बलतेज पन्नू ने हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठाए गंभीर सवाल
सारांश
Key Takeaways
- बलतेज पन्नू ने हरियाणा सरकार की स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल उठाए।
- मुख्यमंत्री नायब सैनी को अपने राज्य पर ध्यान देने की सलाह।
- आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज की सुविधा खतरे में।
- पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ करने के प्रयास चल रहे हैं।
- सिर्फ आरोपों से जनता को मूर्ख नहीं बनाया जाना चाहिए।
चंडीगढ़, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। आम आदमी पार्टी पंजाब के जनरल सेक्रेटरी बलतेज पन्नू ने शनिवार को हरियाणा सरकार और आयुष्मान भारत योजना के बीच चल रहे विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी को पंजाब के मामलों में दखल देने और मुख्यमंत्री भगवंत मान पर आरोप लगाने के बजाय अपने राज्य की समस्याओं पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।
यह प्रतिक्रिया उस समय आई, जब इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने चेतावनी दी कि यदि हरियाणा सरकार द्वारा लंबित भुगतान नहीं किया गया, तो कई निजी अस्पताल आयुष्मान कार्ड के तहत इलाज रोक सकते हैं।
उन्होंने हरियाणा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि वहां की स्वास्थ्य स्थिति संतोषजनक नहीं है। पन्नू ने आरोप लगाया कि नायब सैनी अक्सर पंजाब सरकार की नीतियों पर सवाल उठाते हैं, जबकि उन्हें अपने राज्य की स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक ध्यान देना चाहिए। उनके अनुसार, यदि भुगतान से संबंधित समस्याएं इसी तरह बनी रहीं, तो हरियाणा में आयुष्मान योजना के तहत स्वास्थ्य सुविधाएं लगभग समाप्त हो सकती हैं।
उन्होंने कहा कि किसी भी सरकार की प्राथमिकता जनता को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करना होनी चाहिए। यदि अस्पतालों को समय पर भुगतान नहीं किया गया, तो वे इलाज से पीछे हट सकते हैं, जिससे आम लोगों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
बलतेज पन्नू ने मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब में हर परिवार को 10 लाख रुपए तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है। उनके अनुसार, अब तक 35 लाख से अधिक परिवार इस योजना से लाभान्वित हो चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में स्वास्थ्य प्रणाली को मजबूत करने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि लोगों को इलाज के लिए अधिक संघर्ष न करना पड़े।
उन्होंने कहा कि पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए मोहल्ला क्लीनिक और सरकारी अस्पतालों को सुदृढ़ किया जा रहा है। पंजाब इस दिशा में कई राज्यों से आगे है, और यहां लोगों को बिना किसी बड़ी परेशानी के इलाज मिल रहा है। उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री को सलाह दी कि यदि तुलना करनी है, तो इन मुद्दों पर तुलना करें, लेकिन केवल आरोप लगाकर जनता को मूर्ख बनाने की कोशिश न करें।