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श्रीनगर सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा मंजूर, 3 नवंबर से सीट रिक्त

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श्रीनगर सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा मंजूर, 3 नवंबर से सीट रिक्त

सारांश

नेशनल कॉन्फ्रेंस से बगावत करने वाले श्रीनगर सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने 3 नवंबर से मंजूर कर लिया। चुनावी वादे न निभाने और अनुच्छेद 370 पर पार्टी रुख से नाराज मेहदी की बगावत उमर अब्दुल्ला सरकार के लिए शुरुआती दिनों में ही बड़ी राजनीतिक चुनौती बन गई है।

मुख्य बातें

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा 3 नवंबर 2026 से स्वीकार किया।
लोकसभा सचिवालय ने 6 नवंबर को औपचारिक अधिसूचना जारी कर श्रीनगर-बडगाम सीट को रिक्त घोषित किया।
मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस पर चुनावी घोषणापत्र के वादे न निभाने और अनुच्छेद 370 पर कमज़ोर रुख का आरोप लगाया।
मेहदी ने बडगाम में रैली में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर सीधा हमला बोला — कहा, 'कुर्सी में सत्ता है, सम्मान नहीं।' अब भारत निर्वाचन आयोग को श्रीनगर-बडगाम सीट पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी करनी होगी।

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट से सांसद आगा सैयद रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा औपचारिक रूप से स्वीकार कर लिया है, जिससे यह सीट 3 नवंबर 2026 से आधिकारिक तौर पर रिक्त हो गई है। लोकसभा सचिवालय ने गुरुवार, 6 नवंबर को इस संबंध में अधिसूचना जारी की। मेहदी ने जम्मू-कश्मीर की सत्ताधारी नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) से बगावत करते हुए पार्टी सदस्यता और संसदीय पद दोनों से इस्तीफा दिया था।

इस्तीफे की पृष्ठभूमि

2024 के आम चुनावों में श्रीनगर से लोकसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद से ही आगा रूहुल्लाह मेहदी नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व से नाराज बताए जा रहे थे। उनका आरोप है कि पार्टी ने चुनावी घोषणापत्र में मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया। इसके अलावा, उन्होंने पार्टी अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला को लिखे एक पत्र में अनुच्छेद 370 पर नेशनल कॉन्फ्रेंस के रुख को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए थे।

गौरतलब है कि मेहदी ने पिछले साल बडगाम विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार आगा सैयद महमूद के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लिया था। यह सीट तब रिक्त हुई थी जब नेशनल कॉन्फ्रेंस के उपाध्यक्ष उमर अब्दुल्ला ने बडगाम और गांदरबल दोनों सीटों से जीत हासिल करने के बाद बडगाम से इस्तीफा देकर गांदरबल सीट अपने पास रखने का फैसला किया था।

मेहदी का उमर अब्दुल्ला पर तीखा हमला

3 नवंबर को इस्तीफे के बाद बडगाम में समर्थकों की बड़ी भीड़ को संबोधित करते हुए मेहदी ने मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर सीधा निशाना साधा। उन्होंने कहा, 'आज आप जिस कुर्सी पर बैठे हैं, उसमें सत्ता तो है, लेकिन सम्मान नहीं है। अगर आपको सम्मान देखना है, तो बडगाम आइए।' यह बयान नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेतृत्व के लिए एक खुली चुनौती माना जा रहा है।

श्रीनगर सीट पर अब क्या होगा

लोकसभा अध्यक्ष द्वारा इस्तीफा स्वीकार किए जाने के बाद अब भारत निर्वाचन आयोग को श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट पर उपचुनाव की अधिसूचना जारी करनी होगी। यह सीट जम्मू-कश्मीर की राजनीतिक दृष्टि से संवेदनशील और महत्वपूर्ण सीटों में से एक मानी जाती है।

यह ऐसे समय में हुआ है जब जम्मू-कश्मीर में नेशनल कॉन्फ्रेंस की सरकार अपने शुरुआती दौर में है और पार्टी के भीतर असंतोष के संकेत अब सार्वजनिक रूप से सामने आ रहे हैं। मेहदी की बगावत से उमर अब्दुल्ला सरकार की राजनीतिक स्थिरता पर सवाल उठना शुरू हो गए हैं।

नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए राजनीतिक संकट

मेहदी जैसे वरिष्ठ और लोकप्रिय नेता का पार्टी से अलग होना नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है। आलोचकों का कहना है कि पार्टी नेतृत्व को चुनावी वादों और सरकारी फैसलों के बीच की खाई को पाटने पर ध्यान देना होगा, अन्यथा आने वाले उपचुनाव में पार्टी के लिए यह सीट वापस जीतना मुश्किल हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

उसी के एक प्रमुख सांसद ने पार्टी के रुख पर ही सवाल उठाए। उमर अब्दुल्ला के लिए असली परीक्षा अब उपचुनाव में होगी — यदि नेशनल कॉन्फ्रेंस श्रीनगर-बडगाम जैसी संवेदनशील सीट नहीं जीत पाई, तो सरकार की राजनीतिक साख पर गंभीर सवाल खड़े होंगे। मुख्यधारा की कवरेज इस्तीफे की खबर पर रुक जाती है, लेकिन असली कहानी यह है कि क्या यह बगावत केवल मेहदी की है या NC के भीतर कहीं गहरे बैठे असंतोष की पहली परत है।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आगा रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा क्यों मंजूर किया गया?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने संवैधानिक प्रक्रिया के तहत श्रीनगर-बडगाम सांसद आगा रूहुल्लाह मेहदी का इस्तीफा 3 नवंबर 2026 से स्वीकार किया। मेहदी ने स्वेच्छा से नेशनल कॉन्फ्रेंस की सदस्यता और अपनी संसदीय सीट दोनों छोड़ने की घोषणा की थी।
मेहदी ने नेशनल कॉन्फ्रेंस क्यों छोड़ी?
मेहदी का आरोप है कि नेशनल कॉन्फ्रेंस ने 2024 के चुनावी घोषणापत्र में मतदाताओं से किए गए वादों को पूरा नहीं किया। इसके अलावा, उन्होंने अनुच्छेद 370 पर पार्टी के रुख को लेकर भी असहमति जताई थी।
श्रीनगर-बडगाम सीट पर अब उपचुनाव कब होगा?
लोकसभा सचिवालय की अधिसूचना के बाद भारत निर्वाचन आयोग को उपचुनाव की तारीख तय करनी होगी। अभी तक आयोग की ओर से उपचुनाव की तिथि की घोषणा नहीं की गई है।
मेहदी और उमर अब्दुल्ला के बीच विवाद क्या है?
मेहदी ने बडगाम रैली में मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला पर सीधा हमला करते हुए कहा कि 'कुर्सी में सत्ता तो है, लेकिन सम्मान नहीं।' इससे पहले, उन्होंने बडगाम उपचुनाव में पार्टी उम्मीदवार का प्रचार भी नहीं किया था।
नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए इस बगावत का क्या मतलब है?
मेहदी जैसे वरिष्ठ और जनाधार वाले नेता का पार्टी छोड़ना नेशनल कॉन्फ्रेंस के लिए राजनीतिक रूप से बड़ा झटका माना जा रहा है। आने वाले उपचुनाव में इस सीट को बनाए रखना पार्टी के लिए कड़ी परीक्षा होगी।
राष्ट्र प्रेस
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