बदनावर में गणेश विसर्जन के दौरान तीन युवकों की डूबने से मौत, CM मोहन यादव ने ₹4-4 लाख सहायता का ऐलान
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के धार जिले के बदनावर में गणेश विसर्जन के दौरान एक दर्दनाक हादसे में तीन युवकों की तालाब में डूबने से मौत हो गई। घटना शुक्रवार, 26 सितंबर 2026 को देलची रोड स्थित जलाशय के पास हुई। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने इस त्रासदी पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए प्रत्येक मृतक के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।
घटनाक्रम
मृतकों की पहचान पवन उर्फ कान्हा, राहुल और निहाल के रूप में हुई है। तीनों अपने अन्य साथियों के साथ देलची रोड के पास स्थित तालाब पर गणेश मूर्ति के विसर्जन के लिए गए थे। विसर्जन के दौरान तीनों गहरे पानी में चले गए और उनका संतुलन बिगड़ गया।
घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल प्रयास कर तीनों को पानी से बाहर निकाला और सिविल अस्पताल पहुँचाया, जहाँ चिकित्सकों ने जाँच के उपरांत तीनों को मृत घोषित कर दिया।
प्रशासन और पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही तहसीलदार सुरेश नगर सिविल अस्पताल पहुँचे और घटना का जायजा लिया। पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थानीय लोगों और प्रत्यक्षदर्शियों से जानकारी जुटाई, मामला दर्ज किया और डूबने के कारणों की विस्तृत जाँच शुरू कर दी है। प्रशासन स्थिति पर लगातार नज़र बनाए हुए है तथा प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता पहुँचाई जा रही है।
मुख्यमंत्री की संवेदना और सहायता
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट के ज़रिए इस घटना को 'हृदय विदारक और अत्यंत दुखद' बताया। उन्होंने लिखा, 'मेरी संवेदनाएं सभी शोक संतप्त परिवारों के साथ हैं। मैंने प्रत्येक मृतक युवा के परिवार को ₹4 लाख की आर्थिक सहायता देने के निर्देश दिए हैं।' उन्होंने बाबा महाकाल से दिवंगत आत्माओं को शांति और शोकाकुल परिवारों को दुख सहन करने की शक्ति देने की प्रार्थना भी की।
आम जनता पर असर
घटना के बाद बदनावर में मातम का माहौल छा गया। खबर फैलते ही मृतकों के परिजन और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग अस्पताल पहुँच गए। गणेश विसर्जन का उत्सव त्रासदी में बदल जाने से पूरे क्षेत्र में शोक की लहर है। यह घटना विसर्जन के दौरान सुरक्षा इंतज़ामों पर सवाल भी खड़े करती है।
क्या होगा आगे
पुलिस मामले की जाँच जारी रखेगी और प्रशासन मृतकों के परिवारों को घोषित आर्थिक सहायता समयबद्ध रूप से पहुँचाने का प्रयास करेगा। अधिकारियों के अनुसार भविष्य में इस तरह के हादसों को रोकने के लिए विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा भी की जा सकती है।