दिल्ली में सीबीआई की कार्रवाई: एमसीडी के अभियंता को रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया
सारांश
Key Takeaways
- सीबीआई की कार्रवाई: एमसीडी के अभियंता को रिश्वत लेते पकड़ा गया।
- रिश्वत की राशि: 20,000 रुपए की मांग की गई थी।
- ट्रैप ऑपरेशन: 19 मार्च को कार्रवाई की गई।
- भ्रष्टाचार के खिलाफ मुहिम: सीबीआई की निरंतर कोशिश।
- जनता की भूमिका: शिकायतें महत्वपूर्ण हैं।
नई दिल्ली, 21 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली में भ्रष्टाचार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कार्रवाई के तहत सीबीआई ने एक नगर निगम के सहायक अभियंता (एई) को रिश्वत लेते समय रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने शनिवार को इस संदर्भ में जानकारी दी।
गिरफ्तार किए गए अभियंता की पहचान हुकम सिंह मीना के रूप में हुई है, जो कि दिल्ली नगर निगम के शाहदरा साउथ जोन के गाजीपुर स्थित क्यूयूसी ऑफिस में कार्यरत था। सीबीआई के अनुसार, आरोपी एक शिकायतकर्ता से सरकारी काम के बदले रिश्वत की मांग कर रहा था और इसी दौरान उसे पकड़ा गया।
सीबीआई ने बताया कि इस मामले में 18 मार्च को एक मामला दर्ज किया गया था। आरोप था कि हुकम सिंह मीना ने शिकायतकर्ता की बिल वेरिफिकेशन फाइल को क्लियर करने के लिए 20,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत मिलने के बाद, एजेंसी ने 19 मार्च को एक ट्रैप ऑपरेशन चलाया।
इस ऑपरेशन में आरोपी को 18,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया। वर्तमान में आरोपी को हिरासत में लेकर आगे की जांच की जा रही है। एजेंसी यह भी जानने की कोशिश कर रही है कि इस मामले में और कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
सीबीआई ने कहा कि यह कार्रवाई सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनकी लगातार मुहिम का हिस्सा है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि शासन में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करना उनकी प्राथमिकता है।
साथ ही, सीबीआई ने आम जनता से अपील की है कि यदि कोई सरकारी कर्मचारी रिश्वत मांगता है या गलत तरीके से काम करता है, तो उसकी सूचना तुरंत दें। अधिकारियों ने कहा कि जनता की शिकायतें ऐसे मामलों में कार्रवाई का सबसे बड़ा आधार होती हैं। दोषी पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें जुर्माना और जेल की सजा भी शामिल हो सकती है।
गौरतलब है कि हाल के दिनों में सीबीआई ने कई अन्य कार्रवाई भी की हैं। 17 मार्च को, एजेंसी ने साउथ ईस्टर्न रेलवे के जूनियर इंजीनियर रविंद्र कुमार को झारखंड में एक निजी कंपनी से रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया था। वहीं, 16 मार्च को उत्तर प्रदेश में ईसीएचएस से जुड़े मेडिकल ऑफिसर डॉ. आशीष शाक्य और एक निजी अस्पताल के अधिकारी बिजेंद्र सिंह को भी रिश्वत के मामले में पकड़ा गया था।