हरियाणा CM नायब सिंह सैनी बोले — HPSC-HSSC भर्ती पर विपक्ष की आलोचना महज़ 'राजनीतिक स्टंट'

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हरियाणा CM नायब सिंह सैनी बोले — HPSC-HSSC भर्ती पर विपक्ष की आलोचना महज़ 'राजनीतिक स्टंट'

सारांश

हरियाणा के CM नायब सिंह सैनी ने HPSC-HSSC भर्ती पर कांग्रेस और INLD के सवालों को 'राजनीतिक स्टंट' करार दिया। उन्होंने मेरिट-आधारित पारदर्शी भर्ती का दावा किया और ऊर्जा संकट पर सार्वजनिक परिवहन अपनाने की अपील भी की।

मुख्य बातें

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने 18 मई 2026 को HPSC और HSSC भर्ती पर विपक्ष की आलोचना को 'राजनीतिक स्टंट' बताया।
सैनी ने कहा कि कांग्रेस और INLD के शासनकाल में मेरिट को प्राथमिकता नहीं दी गई थी।
मुख्यमंत्री ने संवैधानिक अधिकार का हवाला देते हुए कहा कि कोई भी नागरिक किसी भी राज्य में योग्यता के आधार पर नौकरी पा सकता है।
वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनज़र सरकारी दफ्तरों को वर्चुअल बैठकें और वर्क फ्रॉम होम अपनाने के निर्देश दिए गए।
सैनी ने दावा किया कि साढ़े 11 वर्षों में मोदी सरकार की नीतियों से महंगाई नियंत्रण में रही।

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने 18 मई 2026 को चंडीगढ़ में मीडिया से बातचीत के दौरान स्पष्ट किया कि हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) की भर्ती प्रक्रिया पर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) और इंडियन नेशनल लोकदल (INLD) द्वारा उठाए जा रहे सवाल 'सिर्फ राजनीतिक स्टंट' हैं। उन्होंने कहा कि राज्य में भर्तियाँ पूरी तरह पारदर्शी हैं और योग्यता तथा मेरिट ही एकमात्र आधार है।

विपक्ष पर सीधा हमला

मुख्यमंत्री सैनी ने कहा कि कांग्रेस और INLD के शासनकाल में मेरिट को कभी प्राथमिकता नहीं दी गई। उस दौर में युवाओं और उनके परिवारों का सरकारी व्यवस्था पर से भरोसा उठ चुका था, और यह धारणा बन गई थी कि केवल मेहनत और पढ़ाई से सरकारी नौकरी मिलना संभव नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज वही दल भर्ती प्रक्रिया पर सवाल उठाकर राजनीति कर रहे हैं।

संवैधानिक अधिकार और मेरिट-आधारित व्यवस्था

सैनी ने तर्क दिया कि जब हरियाणा के युवा UPSC, पंजाब, उत्तर प्रदेश और गुजरात जैसे राज्यों में नौकरी पाते हैं, तो दूसरे राज्यों के उम्मीदवार हरियाणा में क्यों नहीं आ सकते। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह संवैधानिक व्यवस्था है — कोई भी नागरिक अपनी योग्यता के आधार पर किसी भी राज्य में रोज़गार पा सकता है। मेरिट-आधारित भर्तियाँ इस पारदर्शी व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण हैं।

ऊर्जा संकट पर सरकार की अपील

मध्य पूर्व में जारी तनाव और वैश्विक ऊर्जा संकट का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से ऊर्जा बचाने की अपील की है। उन्होंने आम नागरिकों से पैदल चलने, साइकिल, ट्रेन और सार्वजनिक परिवहन को प्राथमिकता देने का आग्रह किया, और कहा कि निजी वाहनों का उपयोग केवल आवश्यकता पड़ने पर ही किया जाए। सरकारी दफ्तरों को भी अधिकतम बैठकें वर्चुअल माध्यम से करने और जहाँ संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने के निर्देश दिए गए हैं।

महंगाई पर कांग्रेस को घेरा

महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस पर निशाना साधते हुए सैनी ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में महंगाई बेकाबू हो चुकी थी, और आज वही दल संकट के समय राजनीति कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों के कारण देश ने कोविड संकट पर सफलतापूर्वक काबू पाया और पिछले साढ़े 11 वर्षों में महंगाई नियंत्रण में रही। आलोचकों का कहना है कि ये दावे सत्यापन की माँग करते हैं।

आगे क्या

HPSC और HSSC भर्ती प्रक्रिया को लेकर विपक्षी दलों का विरोध जारी रहने की संभावना है। यह मुद्दा हरियाणा की राजनीति में युवा रोज़गार और भर्ती पारदर्शिता को केंद्र में रखेगा, जो आने वाले चुनावी चक्र में अहम भूमिका निभा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

इसलिए केवल 'मेरिट' का दावा पर्याप्त नहीं — स्वतंत्र ऑडिट और सार्वजनिक डेटा ज़रूरी है। ऊर्जा संकट और महंगाई के मुद्दों को एक ही प्रेस वार्ता में जोड़ना यह भी दर्शाता है कि सरकार भर्ती विवाद से ध्यान हटाने की कोशिश कर रही है।
RashtraPress
19 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हरियाणा CM नायब सिंह सैनी ने विपक्ष की आलोचना को 'राजनीतिक स्टंट' क्यों कहा?
सैनी का कहना है कि HPSC और HSSC भर्तियाँ पूरी तरह मेरिट-आधारित और पारदर्शी हैं, इसलिए कांग्रेस और INLD के सवाल तथ्यहीन राजनीति हैं। उन्होंने तर्क दिया कि इन्हीं दलों के शासन में भर्ती प्रक्रिया में योग्यता को नज़रअंदाज़ किया जाता था।
HPSC और HSSC भर्ती विवाद क्या है?
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) और हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) द्वारा की जा रही सरकारी भर्तियों की प्रक्रिया पर कांग्रेस और INLD ने सवाल उठाए हैं। विपक्ष का आरोप है कि भर्तियाँ पूरी तरह निष्पक्ष नहीं हैं, जिसे सरकार ने खारिज किया है।
क्या दूसरे राज्यों के उम्मीदवार हरियाणा में सरकारी नौकरी पा सकते हैं?
हाँ, मुख्यमंत्री सैनी ने स्पष्ट किया कि यह संवैधानिक व्यवस्था है — कोई भी भारतीय नागरिक योग्यता के आधार पर किसी भी राज्य में रोज़गार पाने का अधिकार रखता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा के युवा भी अन्य राज्यों में नौकरी करते हैं।
हरियाणा सरकार ने ऊर्जा संकट से निपटने के लिए क्या कदम उठाए हैं?
सरकार ने सरकारी दफ्तरों को अधिकतम बैठकें वर्चुअल माध्यम से करने और जहाँ संभव हो वर्क फ्रॉम होम अपनाने के निर्देश दिए हैं। आम नागरिकों से पैदल चलने, साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का उपयोग करने की अपील की गई है।
CM सैनी ने महंगाई पर कांग्रेस को क्यों घेरा?
सैनी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस शासनकाल में महंगाई बेकाबू थी और आज वही दल संकट के समय राजनीति कर रहा है। उन्होंने दावा किया कि पिछले साढ़े 11 वर्षों में केंद्र की नीतियों से महंगाई नियंत्रण में रही है।
राष्ट्र प्रेस
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