2 अगस्त 2026
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क्या जम्मू-कश्मीर में एसीबी ने रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया?

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क्या जम्मू-कश्मीर में एसीबी ने रिश्वत लेते हेड कांस्टेबल को गिरफ्तार किया?

सारांश

जम्मू-कश्मीर के माहौर पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद ने रिश्वत लेते हुए एसीबी के हाथों पकड़ा। यह मामला भ्रष्टाचार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को उजागर करता है। क्या यह केवल शुरुआत है?

मुख्य बातें

एसीबी ने भ्रष्टाचार के खिलाफ एक सख्त कदम उठाया है।
रिश्वतखोरी की संस्कृति को समाप्त करने की आवश्यकता है।
समाज में जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।

रियासी, 4 अक्टूबर (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने रियासी जिले के माहौर पुलिस स्टेशन में तैनात हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद को 8,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों पकड़ा है।

शिकायतकर्ता ने एसीबी को बताया कि एक मामले में अंतरिम जमानत मिलने के बाद, उसे 25 सितंबर को न्यायालय के आदेशानुसार प्रतिदिन थाना माहौर में उपस्थिति दर्ज करानी थी।

शिकायतकर्ता ने हेड कांस्टेबल पर आरोप लगाया कि वह इस दौरान उसे अनावश्यक रूप से परेशान कर रहा था और समय पर रिहाई देने के लिए उससे 8,000 रुपए की रिश्वत की मांग की, जिसे उसने 1 अक्टूबर को थाना परिसर के अंदर ही दे दिया था।

इसके बावजूद आरोपी हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद यहीं नहीं रुका। दो दिन बाद उसने शिकायतकर्ता और उसके सहयोगी को फिर से धमकाया और उनके ट्रैक्टर को छोड़ने व समय पर रिहाई के लिए 12,000 रुपए की अतिरिक्त रिश्वत की मांग की।

शिकायतकर्ता ने बताया कि महरूफ अहमद ने कहा कि अगर समय पर पैसा नहीं मिला तो उन पर सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया जाएगा और उन्हें फिर से जेल जाना पड़ सकता है। अगर जेल नहीं जाना है और 12,000 नहीं दे पा रहा है तो 8,000 रुपए दे। इसके बाद शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी से संपर्क किया। मामले की जानकारी होने पर एसीबी ने पूरे मामले की गोपनीय तरीके से जांच की और जांच में सही पाए जाने पर कार्रवाई शुरू की।

एसीबी ने इसके बाद भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की संबंधित धाराओं के तहत एसीबी उधमपुर में एफआईआर दर्ज की और टीम ने गवाहों की उपस्थिति में आरोपी हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद को शिकायतकर्ता से 8,000 रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।

एसीबी के अधिकारियों ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है। आरोपी हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद इससे पहले कितने लोगों से पैसा ले चुका है, किस-किस मुकदमे पर कार्रवाई नहीं होने दी है, और इसमें कौन-कौन अधिकारी शामिल है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एसीबी ने हेड कांस्टेबल को किस मामले में गिरफ्तार किया?
एसीबी ने हेड कांस्टेबल महरूफ अहमद को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है।
हेड कांस्टेबल ने कितनी राशि की रिश्वत मांगी थी?
हेड कांस्टेबल ने 8,000 रुपए की रिश्वत मांगी थी।
क्या शिकायतकर्ता ने एसीबी से संपर्क किया?
हाँ, शिकायतकर्ता ने रिश्वत देने से इनकार करते हुए एसीबी से संपर्क किया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कब लागू हुआ था?
यह अधिनियम 1988 में लागू हुआ था।
एसीबी की आगे की कार्रवाई क्या होगी?
एसीबी मामले में आगे की जांच जारी रखेगी।
राष्ट्र प्रेस
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