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भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में 12वीं संयुक्त उप-समिति बैठक, दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर

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भारत-मलेशिया रक्षा सहयोग: नई दिल्ली में 12वीं संयुक्त उप-समिति बैठक, दीर्घकालिक साझेदारी पर जोर

सारांश

भारत और मलेशिया ने नई दिल्ली में 12वीं संयुक्त उप-समिति बैठक के साथ रक्षा औद्योगिक साझेदारी को नई गति दी। 1 जुलाई की नौसेना स्टाफ वार्ता के बाद यह दूसरी अहम बैठक है, जो हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक सक्रियता को रेखांकित करती है।

मुख्य बातें

भारत-मलेशिया रक्षा उद्योग सहयोग पर 12वीं संयुक्त उप-समिति बैठक 3 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित हुई।
भारतीय पक्ष का नेतृत्व डॉ.
विजय नामदेवराव जादे (संयुक्त सचिव, नौसेना प्रणाली) और मलेशियाई पक्ष का मोहद निज़ाम बिन मोहम्मद खीर (अवर सचिव, रक्षा उद्योग प्रभाग) ने किया।
दोनों देशों ने रक्षा उद्योग संबंधों को मजबूत करने और दीर्घकालिक सहयोग जारी रखने की प्रतिबद्धता दोहराई।
1 जुलाई 2026 को भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच 11वीं स्टाफ वार्ता भी नई दिल्ली में संपन्न हुई।
दोनों देशों के रक्षा संबंधों की नींव 1993 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) पर टिकी है।

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं रक्षा उद्योग सहयोग पर गठित संयुक्त उप-समिति की 12वीं बैठक 3 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई, जिसमें दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक संबंधों को और गहरा करने की अपनी प्रतिबद्धता एक बार फिर दोहराई। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब दोनों देशों के बीच नौसैनिक स्तर पर भी संवाद तेज हुआ है।

बैठक का नेतृत्व और प्रतिनिधित्व

भारतीय पक्ष की अध्यक्षता रक्षा मंत्रालय के रक्षा उत्पादन विभाग के संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव जादे ने की। मलेशिया की ओर से रक्षा मंत्रालय के रक्षा उद्योग प्रभाग के अवर सचिव मोहद निज़ाम बिन मोहम्मद खीर ने सह-अध्यक्षता की। दोनों वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति इस बैठक को कूटनीतिक दृष्टि से महत्त्वपूर्ण बनाती है।

मुख्य घटनाक्रम और प्रतिबद्धताएँ

रक्षा उत्पादन विभाग ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर पोस्ट करते हुए बताया कि दोनों पक्षों ने 'दीर्घकालिक सहयोग जारी रखने और दोनों देशों के बीच रक्षा उद्योग से जुड़े संबंधों को और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई।' इस बैठक में संयुक्त परियोजनाओं, रक्षा उपकरणों के सह-विकास, खरीद, लॉजिस्टिक्स, रखरखाव और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग के विस्तार पर चर्चा हुई।

नौसेना स्तर पर भी बढ़ी सक्रियता

गौरतलब है कि इस बैठक से दो दिन पहले, 1 जुलाई 2026 को, भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच 11वीं स्टाफ वार्ता भी नई दिल्ली में सफलतापूर्वक संपन्न हुई। उस बैठक में हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने, आपसी सहयोग बढ़ाने और समुद्री साझेदारी को नई ऊँचाई देने पर विस्तृत चर्चा हुई। भारतीय नौसेना के प्रवक्ता ने एक्स पर इसकी पुष्टि की।

ऐतिहासिक पृष्ठभूमि

भारत और मलेशिया के बीच रक्षा सहयोग की जड़ें वर्ष 1993 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) में हैं, जिसे इन संबंधों की आधारशिला माना जाता है। इस MoU के अंतर्गत दोनों देश संयुक्त रक्षा परियोजनाओं, उपकरण विकास, खरीद और प्रशिक्षण कार्यक्रमों में भागीदारी कर सकते हैं। पिछले तीन दशकों में यह साझेदारी धीरे-धीरे विस्तृत होती रही है, और हालिया बैठकों की श्रृंखला इसी निरंतरता का हिस्सा है।

आगे की राह

यह ऐसे समय में आया है जब भारत अपनी 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा नीति के तहत विदेशी भागीदारों के साथ सह-उत्पादन और सह-विकास समझौतों को प्राथमिकता दे रहा है। मलेशिया के साथ बढ़ती यह सक्रियता हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को और पुख्ता करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

रणनीतिक समन्वय है। भारत दक्षिण-पूर्व एशिया में अपनी रक्षा कूटनीति को तेज कर रहा है, और मलेशिया उसका एक अहम धुरी बन रहा है। हालाँकि 1993 का MoU तीन दशक पुराना है, असली सवाल यह है कि सह-उत्पादन और सह-विकास के ठोस परिणाम अब तक कितने सामने आए हैं। बैठकों की संख्या बढ़ना प्रगति का संकेत है, लेकिन जब तक अनुबंध और उत्पाद सार्वजनिक नहीं होते, यह साझेदारी कागज़ों पर ही मजबूत दिखती रहेगी।
RashtraPress
4 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भारत-मलेशिया रक्षा संयुक्त उप-समिति की 12वीं बैठक कब और कहाँ हुई?
यह बैठक 3 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में आयोजित की गई। इसमें रक्षा विज्ञान, प्रौद्योगिकी और रक्षा उद्योग सहयोग के विस्तार पर चर्चा हुई।
बैठक में किन अधिकारियों ने भाग लिया?
भारत की ओर से रक्षा उत्पादन विभाग के संयुक्त सचिव (नौसेना प्रणाली) डॉ. विजय नामदेवराव जादे और मलेशिया की ओर से रक्षा उद्योग प्रभाग के अवर सचिव मोहद निज़ाम बिन मोहम्मद खीर ने सह-अध्यक्षता की।
भारत और मलेशिया के बीच रक्षा सहयोग की शुरुआत कब हुई?
दोनों देशों के बीच रक्षा सहयोग की औपचारिक नींव वर्ष 1993 में हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन (MoU) से पड़ी। इसके तहत संयुक्त परियोजनाएँ, उपकरण विकास, खरीद, लॉजिस्टिक्स और प्रशिक्षण जैसे क्षेत्रों में सहयोग का प्रावधान है।
भारतीय नौसेना और रॉयल मलेशियाई नौसेना के बीच हालिया वार्ता क्या थी?
1 जुलाई 2026 को नई दिल्ली में दोनों नौसेनाओं के बीच 11वीं स्टाफ वार्ता आयोजित हुई। इसमें हिंद महासागर क्षेत्र (IOR) में समुद्री सुरक्षा और आपसी सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई।
इन बैठकों का रणनीतिक महत्त्व क्या है?
ये बैठकें हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती रणनीतिक सक्रियता को दर्शाती हैं। भारत की 'आत्मनिर्भर भारत' रक्षा नीति के तहत मलेशिया जैसे दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के साथ सह-उत्पादन और सह-विकास साझेदारी को प्राथमिकता दी जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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