राजस्थान में एसीबी ने 20,000 रुपये की रिश्वत लेते पुलिस कांस्टेबल और एक अन्य को किया गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने एक पुलिस कांस्टेबल और एक अन्य व्यक्ति को गिरफ्तार किया।
- गिरफ्तारी 20,000 रुपये की रिश्वत के आरोप में हुई।
- जांच का कार्य एसीबी के उच्च अधिकारियों के तहत चल रहा है।
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी की सक्रियता प्रशंसनीय है।
जयपुर, 26 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान के अलवर जिले में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रिश्वत के आरोप में एक पुलिस कांस्टेबल सहित दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इस समय गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) स्मिता श्रीवास्तव तथा पुलिस महानिरीक्षक (भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो) एस. परिमला की देखरेख में आगे की जांच चल रही है।
सूत्रों के अनुसार, यह मामला कठूमर पुलिस स्टेशन से जुड़ा है, जहां एक पुलिस कांस्टेबल पर रिश्वत मांगने के आरोप लगाए गए हैं। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविंद गुप्ता ने बताया कि यह गिरफ्तारी तब हुई जब उन्हें हेल्पलाइन (1064) पर एक शिकायत प्राप्त हुई।
शिकायतकर्ता ने कहा कि एएसआई नरेंद्र सिंह, कांस्टेबल रामेश्वर सिंह (नंबर 17), और निरंजन सिंह नाम का एक अन्य व्यक्ति कठूमर पुलिस स्टेशन में उसके चचेरे भाई के खिलाफ दर्ज मामले में मदद के लिए 20,000 रुपए की मांग कर रहे थे।
शिकायत पर कार्रवाई करते हुए भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने जयपुर रेंज के उप महानिरीक्षक (डीआईजी) अनिल कायल की देखरेख में एक विशेष प्रक्रिया शुरू की।
जब आरोपों की पुष्टि हुई, तो भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो, दौसा इकाई के पुलिस उपाधीक्षक (डिप्टी एससी) रविंद्र सिंह के नेतृत्व में एक जाल बिछाया गया। इस दौरान कांस्टेबल रामेश्वर सिंह और निरंजन सिंह को शिकायतकर्ता से रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया।
रिपोर्ट के अनुसार, यह राशि निरंजन सिंह के पास थी, और भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की टीम ने पूरी 20,000 रुपए बरामद कर लिए। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि एएसआई नरेंद्र सिंह की भूमिका की जांच की जा रही है और उनकी गिरफ्तारी अभी बाकी है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो ने कहा कि भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7ए समेत अन्य धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया जाएगा। इस मामले में आगे की कानूनी कार्यवाही जारी है।