मेसी केरल दौरा घोटाला: एसआईटी ने न्यूज़ चैनल पर छापा मारा, पत्रकारों के फोन जब्त
सारांश
मुख्य बातें
स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने बुधवार, 16 सितंबर को तिरुवनंतपुरम स्थित एक न्यूज़ चैनल के मुख्यालय पर छापेमारी की — यह कार्रवाई लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम के 2025 में प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। इस दौरे को लेकर सामने आई अनियमितताओं की व्यापक पड़ताल के लिए केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 13 अगस्त को एसआईटी गठन का आदेश दिया था।
छापेमारी का घटनाक्रम
एसआईटी अधिकारी बुधवार सुबह न्यूज़ चैनल के हेडक्वार्टर पहुँचे और आधे घंटे से अधिक समय तक वहाँ मौजूद रहे। चैनल के अनुसार, अधिकारियों ने तलाशी का कोई कारण नहीं बताया और न ही कोई लिखित जानकारी दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन भी पुलिसकर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिए।
चैनल की ओर से आरोप लगाया गया है कि एसआईटी की इस कार्रवाई से उनके संपादकीय और प्रसारण कार्यों में गंभीर रुकावट आई। यह आरोप अभी तक अधिकारियों द्वारा न स्वीकार किया गया है और न ही नकारा गया है।
विपक्ष की प्रतिक्रिया
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने न्यूज़ चैनल पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस कार्रवाई का औचित्य स्पष्ट करे। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर बहस पहले से ही तेज़ है।
एसआईटी जांच की व्यापकता
13 अगस्त को मुख्यमंत्री सतीशन के आदेश के बाद गठित एसआईटी कई मोर्चों पर जांच कर रही है। इसमें प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सरकारी मंजूरियाँ और आदेश, कोच्चि स्टेडियम सौंपने की परिस्थितियाँ, इवेंट के सिलसिले में किए गए समझौते और मेसी व अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के नाम पर की गई विदेश यात्राएँ शामिल हैं।
गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही इस प्रोजेक्ट के संदर्भ में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर की अलग से जांच कर रहा है। एसआईटी और ईडी की समानांतर जांच इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।
मामले की पृष्ठभूमि
यह विवाद तब शुरू हुआ जब 2025 में मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन दौरा अंततः नहीं हो सका। इसके बाद कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। यह केरल में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के नाम पर कथित अनियमितता का एक असामान्य मामला है, जो राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।
आगे क्या होगा
एसआईटी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और स्थानों पर छापेमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ईडी की फेमा जांच के नतीजे भी एसआईटी की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। मीडिया संगठनों ने पत्रकारों के फोन जब्त किए जाने को लेकर कानूनी विकल्प तलाशने के संकेत दिए हैं।