16 सितंबर 2026
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रूस की 48 घंटे में आक्रामकता: काजा कल्लास बोलीं — यूरोप की एकजुटता तोड़ने की सोची-समझी साज़िश

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रूस की 48 घंटे में आक्रामकता: काजा कल्लास बोलीं — यूरोप की एकजुटता तोड़ने की सोची-समझी साज़िश

सारांश

EU विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने चेताया — रूस की 48 घंटों की हरकतें महज़ हादसे नहीं, बल्कि यूरोप की एकजुटता तोड़ने की सुनियोजित साज़िश हैं। डेनमार्क हेलीकॉप्टर पर फ्लेयर, लिथुआनिया में ड्रोन, यात्री ट्रेन पर हमला — और युद्ध के बाद से 500 से अधिक लोकोमोटिव नष्ट।

मुख्य बातें

EU विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने कहा कि पिछले 48 घंटों में रूस की हरकतें यूरोप की एकजुटता तोड़ने की सोची-समझी कोशिशें हैं।
रूसी युद्धपोत ने डेनमार्क के हेलीकॉप्टर पर फ्लेयर्स दागे; नाटो विमानों ने लिथुआनिया के ऊपर ड्रोन मार गिराया।
रूस ने यूक्रेन सीमा के पास यात्री ट्रेन पर हमला किया; पोलैंड ने अपने तट के पास ड्रोन बरामद किया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने एक्स पर कल्लास की पोस्ट रिपोस्ट करते हुए कहा — रूस यूरोप की सीमाओं, हवाई क्षेत्र और बुनियादी ढाँचे की परीक्षा ले रहा है।
युद्ध शुरू होने के बाद से रूसी हमलों में 500 से अधिक लोकोमोटिव क्षतिग्रस्त या नष्ट; इनमें से आधे से अधिक नुकसान केवल इसी वर्ष।
कल्लास ने स्पष्ट किया कि यूरोप यूक्रेन के लिए समर्थन कम नहीं करेगा ।

यूरोपीय संघ (EU) की विदेश नीति प्रमुख काजा कल्लास ने 16 सितंबर को स्पष्ट चेतावनी दी कि पिछले 48 घंटों में रूस ने जो खतरनाक और गैर-ज़िम्मेदाराना हरकतें की हैं, वे महज़ दुर्घटनाएँ नहीं हैं — बल्कि यूरोप के हौसले और एकजुटता को तोड़ने की सुनियोजित कोशिशें हैं। उन्होंने यूक्रेन के लिए यूरोपीय समर्थन जारी रखने का संकल्प दोहराया।

मुख्य घटनाक्रम: 48 घंटों में क्या-क्या हुआ

कल्लास ने एक के बाद एक घटनाओं का ब्यौरा देते हुए कहा कि रूसी युद्धपोत ने डेनमार्क के एक हेलीकॉप्टर की दिशा में फ्लेयर्स (सिग्नल रॉकेट) दागे। इसके अलावा, नाटो के लड़ाकू विमानों को लिथुआनिया के ऊपर एक ड्रोन मार गिराना पड़ा।

रूस ने यूक्रेन की सीमा के निकट एक यात्री ट्रेन को निशाना बनाया, जबकि पोलैंड ने अपने तट के पास एक ड्रोन बरामद किया। कल्लास ने कहा, 'हमें साफ तौर पर समझना होगा कि ये हादसे नहीं हैं। ये रूस की सोची-समझी कोशिशें हैं, जिनका मकसद हमारे हौसले और एकजुटता को कमज़ोर करना है।'

यूक्रेन के विदेश मंत्री की प्रतिक्रिया

यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कल्लास के बयान का पूरा समर्थन किया। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कल्लास की पोस्ट को रिपोस्ट करते हुए लिखा, 'बिल्कुल सही कहा, रूस यूरोप की परीक्षा ले रहा है। वह उसकी सीमाओं, हवाई क्षेत्र, बुनियादी ढाँचे और आखिरकार उसकी प्रतिक्रिया देने की तैयारी को परख रहा है।'

सिबिहा ने यह भी कहा कि रूस कई वर्षों से यूक्रेन के साथ जो कर रहा है, उसका असर अब धीरे-धीरे यूरोप की सीमाओं से बाहर भी दिखने लगा है। उनके अनुसार, हर बार जब किसी उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब नहीं मिलता, तो रूस को अगला कदम उठाने का हौसला मिलता है।

रेलवे ढाँचे पर व्यवस्थित हमले

सिबिहा ने एक अन्य पोस्ट में खुलासा किया कि रूस लगातार यूक्रेन भर में परिवहन और सप्लाई व्यवस्था को बाधित करने के लिए योजनाबद्ध हमले कर रहा है। सोमवार देर रात वोलिन क्षेत्र में पोलैंड की सीमा के पास रेलवे ढाँचे पर किए गए एक हमले में एक लोकोमोटिव (रेल इंजन) सीधे निशाना बना।

उन्होंने बताया कि युद्ध शुरू होने के बाद से रूस के हमलों में 500 से अधिक लोकोमोटिव क्षतिग्रस्त हो चुके हैं या पूरी तरह नष्ट हो गए हैं, और इनमें से आधे से अधिक नुकसान केवल इसी वर्ष हुआ है। यह आँकड़ा रूस की रणनीतिक मंशा को उजागर करता है।

यूरोप की प्रतिक्रिया और आगे की रणनीति

कल्लास ने दो-टूक कहा कि यूरोप यूक्रेन के लिए अपना समर्थन कम नहीं करेगा। सिबिहा ने भी स्पष्ट किया कि मॉस्को को यह समझना होगा कि यूरोप को डराने या अस्थिर करने की हर कोशिश की एक कीमत चुकानी पड़ेगी।

सिबिहा के अनुसार, रूस ताकत की भाषा समझता है और हिचकिचाहट का फ़ायदा उठाता है। इसलिए हर नई उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब यह होना चाहिए कि रूस को सैन्य, आर्थिक और तकनीकी रूप से पहले से कमज़ोर किया जाए। यह ऐसे समय में आया है जब यूरोप में रक्षा खर्च और यूक्रेन को हथियार आपूर्ति को लेकर आंतरिक बहस तेज़ हो रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इसकी तीव्रता और भौगोलिक विस्तार चिंताजनक है। असली सवाल यह है कि क्या यूरोप की एकजुटता केवल बयानों तक सीमित रहेगी या सैन्य और आर्थिक जवाबी कार्रवाई में तब्दील होगी। जब तक ठोस और समन्वित प्रतिक्रिया नहीं आती, मॉस्को को हर चुप्पी एक हरी झंडी की तरह दिखती रहेगी।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

काजा कल्लास ने रूस की किन हरकतों को खतरनाक बताया?
काजा कल्लास ने पिछले 48 घंटों में चार प्रमुख घटनाओं का उल्लेख किया — रूसी युद्धपोत द्वारा डेनमार्क के हेलीकॉप्टर पर फ्लेयर्स दागना, लिथुआनिया के ऊपर नाटो द्वारा ड्रोन मार गिराना, यूक्रेन सीमा के पास यात्री ट्रेन पर हमला, और पोलैंड के तट पर ड्रोन बरामदगी। उन्होंने इन्हें दुर्घटना नहीं बल्कि सुनियोजित साज़िश करार दिया।
यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने क्या कहा?
एंड्री सिबिहा ने एक्स पर कल्लास की पोस्ट रिपोस्ट करते हुए कहा कि रूस यूरोप की सीमाओं, हवाई क्षेत्र और बुनियादी ढाँचे की परीक्षा ले रहा है। उन्होंने चेताया कि हर उकसावे का जवाब न मिलने पर रूस और आक्रामक होता जाएगा और मॉस्को को इसकी कीमत चुकानी होगी।
रूस ने यूक्रेन के रेलवे ढाँचे को कितना नुकसान पहुँचाया है?
सिबिहा के अनुसार, युद्ध शुरू होने के बाद से रूसी हमलों में 500 से अधिक लोकोमोटिव क्षतिग्रस्त या पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। इनमें से आधे से अधिक नुकसान केवल इसी वर्ष हुआ है, जो रूस की परिवहन और सप्लाई व्यवस्था को बाधित करने की रणनीति को दर्शाता है।
EU यूक्रेन के लिए अपना समर्थन जारी रखेगा?
हाँ, काजा कल्लास ने स्पष्ट किया कि यूरोप यूक्रेन के लिए अपना समर्थन कम नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि रूस की हर उकसावे वाली कार्रवाई का जवाब उसे सैन्य, आर्थिक और तकनीकी रूप से कमज़ोर करके दिया जाना चाहिए।
रूस की 'ग्रे-ज़ोन' रणनीति यूरोप के लिए क्यों खतरनाक है?
रूस की यह रणनीति सीधे युद्ध और उकसावे के बीच की रेखा पर चलती है, जिससे नाटो और EU के लिए समन्वित जवाब देना मुश्किल हो जाता है। कल्लास और सिबिहा दोनों का मानना है कि अगर इन कार्रवाइयों पर सख्त प्रतिक्रिया नहीं दी गई, तो रूस और अधिक आक्रामक कदम उठा सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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