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मेसी केरल दौरा विवाद: सरकारी ईमेल में मलप्पुरम की निजी महिला को कॉपी, ₹126 करोड़ विदेश भेजने का आरोप

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मेसी केरल दौरा विवाद: सरकारी ईमेल में मलप्पुरम की निजी महिला को कॉपी, ₹126 करोड़ विदेश भेजने का आरोप

सारांश

मेसी के केरल दौरे का विवाद अब सरकारी ईमेल लीक तक पहुँच गया है — तत्कालीन खेल मंत्री अब्दुरहीमान के एएफए संवाद में मलप्पुरम की एक निजी महिला को कॉपी किया गया था। खेल विभाग के सचिव की रिपोर्ट में ₹126 करोड़ विदेश भेजने और फॉरेन-एक्सचेंज उल्लंघन की जाँच की सिफारिश की गई है।

मुख्य बातें

तत्कालीन खेल मंत्री वी.
अब्दुरहीमान और एएफए के बीच सरकारी ईमेल संवाद में मलप्पुरम की निजी महिला अमीरा आयशा बेगम को कॉपी किया गया था।
खेल विभाग के सचिव और निदेशक आधिकारिक संवाद से पूरी तरह बाहर रखे गए थे।
रिपोर्ट में आरोप है कि एएफए की झूठी सहमति दिखाकर स्पॉन्सर को विदेश में ₹126 करोड़ भेजने का आदेश दिया गया।
खेल विभाग सचिव की रिपोर्ट में फॉरेन-एक्सचेंज नियमों के उल्लंघन और निजी पार्टियों को अनुचित वित्तीय लाभ की जाँच की सिफारिश।
मौजूदा खेल मंत्री ओ.जे.
जनेश ने विस्तृत जाँच की माँग की; मामला हाई-लेवल जाँच के दायरे में आने की संभावना।

केरल में लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के 2025 में प्रस्तावित दौरे से जुड़े विवाद में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, तत्कालीन खेल मंत्री वी. अब्दुरहीमान और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) के बीच हुए ईमेल संवाद में मलप्पुरम की एक निजी महिला को कॉपी किया गया था, जिससे सरकारी जानकारी के समानांतर चैनल से साझा होने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

कौन हैं अमीरा आयशा बेगम?

मलप्पुरम निवासी अमीरा आयशा बेगम को पूर्व खेल मंत्री का करीबी माना जाता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्हें कथित तौर पर मेसी के प्रस्तावित इवेंट से जुड़ी आधिकारिक बातचीत की जानकारी दी गई थी। अब्दुरहीमान द्वारा एएफए अधिकारियों और निजी स्पॉन्सर को भेजे गए ईमेल की प्रतियाँ भी बेगम को मार्क की गई थीं।

यह ऐसे समय में सामने आया है जब खेल विभाग के सचिव की एक आंतरिक रिपोर्ट में इस पूरे प्रोजेक्ट को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। घटनाक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन थे।

खेल विभाग को दरकिनार किया गया

रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एएफए के साथ सरकारी संवाद खेल विभाग के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे तत्कालीन मंत्री अब्दुरहीमान ने व्यक्तिगत रूप से किया था। खेल विभाग के सचिव और निदेशक इस पूरी बातचीत से बाहर रखे गए थे। ईमेल ट्रेल में एक निजी महिला की मौजूदगी इस सवाल को और गहरा करती है कि आधिकारिक सरकारी संवाद किस समानांतर माध्यम से प्रसारित हो रहा था।

सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य के मौजूदा खेल मंत्री ओ.जे. जनेश ने बुधवार को कहा कि ईमेल और इससे जुड़ी तमाम बातें रहस्य में डूबी हुई लगती हैं और यह स्पष्ट रूप से एक विस्तृत जाँच की माँग करती हैं। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है।

₹126 करोड़ और एएफए की सहमति पर सवाल

रिपोर्ट में एक और गंभीर आरोप है — यह दावा किया गया है कि केंद्र को यह आभास दिलाया गया कि एएफए ने केरल में मैत्री मैच के लिए आधिकारिक सहमति दे दी है, जिसके बाद एक स्पॉन्सर को विदेश में ₹126 करोड़ भेजने का आदेश मिल गया। रिपोर्ट इस दावे पर सीधे सवाल उठाती है कि एएफए की कोई आधिकारिक सहमति वास्तव में मिली भी थी या नहीं।

खेल विभाग के सचिव की रिपोर्ट में कथित तौर पर संभावित उल्लंघनों की जाँच की सिफारिश की गई है, जिनमें निजी पार्टियों को अनुचित वित्तीय लाभ पहुँचाना और विदेशी मुद्रा (फॉरेन-एक्सचेंज) नियमों का उल्लंघन शामिल हैं।

आगे क्या होगा

यह मामला अब मेसी प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की प्रस्तावित हाई-लेवल जाँच के दायरे में आने की पूरी संभावना है। जाँच का दायरा वित्तीय लेनदेन, एएफए के साथ संवाद की प्रामाणिकता और सरकारी प्रक्रियाओं के उल्लंघन तक फैल सकता है। गौरतलब है कि यह केरल में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल आयोजन को लेकर पारदर्शिता पर उठे सबसे गंभीर सवालों में से एक है।

संपादकीय दृष्टिकोण

प्रशासनिक जवाबदेही की बुनियादी विफलता है। ₹126 करोड़ के विदेशी हस्तांतरण और एएफए की कथित झूठी सहमति के आरोप, यदि सिद्ध होते हैं, तो यह केवल केरल सरकार की साख का नहीं, बल्कि भारत में भविष्य के अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों की विश्वसनीयता का भी सवाल बन जाएगा।
RashtraPress
12 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मेसी केरल दौरा विवाद में नया खुलासा क्या है?
आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, तत्कालीन खेल मंत्री वी. अब्दुरहीमान और एएफए के बीच हुए सरकारी ईमेल संवाद में मलप्पुरम की निजी महिला अमीरा आयशा बेगम को कॉपी किया गया था। यह सवाल उठाता है कि सरकार-समर्थित प्रोजेक्ट की आधिकारिक जानकारी किसी निजी व्यक्ति तक कैसे पहुँची।
अमीरा आयशा बेगम कौन हैं और उनका इस मामले से क्या संबंध है?
अमीरा आयशा बेगम मलप्पुरम की रहने वाली हैं और उन्हें पूर्व खेल मंत्री अब्दुरहीमान का करीबी माना जाता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि एएफए अधिकारियों और निजी स्पॉन्सर को भेजे गए सरकारी ईमेल की प्रतियाँ उन्हें भी मार्क की गई थीं।
₹126 करोड़ विदेश भेजने का आरोप क्या है?
खेल विभाग के सचिव की रिपोर्ट के अनुसार, केंद्र को यह आभास दिलाया गया कि एएफए ने केरल में मैत्री मैच के लिए आधिकारिक सहमति दे दी है, जिसके बाद एक स्पॉन्सर को विदेश में ₹126 करोड़ भेजने का आदेश मिला। रिपोर्ट इस दावे की सत्यता पर ही सवाल उठाती है।
इस मामले में जाँच की क्या स्थिति है?
मौजूदा खेल मंत्री ओ.जे. जनेश ने विस्तृत जाँच की माँग की है। खेल विभाग के सचिव की रिपोर्ट में फॉरेन-एक्सचेंज नियमों के उल्लंघन और निजी पार्टियों को अनुचित वित्तीय लाभ की जाँच की सिफारिश की गई है। यह मामला प्रस्तावित हाई-लेवल जाँच के दायरे में आने की संभावना है।
क्या एएफए ने केरल में मैच के लिए आधिकारिक सहमति दी थी?
खेल विभाग की रिपोर्ट इस दावे पर सीधे सवाल उठाती है। रिपोर्ट के अनुसार, एएफए की आधिकारिक सहमति का आभास दिलाया गया था, लेकिन इसकी वास्तविकता संदिग्ध बताई गई है। यही वह केंद्रीय बिंदु है जिसकी जाँच की सिफारिश की गई है।
राष्ट्र प्रेस
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