मथुरा नाव हादसा: राजा वारिंग ने शोक व्यक्त किया, पीड़ितों के लिए मुआवजे की मांग की
सारांश
Key Takeaways
- मथुरा नाव हादसा में कई निर्दोष जानें गईं।
- राजा वारिंग ने पंजाब सरकार से मुआवजे की मांग की।
- बचाव कार्य में सेना और अन्य टीमें शामिल हैं।
- सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।
- मृतकों में लुधियाना का एक परिवार भी शामिल है।
चंडीगढ़, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश के मथुरा में यमुना नदी में हुए नाव के दुःखद हादसे पर पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वारिंग ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने पंजाब सरकार से पीड़ितों के लिए उचित मुआवजे की मांग की है।
राजा वारिंग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, "वृंदावन में घटित इस त्रासदी ने मेरे दिल को तोड़ दिया है, जिसने पंजाब के नागरिकों समेत कई निर्दोष जीवन छीन लिए। इस अपूरणीय क्षति के दर्द को व्यक्त करने के लिए शब्दों की कमी महसूस होती है। शोक संतप्त परिवारों के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं हैं। मैं पंजाब सरकार से अनुरोध करता हूं कि वे प्रभावित परिवारों के लिए पर्याप्त मुआवजा और त्वरित सहायता प्रदान करें।"
उन्होंने आगे कहा कि मैं प्रार्थना करता हूं कि यह परिवार इस दुख को सहन करने की शक्ति प्राप्त करे और दिवंगत आत्माओं को शांति मिले।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इस हादसे में लापता व्यक्तियों की खोज के लिए 200 से अधिक गोताखोरों की टीम कार्यरत है। शुक्रवार की शाम से ही सेना भी बचाव कार्य में जुटी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि यमुना नदी का बहाव तेज होने के कारण लापता लोगों के दूर बहने की संभावना है। बचाव दल 15 किलोमीटर के क्षेत्र में लापता व्यक्तियों की खोज कर रहा है।
ज्ञातव्य है कि यह हादसा शुक्रवार दोपहर वृंदावन के केसी घाट पर हुआ था, जब श्रद्धालुओं से भरी एक नाव अचानक पलट गई। देखते ही देखते खुशी का माहौल मातम में बदल गया। अब तक इस हादसे में 11 लोगों की मृत्यु की पुष्टि हो चुकी है। सबसे दुखद यह है कि जान गंवाने वालों में लुधियाना का एक परिवार शामिल है, जिसने अपने 7 सदस्यों को इस हादसे में खो दिया।
वहीं, अब तक 20 से अधिक व्यक्तियों को सुरक्षित बचा लिया गया है, जिनमें से कुछ को चिकित्सा के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है, लेकिन अभी भी कुछ लापता बताए जा रहे हैं। उनकी खोज के लिए लगातार सर्च ऑपरेशन जारी है। सेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर मौजूद हैं और राहत और बचाव कार्य में जुटी हुई हैं। इसके साथ ही स्थानीय गोताखोरों की भी मदद ली जा रही है ताकि जल्द से जल्द लापता लोगों का पता लगाया जा सके।