3 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम का वादा: भारत के साथ 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' और मज़बूत होगी

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम का वादा: भारत के साथ 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' और मज़बूत होगी

सारांश

मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने भारत के उच्चायुक्त की विदाई भेंट को रणनीतिक संवाद में बदल दिया — एक्स पर पोस्ट कर व्यापार, एआई, खाद्य सुरक्षा और शिक्षा में गहरे सहयोग का संकल्प दोहराया। 2025 में 18.59 अरब डॉलर के व्यापार के साथ भारत दक्षिण एशिया में मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है।

मुख्य बातें

मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने 18 मई 2026 को भारत के साथ 'व्यापक रणनीतिक सहयोग' और मज़बूत करने का वादा किया।
यह बयान कुआलालंपुर में भारतीय उच्चायुक्त बी.एन.
रेड्डी की विदाई-शिष्टाचार भेंट के दौरान आया।
2025 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँचा; भारत दक्षिण एशिया में मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार।
पहली मलेशिया-इंडिया डिजिटल काउंसिल (MIDC) बैठक और MY-भारत एआई कॉन्क्लेव कुआलालंपुर में आयोजित हो चुके हैं।
PM नरेंद्र मोदी के फरवरी 2026 के मलेशिया दौरे में सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल और सेमीकंडक्टर सहयोग पर सहमति बनी थी।

मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 18 मई 2026 को स्पष्ट किया कि मलेशिया आपसी लाभ, क्षेत्रीय स्थिरता और दोनों देशों की समृद्धि के लिए भारत के साथ अपने सुदृढ़ संबंधों को और गहरा करता रहेगा। यह बयान कुआलालंपुर में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी की विदाई-शिष्टाचार भेंट के अवसर पर आया, जो जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।

मुलाकात का संदर्भ और महत्व

उच्चायुक्त रेड्डी ने कुआलालंपुर में प्रधानमंत्री इब्राहिम से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर का उपयोग दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। इब्राहिम ने इस भेंट को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक संवाद का अवसर बताया।

मुलाकात के बाद पीएम इब्राहिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इस मीटिंग का इस्तेमाल मलेशिया और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भी किया गया, जो अभी व्यापक रणनीतिक सहयोग के स्तर पर हैं, जिससे व्यापार, डिजिटल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित अलग-अलग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता दिखता है।'

द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि

पीएम इब्राहिम ने द्विपक्षीय व्यापार के सकारात्मक रुझान को रेखांकित किया। 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 18.59 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जिससे भारत दक्षिण एशिया में मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है। यह आँकड़ा इस साझेदारी की आर्थिक गहराई को दर्शाता है।

डिजिटल और एआई सहयोग की नई राह

पीएम इब्राहिम ने बताया, 'हाल ही में कुआलालंपुर में पहली मलेशिया-इंडिया डिजिटल काउंसिल (MIDC) मीटिंग और MY-भारत एआई कॉन्क्लेव के आयोजन से डिजिटल और नई तकनीकी क्षेत्र में सहयोग में काफी तरक्की दिख रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश सेमीकंडक्टर, एआई और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में साझा रणनीतिक हितों की पहचान कर चुके हैं।

मोदी-इब्राहिम शिखर वार्ता की पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे के दौरान पीएम इब्राहिम से मुलाकात की थी और भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के क्रियान्वयन की समीक्षा की थी। उस भेंट के बाद फरवरी में मोदी ने एक्स पर लिखा था, 'भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है। हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्र में विकास सहयोग की समीक्षा की। हम सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल तकनीक और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।'

उस दौरे के समापन पर पीएम इब्राहिम ने कहा था, 'यह दौरा इस उम्मीद के साथ खत्म हुआ कि दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ती रहेगी, जो लंबे इतिहास से जुड़ी है और आपसी सम्मान और भविष्य के लिए एक जैसी उम्मीदों से चलती है।'

आगे की दिशा

भारत-मलेशिया संबंध अब व्यापार और कूटनीति से आगे बढ़कर डिजिटल प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और रक्षा सहयोग तक विस्तारित हो रहे हैं। उच्चायुक्त रेड्डी के उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद यह साझेदारी किस गति से आगे बढ़ती है, यह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

असली परीक्षा MIDC और एआई कॉन्क्लेव जैसे मंचों को ठोस परियोजनाओं में बदलने की होगी। यह ऐसे समय में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जब दक्षिण-पूर्व एशिया में चीन का आर्थिक प्रभाव लगातार बढ़ रहा है और भारत इस क्षेत्र में अपनी वैकल्पिक उपस्थिति दर्ज कराना चाहता है। बिना क्रियान्वयन की समयसीमा और जवाबदेही ढाँचे के, ये घोषणाएँ भव्य इरादों की सूची बनकर रह सकती हैं।
RashtraPress
3 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम ने भारत के बारे में क्या कहा?
PM अनवर इब्राहिम ने कहा कि मलेशिया आपसी लाभ, क्षेत्रीय स्थिरता और दोनों देशों की समृद्धि के लिए भारत के साथ अपने मज़बूत संबंधों को और गहरा करता रहेगा। यह बयान 18 मई 2026 को भारतीय उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी की विदाई भेंट के दौरान आया।
भारत और मलेशिया के बीच द्विपक्षीय व्यापार कितना है?
2025 में भारत-मलेशिया द्विपक्षीय व्यापार 18.59 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया। इसके साथ भारत दक्षिण एशिया में मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है।
मलेशिया-इंडिया डिजिटल काउंसिल (MIDC) क्या है?
MIDC भारत और मलेशिया के बीच डिजिटल और तकनीकी सहयोग को संस्थागत रूप देने का मंच है। इसकी पहली बैठक कुआलालंपुर में हो चुकी है और इसके साथ MY-भारत एआई कॉन्क्लेव भी आयोजित किया गया।
PM मोदी के मलेशिया दौरे में क्या तय हुआ था?
फरवरी 2026 में PM नरेंद्र मोदी के मलेशिया दौरे में दोनों देश सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल तकनीक और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में सहयोग मज़बूत करने पर सहमत हुए थे। व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी और बायोटेक्नोलॉजी में भी सहयोग की समीक्षा हुई थी।
भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी में कौन-से क्षेत्र शामिल हैं?
इस साझेदारी में व्यापार, डिजिटल प्रौद्योगिकी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, खाद्य सुरक्षा, शिक्षा, रक्षा, सेमीकंडक्टर और लोगों के बीच संपर्क शामिल हैं। यह साझेदारी अब केवल आर्थिक नहीं, बल्कि तकनीकी और सुरक्षा आयामों तक भी विस्तारित हो चुकी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 4 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 8 महीने पहले
  5. 8 महीने पहले
  6. 8 महीने पहले
  7. 10 महीने पहले
  8. 12 महीने पहले