स्वीडन में PM मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान, शिवसेना ने जताया गर्व; UBT के दुबे ने SIR और महंगाई पर केंद्र को घेरा

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स्वीडन में PM मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान, शिवसेना ने जताया गर्व; UBT के दुबे ने SIR और महंगाई पर केंद्र को घेरा

सारांश

स्वीडन में PM मोदी को मिले प्रतिष्ठित सम्मान पर शिवसेना ने जहाँ गर्व जताया, वहीं UBT के आनंद दुबे ने इसी मंच से महंगाई, ईंधन संकट और SIR प्रक्रिया पर केंद्र को घेरा — एक ही मुद्दे पर दो शिवसेनाओं की अलग-अलग राजनीति साफ़ दिखी।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी को स्वीडन के 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान से नवाज़ा गया।
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने इसे भारत का गौरव बताया और SIR अभियान में पार्टी की सक्रिय भागीदारी की जानकारी दी।
शिवसेना (यूबीटी) के आनंद दुबे ने सम्मान पर गर्व जताते हुए भी केंद्र पर महंगाई, ईंधन किल्लत और रुपये की गिरावट को लेकर निशाना साधा।
दुबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में घुसपैठ रोकने में विफलता BJP सरकार की जवाबदेही का सवाल है।
तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारों द्वारा ईंधन मूल्यवृद्धि को हेगड़े ने घोषणापत्र से विश्वासघात बताया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान से नवाज़े जाने पर शिवसेना ने गर्व जताया, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए भी केंद्र सरकार पर महंगाई, ईंधन संकट और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर तीखे सवाल दागे। 18 मई को मुंबई में दोनों धड़ों के प्रवक्ताओं ने अपने-अपने रुख स्पष्ट किए।

शिवसेना का रुख: मोदी का सम्मान, भारत का गौरव

शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि स्वीडन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान पूरे भारत के लिए गौरव की बात है। उन्होंने SIR और मतदाता सूची सत्यापन अभियान पर भी अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की।

हेगड़े ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर जाकर असली मतदाताओं की पहचान करने और चुनाव आयोग के अधिकारियों को SIR प्रक्रिया में सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।

कांग्रेस-शासित राज्यों में ईंधन मूल्यवृद्धि पर शिवसेना का हमला

ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया है। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कीमतें बढ़ाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए वादे ज़मीनी स्तर पर नज़र नहीं आते।

UBT के दुबे की दो-तरफ़ा प्रतिक्रिया

शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने PM मोदी को मिले स्वीडिश सम्मान पर कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री को विदेश में सम्मान मिलता है तो पद की गरिमा को लेकर गर्व स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'वही प्रधानमंत्री देश में निष्क्रिय हो जाते हैं तो मन दुखी होता है।'

दुबे ने ईंधन संकट पर कहा कि पूरे भारत में पेट्रोल-डीजल की किल्लत है और रुपये में गिरावट तथा डॉलर की मज़बूती से आम जनता परेशान है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना एक नया राज्य है और सभी को उसके साथ सहयोग की भावना रखनी चाहिए।

SIR प्रक्रिया पर UBT की आलोचना

आनंद दुबे ने SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, और यदि अब भी घुसपैठिए देश में मौजूद हैं तो यह किसकी विफलता है।

उन्होंने कहा कि SIR का किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया है, लेकिन अगर इस प्रक्रिया की आड़ में असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए तो इसका विरोध अवश्यंभावी होगा। दुबे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तंज कसते हुए कहा कि घुसपैठियों को देश में घुसाने की कोशिश जनता माफ नहीं करेगी।

आगे क्या

SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ होती दिख रही है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के बीच मतदाता सूची सत्यापन से लेकर महंगाई तक के मुद्दों पर टकराव जारी रहने के संकेत हैं। PM मोदी को मिला स्वीडिश सम्मान जहाँ सत्तापक्ष के लिए कूटनीतिक उपलब्धि है, वहीं विपक्ष इसे घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने के रूप में देख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

विपक्ष के लिए घरेलू विफलताओं को उजागर करने का अवसर। UBT का यह स्वर — 'विदेश में गर्व, देश में निष्क्रियता' — महंगाई और SIR विवाद को एक सुसंगत आख्यान में पिरोता है जो आम मतदाता को सीधे छूता है। SIR प्रक्रिया पर दोनों धड़ों की सहमति-असहमति की यह रेखा बताती है कि असली लड़ाई प्रक्रिया की वैधता पर नहीं, बल्कि उसके क्रियान्वयन में संभावित पक्षपात पर है — जो आगामी चुनावी मौसम में और तीखी होगी।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी को स्वीडन में कौन-सा सम्मान मिला?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान से नवाज़ा गया। यह स्वीडन के सर्वोच्च राजकीय सम्मानों में से एक माना जाता है।
SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) प्रक्रिया क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण चुनाव आयोग द्वारा मतदाता सूची को अद्यतन करने की प्रक्रिया है। शिवसेना (यूबीटी) का आरोप है कि इस प्रक्रिया की आड़ में असली मतदाताओं के नाम भी काटे जा सकते हैं, जबकि शिवसेना इसे घुसपैठियों की पहचान के लिए ज़रूरी बताती है।
कांग्रेस-शासित राज्यों में ईंधन मूल्यवृद्धि पर क्या विवाद है?
शिवसेना प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े के अनुसार तेलंगाना, कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकारों ने पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ाई हैं, जो उनके घोषणापत्र के वादों के विपरीत है। UBT के आनंद दुबे ने इसे व्यापक ईंधन संकट का हिस्सा बताया।
आनंद दुबे ने केंद्र सरकार पर SIR को लेकर क्या आरोप लगाए?
आनंद दुबे ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में केंद्र में BJP की सरकार रहने के बावजूद यदि घुसपैठिए देश में हैं तो यह सरकार की विफलता है। उन्होंने चेतावनी दी कि SIR के नाम पर असली मतदाताओं के नाम काटे गए तो जनता विरोध करेगी।
शिवसेना और शिवसेना (यूबीटी) के बीच इन मुद्दों पर मुख्य अंतर क्या है?
शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट) PM मोदी के सम्मान को राष्ट्रीय गौरव मानती है और SIR को घुसपैठ रोकने का ज़रूरी कदम बताती है। शिवसेना (यूबीटी) सम्मान पर गर्व जताते हुए भी महंगाई, ईंधन संकट और SIR के संभावित दुरुपयोग पर केंद्र को जवाबदेह ठहराती है।
राष्ट्र प्रेस
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