साहिबगंज में 50 हजार की रिश्वत लेते हुए आपूर्ति पदाधिकारी गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- साहिबगंज में एसीबी की कार्रवाई से भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश मिलता है।
- रिश्वतखोरी की यह गिरफ्तारी झारखंड में जारी अभियान का हिस्सा है।
- आरोपी अधिकारी ने जन वितरण प्रणाली के तहत अवैध राशि की मांग की थी।
- एसीबी ने जनता से रिश्वत के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।
- अगली जांच में आरोपियों के संपत्ति का विवरण भी देखा जाएगा।
रांची/साहिबगंज, 19 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की दुमका इकाई ने गुरुवार को साहिबगंज जिले के बरहरवा में एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की। एसीबी की टीम ने ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर निरंजन कुमार को एक जन वितरण प्रणाली डीलर से 50 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी अधिकारी ने राशन की आपूर्ति और विभागीय कार्यों को सुचारू रूप से चलाने के नाम पर अवैध राशि की मांग की थी। पीड़ित डीलर की शिकायत पर जाल बिछाकर बैठी एसीबी की टीम ने जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की पहली किस्त हाथ में ली, उसे दबोच लिया।
झारखंड में मार्च महीने में रिश्वतखोरी के खिलाफ जांच एजेंसियों की कार्रवाई में यह सातवीं गिरफ्तारी है। 17 मार्च को सीबीआई ने बोकारो के भोजूडीह में दक्षिण पूर्व रेलवे के एक जूनियर इंजीनियर (इलेक्ट्रिकल) को बिजली कनेक्शन देने के नाम पर 15,000 रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा था।
इससे पहले 13 मार्च को देवघर में रिंग रोड परियोजना के मुआवजे की राशि जारी करने के बदले 5 प्रतिशत कमीशन मांग रहे जिला भू-अर्जन कार्यालय के दो कर्मियों, निरंजन और नुनु देव, को एसीबी ने गिरफ्तार किया था। 12 मार्च को हजारीबाग एसीबी की टीम ने कोडरमा के चंदवारा थाना में पदस्थापित दारोगा पवन कुमार राम को शराब मामले को रफा-दफा करने के एवज में 15 हजार रुपए लेते गिरफ्तार किया था। उसी दिन गुमला जिले के विशुनपुर में एक महिला पंचायत सचिव किरण कुसुम खलखो को कुएं की मरम्मत का बिल पास करने के नाम पर 8 हजार रुपए की रिश्वत लेते पकड़ा गया।
जांच एजेंसियां अब आरोपियों के आय से अधिक संपत्ति और उनके सिंडिकेट की भी जांच कर रही हैं। एसीबी ने राज्य की आम जनता से अपील की है कि वे सरकारी दफ्तरों में किसी भी काम के बदले 'कमीशन' न दें और यदि कोई कर्मचारी रिश्वत का दबाव बनाता है, तो तुरंत टोल-फ्री नंबर या संबंधित ब्यूरो कार्यालय में इसकी सूचना दें।