हिंदी दिवस 2026: अमित शाह मुंबई में छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 सितंबर 2026 को मुंबई में हिंदी दिवस 2026 और छठे अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन के उद्घाटन सत्र को संबोधित करेंगे। यह आयोजन महाराष्ट्र की समृद्ध भाषाई, सांस्कृतिक और साहित्यिक परंपराओं के साथ हिंदी के सजीव संबंध को रेखांकित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है। आधिकारिक बयान के अनुसार, यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के राजभाषा-संवर्धन के विज़न से प्रेरित है।
मुख्य अतिथि और प्रतिभागी
इस दो दिवसीय सम्मेलन में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सुनेत्रा पवार की उपस्थिति रहेगी। इसके अलावा सांसद, विद्वान, साहित्यकार, शिक्षाविद और केंद्र सरकार के विभिन्न मंत्रालयों तथा विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी सम्मेलन में शामिल होंगे।
राजभाषा पुरस्कार और प्रकाशन
उद्घाटन सत्र में अमित शाह वर्ष 2025-26 के लिए 'राजभाषा गौरव' और 'राजभाषा कीर्ति' पुरस्कार प्रदान करेंगे। ये पुरस्कार राजभाषा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों और व्यक्तियों को दिए जाते हैं। सम्मेलन के विभिन्न सत्रों में कई महत्वपूर्ण पुस्तकें और प्रकाशन भी लॉन्च किए जाएंगे, जिनमें राजभाषा विभाग की पत्रिका 'राजभाषा भारती' का एक विशेष अंक — जो राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम' पर केंद्रित है — प्रमुख है। इनके अतिरिक्त 'भारतीय ज्ञान तंत्र: स्रोत और स्वरूप', 'शिव अनादि हैं, अनंत हैं' और 'अंधेरों से उजालों तक' — जो जेल के कैदियों की रचनाओं का संग्रह है — भी प्रकाशित किए जाएंगे।
वंदे मातरम पर विशेष सत्र
इस वर्ष के सम्मेलन का एक विशेष आकर्षण 'वंदे मातरम' पर केंद्रित चर्चा सत्र होगा। इसमें इस राष्ट्रीय गीत के रचयिता बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की पाँचवीं पीढ़ी के वंशज जॉयदीप चट्टोपाध्याय की विशेष उपस्थिति रहेगी। गौरतलब है कि इस प्रकार का वंशानुगत संबंध आयोजन को एक भावनात्मक और ऐतिहासिक गहराई प्रदान करता है।
सम्मेलन का पृष्ठभूमि और महत्व
गृह मंत्रालय (MHA) का राजभाषा विभाग वर्ष 2021 से प्रतिवर्ष 'अखिल भारतीय राजभाषा सम्मेलन' का आयोजन करता आ रहा है। यह छठा ऐसा सम्मेलन है, जो पहली बार महाराष्ट्र में आयोजित हो रहा है — जो स्वयं एक बहुभाषी राज्य है। सम्मेलन में 'टाउन ऑफिशियल लैंग्वेज इम्प्लीमेंटेशन कमेटियों' की भूमिका पर भी एक विशेष सत्र होगा, जो ज़मीनी स्तर पर राजभाषा क्रियान्वयन को मज़बूत बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण है।
प्रदर्शनी और अन्य गतिविधियाँ
सम्मेलन स्थल पर एक विशेष प्रदर्शनी का भी आयोजन किया जा रहा है, जिसमें विभिन्न संस्थानों, संगठनों, बैंकों और मंत्रालयों के स्टॉल लगाए जाएंगे। यह आयोजन राजभाषा हिंदी को सरकारी कामकाज में और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक ठोस प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।