को साकार करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव बताया।