कॉर्बेट टाइगर रिजर्व में नर बाघ का शव मिला, प्राकृतिक मौत की आशंका; WII को भेजे सैंपल
सारांश
मुख्य बातें
उत्तराखंड के कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में सोमवार को नियमित गश्त के दौरान वनकर्मियों को एक नर बाघ का शव मिला। शव धारा बीच क्षेत्र में धारा सोक के किनारे पड़ा था। प्रारंभिक जाँच में मौत का कारण प्राकृतिक प्रतीत हो रहा है, क्योंकि शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए और शिकार या संघर्ष के कोई स्पष्ट निशान नहीं मिले।
घटनाक्रम
वनकर्मियों ने शव मिलते ही उच्च अधिकारियों को तत्काल सूचित किया। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व के निदेशक डॉ. साकेत बडोला के निर्देश पर विभागीय टीम घटनास्थल पर पहुँची। उपनिदेशक राहुल मिश्रा और पार्क वार्डन बिंदर पाल सिंह अपनी-अपनी टीमों के साथ मौके पर पहुँचे।
वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्साधिकारी डॉ. दुश्यंत शर्मा भी मेडिकल टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचे और अधिकारियों की मौजूदगी में बाघ के शव का विधिवत निरीक्षण किया गया। समूची कार्रवाई राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) की गाइडलाइन के अनुसार की गई।
मृत बाघ का विवरण
निदेशक डॉ. बडोला ने बताया कि मृत बाघ नर है और उसकी आयु लगभग आठ से दस वर्ष के बीच आँकी जा रही है। शरीर पर शिकार के कोई निशान नहीं मिले, जिससे प्रारंभिक तौर पर प्राकृतिक मृत्यु की संभावना जताई जा रही है। हालाँकि, मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) की प्रयोगशाला रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगी।
पोस्टमार्टम और जाँच प्रक्रिया
बाघ का पोस्टमार्टम वरिष्ठ वन्यजीव चिकित्सकों की निगरानी में कराया गया। पोस्टमार्टम के दौरान आवश्यक सैंपल लेकर उन्हें जाँच के लिए भारतीय वन्यजीव संस्थान (WII) भेजा जा रहा है। NTCA के नियमों का पालन करते हुए बाघ के शव को विधिवत नष्ट कर दिया गया है।
आगे की निगरानी
घटना के बाद वन विभाग ने कालागढ़ रेंज में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है। कॉर्बेट टाइगर रिजर्व देश के प्रमुख टाइगर रिजर्व में से एक है, और किसी भी बाघ की मृत्यु वन विभाग के लिए गंभीर विषय मानी जाती है। विभाग पूरे मामले की विस्तृत जाँच में जुटा हुआ है और WII की रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।