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जम्मू-कश्मीर: एंटी करप्शन ब्यूरो ने मीटर रीडर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया

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जम्मू-कश्मीर: एंटी करप्शन ब्यूरो ने मीटर रीडर को रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया

सारांश

जम्मू-कश्मीर के राजौरी में एंटी करप्शन ब्यूरो ने एक मीटर रीडर को बिजली बिल में हेरफेर के आरोप में रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोपी ने रिश्वत मांगी थी।

मुख्य बातें

भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़ा।
शिकायतकर्ता ने एसीबी में लिखित शिकायत दर्ज कराई।
जांच प्रक्रिया जारी है।
सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।

राजौरी, 17 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम उठाते हुए एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने पावर डेवलपमेंट डिपार्टमेंट (पीडीडी) के एक मीटर रीडर को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी की पहचान आरिफ इकबाल के रूप में हुई है, जो पीडीडी राजौरी में मीटर रीडर के पद पर कार्यरत था।

एसीबी ने इस मामले में थाना एसीबी राजौरी में एफआईआर संख्या 03/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7 के तहत 17 मार्च 2026 को मामला दर्ज किया। यह कार्रवाई एक शिकायत के आधार पर की गई, जिसमें आरोप लगाया गया था कि मीटर रीडर आरिफ इकबाल ने बिजली बिल में हेरफेर करने के नाम पर रिश्वत की मांग की थी।

शिकायतकर्ता ने बताया कि वह 2019 से 2021 तक टायर की दुकान चलाता था, जो बाद में बंद हो गई। इसके बावजूद उसका बिजली कनेक्शन चालू था और वह नियमित रूप से बिल का भुगतान कर रहा था। फरवरी 2026 में उसे 31 दिसंबर 2025 से 31 जनवरी 2026 की अवधि का 2,497 रुपए का बिजली बिल मिला। इसी दौरान मीटर रीडर आरिफ इकबाल ने उससे संपर्क कर बिजली बिल को ठीक करने के लिए 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी। जब शिकायतकर्ता ने मना किया और कहा कि वह मीटर रीडिंग के अनुसार ही बिल देगा, तो आरोपी ने उसे धमकी दी कि उसका बिल बढ़ा दिया जाएगा।

इसके बाद 5 मार्च 2026 को आरोपी फिर आया और 31 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 की अवधि का 1,53,890 रुपए का भारी-भरकम बिल थमा दिया, जिसकी अंतिम तिथि 27 मार्च 2026 तय की गई थी। जब शिकायतकर्ता ने इतने अधिक बिल पर सवाल उठाया, तो आरोपी ने फिर 50 हजार रुपए की रिश्वत मांगी, जिसे बाद में बातचीत के बाद 30 हजार रुपए पर तय किया गया।

शिकायतकर्ता मीटर रीडर को रिश्वत नहीं देना चाहता था, इसलिए उसने एसीबी राजौरी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद एसीबी ने एक ट्रैप टीम गठित की और योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान एसीबी टीम ने आरोपी आरिफ इकबाल को शिकायतकर्ता से 30 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया। मौके पर ही उसे गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तारी के बाद एसीबी की टीम ने आरोपी के राजौरी स्थित आवास पर भी तलाशी अभियान चलाया। मामले में आगे की जांच जारी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिससे यह संदेश जाता है कि सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। एंटी करप्शन ब्यूरो की यह कार्रवाई प्रशंसा योग्य है और इसे अन्य स्थानों पर भी अपनाया जाना चाहिए।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

एंटी करप्शन ब्यूरो क्या है?
एंटी करप्शन ब्यूरो एक सरकारी एजेंसी है जो भ्रष्टाचार के मामलों की जांच करती है।
रिश्वत मांगने पर क्या कार्रवाई की गई?
एंटी करप्शन ब्यूरो ने आरोपी को रंगे हाथों पकड़कर गिरफ्तार किया।
इस मामले में आगे क्या होगा?
मामले की आगे की जांच जारी है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम क्या है?
यह अधिनियम भ्रष्टाचार से निपटने के लिए कानूनों का एक सेट है।
राष्ट्र प्रेस
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