भ्रष्टाचार के खिलाफ सीबीआई की निर्णायक कार्रवाई: एसबीआई लोन अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई की कार्रवाई ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक और कदम उठाया है।
- रूफटॉप सोलर योजना के तहत लोन अधिकारी की भूमिका संदिग्ध है।
- जांच जारी है और आगे के सबूत जुटाए जा रहे हैं।
नई दिल्ली/गुवाहाटी, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने एक महत्वपूर्ण सफलता प्राप्त की है। इस जांच एजेंसी ने असम के कामरूप (ग्रामीण) जिले में भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) की गुमी शाखा के सहायक प्रबंधक/लोन अधिकारी को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया।
यह मामला 12 मार्च 2026 को दर्ज किया गया था, जिसके बाद यह गिरफ्तारी की गई। सीबीआई के अनुसार, आरोपी ने ग्राहकों के रूफटॉप सोलर इलेक्ट्रिफिकेशन (छत पर सौर ऊर्जा व्यवस्था) योजना के तहत लोन आवेदनों को प्रोसेस करने के लिए शिकायतकर्ता से 16,000 रुपए की रिश्वत की मांग की थी।
सरकारी योजनाओं के तहत सौर ऊर्जा लोन का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छ ऊर्जा को प्रोत्साहित करना है, लेकिन आरोपी ने इसे व्यक्तिगत लाभ लेने के लिए उपयोग करने का प्रयास किया।
शिकायत मिलने के बाद, सीबीआई ने जाल बिछाया और आरोपी ने शिकायतकर्ता से 16,000 रुपए की राशि मांगी और स्वीकार की, जिसके चलते उसे रंगे हाथों पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी के ठिकानों पर तलाशी ली गई, जिसमें संबंधित दस्तावेज और अन्य सबूत जब्त किए गए।
सीबीआई ने आरोपी को गुवाहाटी की विशेष सीबीआई अदालत में पेश किया, जहां से उसे रिमांड या न्यायिक हिरासत में भेजा जाएगा। जांच जारी है और आगे के सबूत जुटाए जा रहे हैं। यह मामला भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है, जिसमें रिश्वत मांगना और लेना दोनों ही अपराध हैं।
यह घटना सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में बैंक अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाती है। रूफटॉप सोलर योजना केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी पहल है, जिसके तहत ग्रामीण परिवारों को सस्ती बिजली और सब्सिडी प्राप्त होती है। लेकिन ऐसे मामलों से योजना की विश्वसनीयता पर असर पड़ सकता है। सीबीआई ने हाल के वर्षों में बैंकिंग क्षेत्र में रिश्वत और धोखाधड़ी के कई मामले उजागर किए हैं, जिसमें असम के कई बैंक अधिकारी भी शामिल रहे हैं।