रुहुल्लाह मेहदी का NC से इस्तीफा: भाजपा के राम माधव बोले — 'हमारी जनता के आशीर्वाद से हो रही रैली'
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राम माधव ने 3 नवंबर 2026 को जम्मू में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस (NC) के बागी लोकसभा सांसद आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी 'हमारी जनता' के आशीर्वाद से जनसभा कर रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया जब रुहुल्लाह ने उसी दिन बुडगाम में विशाल रैली कर NC की प्राथमिक सदस्यता और अपनी लोकसभा सीट दोनों से इस्तीफा दे दिया।
राम माधव का बयान और भाजपा का रुख
राम माधव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, 'मैं इस मामले पर टिप्पणी नहीं करना चाहूंगा, लेकिन नेशनल कॉन्फ्रेंस आज स्पष्ट रूप से विभाजित है। रुहुल्लाह आज हमारी जनता के आशीर्वाद से रैली कर रहे हैं।' हालाँकि उन्होंने एक साथ यह भी स्पष्ट किया कि भाजपा का NC के आंतरिक मामलों से कोई सीधा संबंध नहीं है।
राम माधव ने यह भी कहा, 'हमारे (BJP) विधायकों द्वारा दिए गए बयान एक अलग मामला है। यह पूरी तरह से NC का आंतरिक मामला है और इसके नेता आपस में लड़ रहे हैं।' गौरतलब है कि राम माधव ने 2015-2016 में जम्मू-कश्मीर में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (PDP)-BJP गठबंधन सरकार के गठन में अहम भूमिका निभाई थी और वे इस क्षेत्र की राजनीति के गहरे जानकार माने जाते हैं।
रुहुल्लाह का इस्तीफा और बुडगाम रैली
NC सांसद और वरिष्ठ शिया मुस्लिम नेता आगा सैयद रुहुल्लाह मेहदी ने 3 नवंबर 2026 को बुडगाम कस्बे में एक विशाल जनसभा का आयोजन किया, जहाँ उन्होंने NC की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा देने की घोषणा की। इसके साथ ही उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को अपनी लोकसभा सदस्यता का त्यागपत्र भी सौंप दिया।
लोकसभा अध्यक्ष को लिखे पत्र में रुहुल्लाह ने कहा, 'यह त्यागपत्र स्वैच्छिक और वास्तविक है और मैंने इसे अपनी स्वतंत्र इच्छा से दिया है, त्यागपत्र स्वीकार किया जाए।' रुहुल्लाह श्रीनगर-बुडगाम लोकसभा सीट से 2024 के चुनाव में NC के उम्मीदवार के रूप में निर्वाचित हुए थे।
NC में बढ़ते असंतोष की पृष्ठभूमि
यह घटनाक्रम मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला द्वारा हाल ही में किए गए मंत्रिमंडल विस्तार के बाद NC विधायकों में बढ़ते असंतोष की खबरों के बीच सामने आया है। कई BJP विधायकों और वरिष्ठ नेताओं ने भी दावा किया था कि NC में फूट पड़ सकती है और उमर अब्दुल्ला के नेतृत्व वाली जम्मू-कश्मीर सरकार अस्थिर हो सकती है।
राम माधव ने भविष्य के संभावित राजनीतिक घटनाक्रमों पर अटकलें लगाने से इनकार किया और कहा कि कोई भी निष्कर्ष निकालने से पहले स्थिति को स्पष्ट होने का समय देना होगा।
जम्मू-कश्मीर की संसदीय सीटों पर असर
रुहुल्लाह के इस्तीफे के बाद लोकसभा में NC के पास अब जम्मू-कश्मीर से केवल एक सीट बची है। जम्मू-कश्मीर की पाँच लोकसभा सीटों में से दो BJP के पास हैं, एक पर जेल में बंद नेता इंजीनियर राशिद हैं, और एक पर NC के वरिष्ठ नेता मियां अल्ताफ अहमद का प्रतिनिधित्व है। यह राजनीतिक पुनर्गठन आने वाले समय में जम्मू-कश्मीर की राजनीति की दिशा को नए सिरे से परिभाषित कर सकता है।