मलेशियाई PM अनवर इब्राहिम का वादा: भारत के साथ 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' और मज़बूत होगी
सारांश
मुख्य बातें
मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने 18 मई 2026 को स्पष्ट किया कि मलेशिया आपसी लाभ, क्षेत्रीय स्थिरता और दोनों देशों की समृद्धि के लिए भारत के साथ अपने सुदृढ़ संबंधों को और गहरा करता रहेगा। यह बयान कुआलालंपुर में भारत के उच्चायुक्त बी.एन. रेड्डी की विदाई-शिष्टाचार भेंट के अवसर पर आया, जो जल्द ही अपना कार्यकाल पूरा करने वाले हैं।
मुलाकात का संदर्भ और महत्व
उच्चायुक्त रेड्डी ने कुआलालंपुर में प्रधानमंत्री इब्राहिम से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर का उपयोग दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए किया गया। इब्राहिम ने इस भेंट को महज औपचारिकता नहीं, बल्कि रणनीतिक संवाद का अवसर बताया।
मुलाकात के बाद पीएम इब्राहिम ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'इस मीटिंग का इस्तेमाल मलेशिया और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए भी किया गया, जो अभी व्यापक रणनीतिक सहयोग के स्तर पर हैं, जिससे व्यापार, डिजिटल, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), खाद्य सुरक्षा, शिक्षा और लोगों के बीच संबंधों सहित अलग-अलग क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की हमारी साझा प्रतिबद्धता दिखता है।'
द्विपक्षीय व्यापार में उल्लेखनीय वृद्धि
पीएम इब्राहिम ने द्विपक्षीय व्यापार के सकारात्मक रुझान को रेखांकित किया। 2025 में दोनों देशों के बीच व्यापार 18.59 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जिससे भारत दक्षिण एशिया में मलेशिया का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार बना हुआ है। यह आँकड़ा इस साझेदारी की आर्थिक गहराई को दर्शाता है।
डिजिटल और एआई सहयोग की नई राह
पीएम इब्राहिम ने बताया, 'हाल ही में कुआलालंपुर में पहली मलेशिया-इंडिया डिजिटल काउंसिल (MIDC) मीटिंग और MY-भारत एआई कॉन्क्लेव के आयोजन से डिजिटल और नई तकनीकी क्षेत्र में सहयोग में काफी तरक्की दिख रही है।' यह ऐसे समय में आया है जब दोनों देश सेमीकंडक्टर, एआई और डिजिटल बुनियादी ढाँचे में साझा रणनीतिक हितों की पहचान कर चुके हैं।
मोदी-इब्राहिम शिखर वार्ता की पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि इस वर्ष की शुरुआत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मलेशिया दौरे के दौरान पीएम इब्राहिम से मुलाकात की थी और भारत-मलेशिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी के क्रियान्वयन की समीक्षा की थी। उस भेंट के बाद फरवरी में मोदी ने एक्स पर लिखा था, 'भारत और मलेशिया समुद्री पड़ोसी हैं, जिनके बीच हमेशा गहरी दोस्ती रही है। हमने व्यापार, इंफ्रास्ट्रक्चर, एनर्जी, आईटी, बायोटेक्नोलॉजी और दूसरे क्षेत्र में विकास सहयोग की समीक्षा की। हम सुरक्षा, रक्षा, एआई, डिजिटल तकनीक और सेमीकंडक्टर के क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करने पर भी सहमत हुए।'
उस दौरे के समापन पर पीएम इब्राहिम ने कहा था, 'यह दौरा इस उम्मीद के साथ खत्म हुआ कि दोनों देशों के बीच दोस्ती बढ़ती रहेगी, जो लंबे इतिहास से जुड़ी है और आपसी सम्मान और भविष्य के लिए एक जैसी उम्मीदों से चलती है।'
आगे की दिशा
भारत-मलेशिया संबंध अब व्यापार और कूटनीति से आगे बढ़कर डिजिटल प्रौद्योगिकी, खाद्य सुरक्षा और रक्षा सहयोग तक विस्तारित हो रहे हैं। उच्चायुक्त रेड्डी के उत्तराधिकारी के कार्यभार संभालने के बाद यह साझेदारी किस गति से आगे बढ़ती है, यह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण होगा।