3 नवंबर 2026
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भारत की समुद्री सुरक्षा में बड़ा कदम: श्रीलंका, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ एक साथ तीन अभ्यास

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भारत की समुद्री सुरक्षा में बड़ा कदम: श्रीलंका, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ एक साथ तीन अभ्यास

सारांश

एक ही दिन तीन देश, तीन मोर्चे — भारत ने 3 नवंबर को श्रीलंका, अमेरिका और दक्षिण कोरिया के साथ एक साथ समुद्री सुरक्षा और आपदा राहत गतिविधियाँ संपन्न कीं। यह हिंद-प्रशांत में भारत की नौसैनिक कूटनीति की बढ़ती व्यापकता का स्पष्ट संकेत है।

मुख्य बातें

3 नवंबर 2026 को भारत ने एक साथ तीन देशों के साथ समुद्री सुरक्षा गतिविधियाँ संचालित कीं।
भारत-श्रीलंका तटरक्षक बलों की 9वीं उच्चस्तरीय बैठक मिरिसा, श्रीलंका में हुई; नेतृत्व महानिदेशक परमेश शिवमणि और रियर एडमिरल रुवान रूपसेना ने किया।
भारत-अमेरिका त्रि-सेवा अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ-2026' का पाँचवाँ संस्करण विशाखापत्तनम में शुरू; इस बार टेबलटॉप एक्सरसाइज प्रारूप में।
आईएनएस सह्याद्रि ने बुसान, दक्षिण कोरिया में आरओकेएस मुनमु द ग्रेट के साथ समन्वित नौवहन, हेलीकॉप्टर संचालन और युद्धाभ्यास पूरा किया।
तीनों गतिविधियों का साझा लक्ष्य समुद्री सुरक्षा, संयुक्त आपदा राहत क्षमता और हिंद-प्रशांत में अंतर-संचालन क्षमता को मज़बूत करना है।

भारत ने 3 नवंबर 2026 को एक साथ तीन महत्वपूर्ण समुद्री सहयोग गतिविधियों में हिस्सा लिया — श्रीलंका के साथ तटरक्षक बलों की 9वीं उच्चस्तरीय बैठक, दक्षिण कोरिया के साथ आईएनएस सह्याद्रि का द्विपक्षीय नौसैनिक अभ्यास, और अमेरिका के साथ त्रि-सेवा आपदा राहत अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ-2026' के पाँचवें संस्करण का शुभारंभ। तीनों गतिविधियों का साझा उद्देश्य समुद्री सुरक्षा को मज़बूत करना, संयुक्त अभियान क्षमता विकसित करना और हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की कूटनीतिक उपस्थिति को और प्रभावी बनाना है।

भारत-श्रीलंका: 9वीं उच्चस्तरीय तटरक्षक बैठक

भारत-श्रीलंका तटरक्षक बलों की 9वीं उच्चस्तरीय बैठक 3 नवंबर को श्रीलंका के मिरिसा में आयोजित हुई। भारतीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व तटरक्षक बल के महानिदेशक परमेश शिवमणि ने किया, जबकि श्रीलंकाई पक्ष की अगुवाई रियर एडमिरल रुवान रूपसेना ने की।

बैठक में समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, खोज एवं बचाव अभियानों में समन्वय और समुद्री कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन जैसे अहम विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने तेल रिसाव जैसी प्रदूषण आपात स्थितियों से निपटने, क्षमता विस्तार और तकनीकी सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई। गौरतलब है कि हिंद महासागर में बढ़ती समुद्री गतिविधियों के मद्देनज़र यह बैठक विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

दोनों देशों ने इस बात पर सहमति जताई कि किसी आपात स्थिति में बेहतर संचार और समन्वय से संयुक्त कार्रवाई अधिक प्रभावी हो सकती है। समुद्री पर्यावरण संरक्षण और सुरक्षित नौवहन को लेकर दोनों तटरक्षक बलों ने अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता भी दोहराई।

टाइगर ट्रायम्फ-2026: भारत-अमेरिका त्रि-सेवा अभ्यास का पाँचवाँ संस्करण

भारत और अमेरिका के बीच द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास 'टाइगर ट्रायम्फ-2026' का पाँचवाँ संस्करण विशाखापत्तनम स्थित मैरीटाइम वारफेयर सेंटर में शुरू हुआ। इस बार यह अभ्यास टेबलटॉप एक्सरसाइज के रूप में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें वास्तविक सैन्य तैनाती के बजाय आपदा प्रबंधन परिदृश्यों पर चर्चा, संयुक्त योजना निर्माण और चुनौतियों के समाधान पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

उद्घाटन समारोह की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के वाइस कमांडर रियर एडमिरल जोकिन जे. मार्टिनेज डी पिनिलोस ने की। अभ्यास का मुख्य उद्देश्य बड़े स्तर पर मानवीय सहायता और आपदा राहत अभियानों के दौरान दोनों देशों की थलसेना, नौसेना और वायुसेना के बीच अंतर-संचालन क्षमता को बेहतर बनाना है।

आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरिया का समुद्री अभ्यास

भारतीय नौसेना के युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने दक्षिण कोरिया के बुसान में कोरिया गणराज्य की नौसेना के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास सफलतापूर्वक पूरा किया। यह अभ्यास दो चरणों में संपन्न हुआ — पहले बंदरगाह चरण में दोनों नौसेनाओं के अधिकारियों के बीच पेशेवर चर्चाएँ, युद्धपोतों का पारस्परिक भ्रमण और परिचालन जानकारियों का आदान-प्रदान हुआ।

इसके बाद समुद्री चरण में आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरियाई नौसेना के पोत आरओकेएस मुनमु द ग्रेट ने समन्वित नौवहन, हेलीकॉप्टर संचालन और संयुक्त समुद्री युद्धाभ्यास में हिस्सा लिया। विषय विशेषज्ञों के आदान-प्रदान से दोनों नौसेनाओं को एक-दूसरे की कार्यप्रणाली और बेहतर परिचालन तरीकों को समझने का अवसर मिला।

व्यापक संदर्भ और रणनीतिक महत्व

यह ऐसे समय में आया है जब भारत हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अपनी समुद्री भागीदारियों को व्यापक आधार देने में जुटा है। एक ही दिन तीन अलग-अलग देशों के साथ समुद्री सहयोग गतिविधियाँ यह दर्शाती हैं कि भारत पड़ोसी देशों से लेकर दूरस्थ सहयोगियों तक एक साथ कई मोर्चों पर अपनी नौसैनिक कूटनीति को सक्रिय रख रहा है। आलोचकों का कहना है कि इन अभ्यासों की निरंतरता और विस्तार भारत की 'सागर' (Security and Growth for All in the Region) नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का हिस्सा है।

आगे इन सहयोग गतिविधियों से प्राप्त अनुभव भारतीय नौसेना और तटरक्षक बल की संयुक्त अभियान क्षमता को और पैना करने में सहायक होंगे, जो भविष्य में किसी भी बड़ी क्षेत्रीय आपदा या समुद्री संकट की स्थिति में निर्णायक भूमिका निभा सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक सुविचारित रणनीतिक संदेश है — भारत हिंद-प्रशांत में एकाधिक मोर्चों पर एक साथ सक्रिय है। लेकिन असली परीक्षा यह है कि ये अभ्यास केवल सांकेतिक कूटनीति तक सीमित रहते हैं या वास्तविक संकट में — जैसे कि समुद्री प्रदूषण या प्राकृतिक आपदा — त्वरित संयुक्त कार्रवाई का आधार बनते हैं। टाइगर ट्रायम्फ का टेबलटॉप प्रारूप व्यावहारिक क्षेत्रीय तैनाती से कम महत्वाकांक्षी है, जो यह सवाल उठाता है कि क्या अंतर-संचालन क्षमता काग़ज़ी योजनाओं से आगे निकल रही है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-श्रीलंका तटरक्षक बलों की 9वीं उच्चस्तरीय बैठक में क्या हुआ?
यह बैठक 3 नवंबर 2026 को श्रीलंका के मिरिसा में आयोजित हुई, जिसमें समुद्री प्रदूषण नियंत्रण, खोज एवं बचाव अभियानों में समन्वय और समुद्री कानून प्रवर्तन पर चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने क्षमता विस्तार और तकनीकी सहयोग को और मज़बूत करने की प्रतिबद्धता जताई।
टाइगर ट्रायम्फ-2026 अभ्यास क्या है और इसमें क्या नया है?
टाइगर ट्रायम्फ भारत और अमेरिका का द्विपक्षीय त्रि-सेवा मानवीय सहायता एवं आपदा राहत अभ्यास है; 2026 में इसका पाँचवाँ संस्करण विशाखापत्तनम में शुरू हुआ। इस बार यह टेबलटॉप एक्सरसाइज प्रारूप में है, जिसमें वास्तविक सैन्य तैनाती के बजाय आपदा परिदृश्यों पर संयुक्त योजना निर्माण पर ध्यान दिया जा रहा है।
आईएनएस सह्याद्रि और दक्षिण कोरिया के बीच किस तरह का अभ्यास हुआ?
भारतीय युद्धपोत आईएनएस सह्याद्रि ने दक्षिण कोरिया के बुसान में कोरिया गणराज्य की नौसेना के पोत आरओकेएस मुनमु द ग्रेट के साथ द्विपक्षीय समुद्री अभ्यास पूरा किया। अभ्यास में बंदरगाह चरण में पेशेवर चर्चाएँ तथा समुद्री चरण में समन्वित नौवहन, हेलीकॉप्टर संचालन और युद्धाभ्यास शामिल थे।
इन तीनों समुद्री गतिविधियों का रणनीतिक महत्व क्या है?
ये गतिविधियाँ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत की बहु-आयामी समुद्री कूटनीति को दर्शाती हैं। एक ही दिन पड़ोसी (श्रीलंका), प्रमुख सहयोगी (अमेरिका) और पूर्वी साझेदार (दक्षिण कोरिया) के साथ सहयोग गतिविधियाँ भारत की 'सागर' नीति के व्यावहारिक क्रियान्वयन का हिस्सा मानी जा रही हैं।
टाइगर ट्रायम्फ-2026 की अध्यक्षता किसने की?
उद्घाटन समारोह की सह-अध्यक्षता भारतीय नौसेना के पूर्वी बेड़े के फ्लैग ऑफिसर कमांडिंग रियर एडमिरल विशाल बिश्नोई और अमेरिकी प्रशांत बेड़े के वाइस कमांडर रियर एडमिरल जोकिन जे. मार्टिनेज डी पिनिलोस ने की।
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