'कॉफीज ऑफ नागालैंड' मिशन लॉन्च: सिंधिया ने ₹175 करोड़ की कॉफी मूल्य श्रृंखला पहल का शुभारंभ किया
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास और संचार मंत्री ज्योतिरादित्य एम. सिंधिया ने 19 मई 2025 को नागालैंड के लिए क्लस्टर-आधारित 'कॉफी मूल्य श्रृंखला विकास मिशन' — जिसे 'कॉफीज ऑफ नागालैंड' नाम दिया गया है — का औपचारिक शुभारंभ किया। ₹175 करोड़ के परिव्यय वाली यह पहल नागालैंड को एक कच्चे कॉफी उत्पादक राज्य से प्रीमियम, उत्पत्ति-सत्यापन योग्य स्पेशलिटी कॉफी अर्थव्यवस्था में रूपांतरित करने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
मुख्य घटनाक्रम
इस लॉन्च समारोह में पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास मंत्रालय (DoNER) के राज्य मंत्री सुकांत मजूमदार, नागालैंड के मुख्यमंत्री नेफियू रियो, उपमुख्यमंत्री टी.आर. जेलियांग, विधायक एवं भूमि संसाधन सलाहकार जी. इकुतो झिमोमी और DoNER सचिव संजय जाजू उपस्थित रहे। यह 'संपूर्ण-सरकार दृष्टिकोण' पर आधारित मिशन है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकार, उद्योग जगत तथा कॉफी उत्पादक समुदाय एक साझा मंच पर लाए गए हैं।
क्लस्टर आधारित रणनीति
मिशन के तहत दो प्रायोगिक कॉफी क्लस्टरों की पहचान की गई है। कोहिमा जिले के तुओफेमा गाँव को 'अरेबिका' कॉफी उत्पादन के लिए और न्यूलैंड जिले के घोटोवी गाँव को 'रोबस्टा' कॉफी के लिए चुना गया है। इन क्लस्टरों में वृक्षारोपण विकास, कटाई के बाद का प्रसंस्करण, ब्रांडिंग, मार्केटिंग, ट्रैसेबिलिटी, निर्यात, पर्यटन और क्षमता निर्माण को एकीकृत रूप से लागू किया जाएगा।
मंत्री सिंधिया ने इस पहल को 'संपूर्ण भारत दृष्टिकोण' करार दिया — जो सरकारों, मंत्रालयों, कॉफी उत्पादकों, उद्यमियों, प्रसंस्करणकर्ताओं, ब्रांडिंग विशेषज्ञों, निर्यातकों और बाज़ार अग्रणियों को एक मंच पर लाता है।
आम जनता और किसानों पर असर
मिशन का केंद्रीय लक्ष्य नागालैंड के कॉफी उत्पादक समुदायों के लिए संवहनीय और अधिक आय सुनिश्चित करना है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उस परिकल्पना को आधार बनाया गया है जिसमें किसान पूरी कृषि मूल्य श्रृंखला में वास्तविक हितधारक बनें — न केवल उत्पादक। मंत्री ने कहा कि इस पहल की सफलता तब दिखेगी जब 'नागालैंड की कॉफी' को घरेलू और अंतर्राष्ट्रीय, दोनों बाज़ारों में खास पहचान मिलेगी।
पर्यटन और ब्रांडिंग रणनीति
मिशन 'ब्रांड नॉर्थ ईस्ट' के तहत 'नागालैंड की कॉफी' को वैश्विक पहचान दिलाने की योजना बनाता है। इसके लिए मीडिया अभियान, व्यापार मेलों में भागीदारी और कॉफी पर्यटन अनुभवों को बढ़ावा दिया जाएगा। पायलट क्लस्टरों में 'कॉफी बागानों में ठहरने की व्यवस्था' और 'खेत से कप तक' पर्यटन अनुभव विकसित किए जाएंगे, ताकि नागालैंड को स्पेशलिटी कॉफी के एक विशिष्ट उत्पादन स्थल के रूप में स्थापित किया जा सके।
क्या होगा आगे
सरकार ने नागालैंड के लिए एक विश्व-स्तरीय और प्रतिस्पर्धी 'स्पेशलिटी कॉफी इकोसिस्टम' तैयार करने की प्रतिबद्धता जताई है। यह ऐसे समय में आया है जब पूर्वोत्तर भारत की कृषि-आधारित अर्थव्यवस्थाओं को मुख्यधारा की वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं से जोड़ने के प्रयास तेज हो रहे हैं। मिशन के क्रियान्वयन की दिशा में अगले चरण में पायलट क्लस्टरों में ज़मीनी काम शुरू होने की उम्मीद है।