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मेसी केरल दौरा घोटाला: एसआईटी ने न्यूज़ चैनल पर छापा मारा, पत्रकारों के फोन जब्त

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मेसी केरल दौरा घोटाला: एसआईटी ने न्यूज़ चैनल पर छापा मारा, पत्रकारों के फोन जब्त

सारांश

मेसी केरल दौरे का सपना घोटाले में बदल गया — एसआईटी अब न्यूज़ चैनलों तक पहुँच गई है, पत्रकारों के फोन जब्त हुए और ईडी ₹126 करोड़ के विदेशी ट्रांसफर की अलग जांच कर रहा है। यह मामला खेल, राजनीति और मीडिया स्वतंत्रता तीनों को एक साथ छू रहा है।

मुख्य बातें

एसआईटी ने 16 सितंबर को तिरुवनंतपुरम के एक न्यूज़ चैनल के मुख्यालय पर छापा मारा।
पुलिसकर्मी ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों और कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन अपने साथ ले गए।
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला बताया।
सतीशन ने 13 अगस्त को एसआईटी गठन का आदेश दिया था।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) फेमा के तहत विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर की अलग जांच कर रहा है।
जांच में कोच्चि स्टेडियम सौंपने, सरकारी मंजूरियों और विदेश यात्राओं की भी पड़ताल शामिल है।

स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने बुधवार, 16 सितंबर को तिरुवनंतपुरम स्थित एक न्यूज़ चैनल के मुख्यालय पर छापेमारी की — यह कार्रवाई लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम के 2025 में प्रस्तावित केरल दौरे से जुड़ी कथित वित्तीय अनियमितताओं की जांच के तहत की गई। इस दौरे को लेकर सामने आई अनियमितताओं की व्यापक पड़ताल के लिए केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 13 अगस्त को एसआईटी गठन का आदेश दिया था।

छापेमारी का घटनाक्रम

एसआईटी अधिकारी बुधवार सुबह न्यूज़ चैनल के हेडक्वार्टर पहुँचे और आधे घंटे से अधिक समय तक वहाँ मौजूद रहे। चैनल के अनुसार, अधिकारियों ने तलाशी का कोई कारण नहीं बताया और न ही कोई लिखित जानकारी दी। इस दौरान ड्यूटी पर तैनात पत्रकारों और अन्य कर्मचारियों के निजी मोबाइल फोन भी पुलिसकर्मियों ने अपने कब्जे में ले लिए।

चैनल की ओर से आरोप लगाया गया है कि एसआईटी की इस कार्रवाई से उनके संपादकीय और प्रसारण कार्यों में गंभीर रुकावट आई। यह आरोप अभी तक अधिकारियों द्वारा न स्वीकार किया गया है और न ही नकारा गया है।

विपक्ष की प्रतिक्रिया

विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने न्यूज़ चैनल पर हुई पुलिस कार्रवाई की कड़ी निंदा की और इसे मीडिया की स्वतंत्रता पर सीधा हमला करार दिया। उन्होंने मांग की कि सरकार इस कार्रवाई का औचित्य स्पष्ट करे। यह ऐसे समय में आया है जब केरल में प्रेस स्वतंत्रता को लेकर बहस पहले से ही तेज़ है।

एसआईटी जांच की व्यापकता

13 अगस्त को मुख्यमंत्री सतीशन के आदेश के बाद गठित एसआईटी कई मोर्चों पर जांच कर रही है। इसमें प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सरकारी मंजूरियाँ और आदेश, कोच्चि स्टेडियम सौंपने की परिस्थितियाँ, इवेंट के सिलसिले में किए गए समझौते और मेसी व अर्जेंटीना टीम को केरल लाने के नाम पर की गई विदेश यात्राएँ शामिल हैं।

गौरतलब है कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) पहले से ही इस प्रोजेक्ट के संदर्भ में विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर की अलग से जांच कर रहा है। एसआईटी और ईडी की समानांतर जांच इस मामले की गंभीरता को रेखांकित करती है।

मामले की पृष्ठभूमि

यह विवाद तब शुरू हुआ जब 2025 में मेसी और अर्जेंटीना टीम को केरल लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन दौरा अंततः नहीं हो सका। इसके बाद कथित वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप सामने आए। यह केरल में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के नाम पर कथित अनियमितता का एक असामान्य मामला है, जो राज्य की राजनीति में भी बड़ा मुद्दा बन चुका है।

आगे क्या होगा

एसआईटी की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और स्थानों पर छापेमारी की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। ईडी की फेमा जांच के नतीजे भी एसआईटी की कार्रवाई की दिशा तय करेंगे। मीडिया संगठनों ने पत्रकारों के फोन जब्त किए जाने को लेकर कानूनी विकल्प तलाशने के संकेत दिए हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

विदेशी मुद्रा और सरकारी मंजूरियाँ बिना पर्याप्त जवाबदेही के एक बड़े 'इवेंट' के नाम पर खर्च की जाती हैं। न्यूज़ चैनल पर छापा और पत्रकारों के फोन जब्त करना जांच की वैधता पर ही सवाल खड़े करता है — एसआईटी को यह स्पष्ट करना होगा कि मीडिया संस्थान इस वित्तीय जांच का हिस्सा किस आधार पर है। ईडी और एसआईटी की समानांतर जांच दर्शाती है कि मामला गंभीर है, लेकिन दोनों एजेंसियों के बीच समन्वय और पारदर्शिता के बिना यह प्रक्रिया न्यायिक चुनौतियों में उलझ सकती है।
RashtraPress
16 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेसी केरल दौरा घोटाला क्या है?
2025 में लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना नेशनल फुटबॉल टीम को केरल लाने की योजना बनाई गई थी, लेकिन दौरा नहीं हो सका। इसके बाद इस प्रोजेक्ट से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सरकारी मंजूरियों और विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर को लेकर अनियमितताओं के आरोप सामने आए।
एसआईटी का गठन कब और क्यों किया गया?
केरल के मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने 13 अगस्त को एसआईटी गठन का आदेश दिया था। इसका उद्देश्य प्रस्तावित दौरे से जुड़े वित्तीय लेन-देन, सरकारी आदेशों, कोच्चि स्टेडियम सौंपने की परिस्थितियों और विदेश यात्राओं की व्यापक जांच करना है।
न्यूज़ चैनल पर छापेमारी क्यों की गई?
एसआईटी प्रस्तावित इवेंट से जुड़े वित्तीय लेन-देन और अन्य पहलुओं की जांच के तहत कई स्थानों पर निरीक्षण कर रही है। हालाँकि, अधिकारियों ने चैनल को तलाशी का कारण नहीं बताया — चैनल ने इसे अपने संचालन में रुकावट बताया है।
ईडी इस मामले में क्या जांच कर रहा है?
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (फेमा) के तहत इस प्रोजेक्ट के सिलसिले में विदेश में ₹126 करोड़ के कथित ट्रांसफर की अलग से जांच कर रहा है। यह जांच एसआईटी की जांच से स्वतंत्र रूप से चल रही है।
पत्रकारों के फोन जब्त करने पर क्या प्रतिक्रिया आई?
विपक्ष के नेता पिनराई विजयन ने इस कार्रवाई को मीडिया की स्वतंत्रता पर हमला करार दिया और सरकार से जवाब माँगा। चैनल ने भी इसे अपने संपादकीय कार्यों में हस्तक्षेप बताते हुए आपत्ति जताई है।
राष्ट्र प्रेस
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