भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में 12वीं सैन्य उप-समिति बैठक, हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर साझा प्रतिबद्धता
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 1 जुलाई 2026 को आयोजित 12वीं भारत-मलेशिया सैन्य सहयोग उप-समिति बैठक में दोनों देशों ने अपने रक्षा संबंधों को नई ऊँचाई देने का संकल्प लिया। बैठक में समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, रक्षा प्रौद्योगिकी और आतंकवाद-रोधी सहयोग सहित रणनीतिक महत्व के सभी प्रमुख मुद्दों पर विस्तृत चर्चा हुई। विशेषज्ञों के अनुसार, यह बैठक भारत-मलेशिया उन्नत रणनीतिक साझेदारी के तहत रक्षा क्षेत्र को अगले स्तर पर ले जाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
बैठक में क्या हुआ
दोनों देशों के सैन्य प्रतिनिधियों ने पिछले वर्षों में हुए सैन्य अभ्यासों, सैनिक आदान-प्रदान कार्यक्रमों, स्टाफ वार्ताओं और क्षमता निर्माण पहलों की समीक्षा की। दोनों पक्षों ने इन क्षेत्रों में हुई प्रगति पर संतोष व्यक्त किया और माना कि रक्षा संबंध लगातार सुदृढ़ हुए हैं।
बैठक में यह भी तय हुआ कि दोनों देशों की सेनाएँ एक-दूसरे के प्रशिक्षण संस्थानों में सैनिकों को भेजेंगी, पेशेवर अनुभव साझा करेंगी और संयुक्त सैन्य गतिविधियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इससे दोनों सेनाओं के बीच परिचालन तालमेल और पारस्परिक समझ में उल्लेखनीय सुधार आने की उम्मीद है।
रक्षा तकनीक और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर
बैठक में रक्षा प्रौद्योगिकी, साइबर सुरक्षा, रक्षा उत्पादन और मानवीय सहायता एवं आपदा राहत (HADR) जैसे उभरते क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाओं पर विशेष ध्यान दिया गया। तेज़ी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य को देखते हुए इन क्षेत्रों को भविष्य की प्राथमिकता बताया गया। गौरतलब है कि भारत अपनी 'मेक इन इंडिया' रक्षा उत्पादन नीति के तहत मलेशिया जैसे मित्र देशों के साथ तकनीकी सहयोग को बढ़ावा दे रहा है।
हिंद-प्रशांत सुरक्षा पर साझा दृष्टिकोण
भारत और मलेशिया ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति, स्थिरता और समुद्री मार्गों की स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की अपनी साझा प्रतिबद्धता को दोहराया। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि अंतरराष्ट्रीय कानून और नियम-आधारित व्यवस्था के पालन से ही क्षेत्र में स्थायी शांति संभव है। यह ऐसे समय में महत्वपूर्ण है जब दक्षिण चीन सागर में तनाव और क्षेत्रीय विवाद बढ़ते जा रहे हैं।
आतंकवाद-रोधी सहयोग को भी बैठक में प्राथमिकता दी गई। दोनों पक्षों ने आतंकवाद के विरुद्ध संयुक्त प्रयासों और क्षेत्रीय बहुपक्षीय मंचों के ज़रिए सहयोग आगे बढ़ाने पर सहमति जताई।
मलेशियाई प्रतिनिधिमंडल की गतिविधियाँ
भारत यात्रा के दौरान मलेशियाई सैन्य प्रतिनिधिमंडल ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर जाकर भारत के वीर शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। प्रतिनिधिमंडल ने रक्षा सचिव से भी भेंट की और भारत के रक्षा उद्योग से जुड़े प्रमुख प्रतिष्ठानों का दौरा किया।
आगे की राह
विशेषज्ञों के अनुसार, इस बैठक के बाद भारत और मलेशिया के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, साइबर सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी अभियानों और रक्षा तकनीक में सहयोग को नई गति मिलेगी। दोनों देशों ने स्पष्ट किया कि आपसी विश्वास, साझा हितों और एक सुरक्षित व समृद्ध हिंद-प्रशांत क्षेत्र की समान सोच के आधार पर यह साझेदारी और गहरी होगी।