21 सितंबर 2026
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कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन के दौरान कॉलेज छात्र की नदी में डूबकर मौत, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

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कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन के दौरान कॉलेज छात्र की नदी में डूबकर मौत, प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

सारांश

तमिलनाडु के कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन का उत्सव त्रासदी में बदल गया — 21 वर्षीय इंजीनियरिंग छात्र दिलीप पुराने पुल के मलबे में फँसकर नदी में डूब गया। परिजन और स्थानीय लोग प्रशासन पर आरोप लगा रहे हैं कि मलबा समय पर न हटाना इस हादसे की वजह बनी।

मुख्य बातें

21 वर्षीय बीई छात्र दिलीप की 21 सितंबर 2026 को कृष्णगिरि के मंजामेडु इलाके में थेनपेन्नईयार नदी में डूबने से मौत हुई।
मृतक तिरुपत्तूर जिले के मोलंगारामपट्टी गाँव का निवासी था और एक निजी कॉलेज में बीई अंतिम वर्ष का छात्र था।
छात्र गणेश विसर्जन के दौरान नदी में उतरा और पुराने पुल के कंक्रीट मलबे व लोहे की छड़ों में फँस गया।
स्थानीय निवासियों और परिजनों ने प्रशासन पर पुल का मलबा न हटाने की लापरवाही का आरोप लगाया।
पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया और मामले की जाँच शुरू की; प्रशासन की ओर से आधिकारिक बयान अभी नहीं आया।

तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले में 21 सितंबर 2026 को गणेश विसर्जन के दौरान 21 वर्षीय कॉलेज छात्र दिलीप की थेनपेन्नईयार नदी में डूबने से मौत हो गई। छात्र नदी में मूर्ति विसर्जित करने उतरा था, जहाँ एक पुराने गिराए गए पुल का कंक्रीट मलबा और लोहे की छड़ें अभी भी मौजूद थीं। स्थानीय लोगों ने प्रशासन पर मलबा न हटाने की लापरवाही का आरोप लगाया है।

घटनाक्रम

यह दुखद घटना कृष्णगिरि जिले के पोचमपल्ली के निकट मंजामेडु इलाके में हुई। दिलीप, जो तिरुपत्तूर जिले के मोलंगारामपट्टी गाँव का निवासी था, एक निजी कॉलेज में बीई अंतिम वर्ष का छात्र था। उस दिन वह अपने कुछ मित्रों के साथ थेनपेन्नईयार नदी में गणेश प्रतिमा विसर्जित करने पहुँचा था।

नदी के विभिन्न घाटों पर सुबह से ही विसर्जन का क्रम जारी था। ढोल-नगाड़ों और मंत्रोच्चार के साथ अलग-अलग इलाकों से श्रद्धालु वहाँ एकत्र हुए थे। जैसे ही दिलीप नदी में उतरा, वह उस स्थान पर बिछे कंक्रीट की छड़ों और सीमेंट के मलबे में फंस गया जहाँ पहले एक पुराना पुल गिराया गया था।

बचाव प्रयास और मृत्यु की पुष्टि

साथ आए मित्रों ने तत्काल उसे बचाने का प्रयास किया, परंतु कंक्रीट के मलबे में फँसे होने के कारण काफी मशक्कत के बाद ही उसे नदी से बाहर निकाला जा सका। उसे नजदीकी अस्पताल ले जाया गया जहाँ जाँच करने वाले चिकित्सकों ने दिलीप को मृत घोषित कर दिया।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची। अधिकारियों ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा और मामले की जाँच शुरू कर दी।

प्रशासन पर लापरवाही के आरोप

स्थानीय निवासियों और दिलीप के परिजनों ने प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुराने पुल को गिराने के बाद नदी में पड़ी सीमेंट की छड़ें और लोहे की नुकीली छड़ें समय रहते नहीं हटाई गईं। परिजनों के अनुसार यह प्रशासनिक लापरवाही ही इस हादसे की मुख्य वजह बनी।

गौरतलब है कि गणेश विसर्जन के दौरान नदी घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की ज़िम्मेदारी होती है। विसर्जन से पूर्व नदी के खतरनाक हिस्सों की पहचान और मलबा निकासी न होने पर यह सवाल उठना स्वाभाविक है।

आम जनता और परिवार पर असर

यह हादसा तिरुपत्तूर जिले के मोलंगारामपट्टी गाँव में शोक की लहर लेकर आया है। एक होनहार इंजीनियरिंग छात्र का अंतिम वर्ष की पढ़ाई के दौरान इस तरह जीवन समाप्त होना परिवार के लिए असहनीय क्षति है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से जवाबदेही की माँग की है।

आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है। यह देखना होगा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जाँच के बाद क्या प्रशासनिक अधिकारियों की जिम्मेदारी तय होती है। प्रशासन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी जवाबदेही का तंत्र नहीं बनता। जब तक विसर्जन स्थलों पर मलबा-निकासी और सुरक्षा-जाँच अनिवार्य प्रोटोकॉल नहीं बनते, ऐसी त्रासदियाँ दोहराती रहेंगी।
RashtraPress
21 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

कृष्णगिरि में गणेश विसर्जन के दौरान क्या हुआ?
21 सितंबर 2026 को तमिलनाडु के कृष्णगिरि जिले के मंजामेडु इलाके में गणेश विसर्जन के दौरान 21 वर्षीय बीई छात्र दिलीप थेनपेन्नईयार नदी में डूब गया। वह नदी में उतरते समय पुराने पुल के कंक्रीट मलबे और लोहे की छड़ों में फँस गया और बाद में अस्पताल में मृत घोषित किया गया।
मृतक छात्र दिलीप कौन था?
दिलीप 21 वर्षीय युवक था जो तिरुपत्तूर जिले के मोलंगारामपट्टी गाँव का रहने वाला था। वह एक निजी कॉलेज में बीई के अंतिम वर्ष की पढ़ाई कर रहा था और गणेश विसर्जन के लिए अपने मित्रों के साथ नदी में उतरा था।
इस हादसे के लिए प्रशासन पर क्या आरोप लगे हैं?
स्थानीय निवासियों और परिजनों का आरोप है कि प्रशासन ने नदी में एक पुराना पुल तो गिराया, लेकिन उसके बाद बचा हुआ सीमेंट और लोहे की नुकीली छड़ों का मलबा ठीक से नहीं हटाया गया। इसी मलबे में फँसने से दिलीप की जान गई।
घटना के बाद पुलिस ने क्या कार्रवाई की?
सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुँची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा गया। पुलिस ने मामले की विधिवत जाँच शुरू कर दी है। प्रशासन की ओर से अभी कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
क्या गणेश विसर्जन स्थलों पर सुरक्षा के प्रावधान नहीं होते?
गणेश विसर्जन जैसे सार्वजनिक पर्वों पर नदी घाटों की सुरक्षा सुनिश्चित करना स्थानीय प्रशासन की जिम्मेदारी होती है। इस मामले में आरोप है कि विसर्जन से पहले नदी में खतरनाक मलबे की जाँच और सफाई नहीं की गई, जो कि एक बुनियादी सुरक्षा चूक मानी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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