मेसी केरल दौरा विवाद: सरकारी ईमेल में मलप्पुरम की निजी महिला को कॉपी, ₹126 करोड़ विदेश भेजने का आरोप
सारांश
मुख्य बातें
केरल में लियोनेल मेसी और अर्जेंटीना राष्ट्रीय फुटबॉल टीम के 2025 में प्रस्तावित दौरे से जुड़े विवाद में एक नया और चौंकाने वाला मोड़ आया है। आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार, तत्कालीन खेल मंत्री वी. अब्दुरहीमान और अर्जेंटीना फुटबॉल एसोसिएशन (एएफए) के बीच हुए ईमेल संवाद में मलप्पुरम की एक निजी महिला को कॉपी किया गया था, जिससे सरकारी जानकारी के समानांतर चैनल से साझा होने पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
कौन हैं अमीरा आयशा बेगम?
मलप्पुरम निवासी अमीरा आयशा बेगम को पूर्व खेल मंत्री का करीबी माना जाता है। रिकॉर्ड बताते हैं कि उन्हें कथित तौर पर मेसी के प्रस्तावित इवेंट से जुड़ी आधिकारिक बातचीत की जानकारी दी गई थी। अब्दुरहीमान द्वारा एएफए अधिकारियों और निजी स्पॉन्सर को भेजे गए ईमेल की प्रतियाँ भी बेगम को मार्क की गई थीं।
यह ऐसे समय में सामने आया है जब खेल विभाग के सचिव की एक आंतरिक रिपोर्ट में इस पूरे प्रोजेक्ट को संभालने के तरीके पर गंभीर सवाल उठाए गए हैं। घटनाक्रम के दौरान राज्य के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन थे।
खेल विभाग को दरकिनार किया गया
रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि एएफए के साथ सरकारी संवाद खेल विभाग के माध्यम से नहीं, बल्कि सीधे तत्कालीन मंत्री अब्दुरहीमान ने व्यक्तिगत रूप से किया था। खेल विभाग के सचिव और निदेशक इस पूरी बातचीत से बाहर रखे गए थे। ईमेल ट्रेल में एक निजी महिला की मौजूदगी इस सवाल को और गहरा करती है कि आधिकारिक सरकारी संवाद किस समानांतर माध्यम से प्रसारित हो रहा था।
सरकार की प्रतिक्रिया
राज्य के मौजूदा खेल मंत्री ओ.जे. जनेश ने बुधवार को कहा कि ईमेल और इससे जुड़ी तमाम बातें रहस्य में डूबी हुई लगती हैं और यह स्पष्ट रूप से एक विस्तृत जाँच की माँग करती हैं। उनके इस बयान से संकेत मिलता है कि राज्य सरकार मामले को गंभीरता से ले रही है।
₹126 करोड़ और एएफए की सहमति पर सवाल
रिपोर्ट में एक और गंभीर आरोप है — यह दावा किया गया है कि केंद्र को यह आभास दिलाया गया कि एएफए ने केरल में मैत्री मैच के लिए आधिकारिक सहमति दे दी है, जिसके बाद एक स्पॉन्सर को विदेश में ₹126 करोड़ भेजने का आदेश मिल गया। रिपोर्ट इस दावे पर सीधे सवाल उठाती है कि एएफए की कोई आधिकारिक सहमति वास्तव में मिली भी थी या नहीं।
खेल विभाग के सचिव की रिपोर्ट में कथित तौर पर संभावित उल्लंघनों की जाँच की सिफारिश की गई है, जिनमें निजी पार्टियों को अनुचित वित्तीय लाभ पहुँचाना और विदेशी मुद्रा (फॉरेन-एक्सचेंज) नियमों का उल्लंघन शामिल हैं।
आगे क्या होगा
यह मामला अब मेसी प्रोजेक्ट से जुड़ी कथित अनियमितताओं की प्रस्तावित हाई-लेवल जाँच के दायरे में आने की पूरी संभावना है। जाँच का दायरा वित्तीय लेनदेन, एएफए के साथ संवाद की प्रामाणिकता और सरकारी प्रक्रियाओं के उल्लंघन तक फैल सकता है। गौरतलब है कि यह केरल में किसी बड़े अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल आयोजन को लेकर पारदर्शिता पर उठे सबसे गंभीर सवालों में से एक है।