स्वीडन में PM मोदी को 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान, शिवसेना ने जताया गर्व; UBT के दुबे ने SIR और महंगाई पर केंद्र को घेरा
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान से नवाज़े जाने पर शिवसेना ने गर्व जताया, जबकि शिवसेना (यूबीटी) ने इस सम्मान को स्वीकार करते हुए भी केंद्र सरकार पर महंगाई, ईंधन संकट और विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया को लेकर तीखे सवाल दागे। 18 मई को मुंबई में दोनों धड़ों के प्रवक्ताओं ने अपने-अपने रुख स्पष्ट किए।
शिवसेना का रुख: मोदी का सम्मान, भारत का गौरव
शिवसेना के प्रवक्ता कृष्णा हेगड़े ने कहा कि स्वीडन द्वारा प्रधानमंत्री मोदी को दिया गया यह सर्वोच्च सम्मान पूरे भारत के लिए गौरव की बात है। उन्होंने SIR और मतदाता सूची सत्यापन अभियान पर भी अपनी पार्टी की स्थिति स्पष्ट की।
हेगड़े ने बताया कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी कार्यकर्ताओं को बूथ स्तर पर जाकर असली मतदाताओं की पहचान करने और चुनाव आयोग के अधिकारियों को SIR प्रक्रिया में सहयोग देने के निर्देश दिए हैं।
कांग्रेस-शासित राज्यों में ईंधन मूल्यवृद्धि पर शिवसेना का हमला
ईंधन की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर कृष्णा हेगड़े ने कहा कि तेलंगाना में कांग्रेस सरकार ने पेट्रोल-डीजल महंगा कर दिया है। इससे पहले कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी कीमतें बढ़ाई गई थीं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस के घोषणापत्र में किए गए वादे ज़मीनी स्तर पर नज़र नहीं आते।
UBT के दुबे की दो-तरफ़ा प्रतिक्रिया
शिवसेना (यूबीटी) के प्रवक्ता आनंद दुबे ने PM मोदी को मिले स्वीडिश सम्मान पर कहा कि जब देश के प्रधानमंत्री को विदेश में सम्मान मिलता है तो पद की गरिमा को लेकर गर्व स्वाभाविक है, लेकिन उन्होंने यह भी जोड़ा कि 'वही प्रधानमंत्री देश में निष्क्रिय हो जाते हैं तो मन दुखी होता है।'
दुबे ने ईंधन संकट पर कहा कि पूरे भारत में पेट्रोल-डीजल की किल्लत है और रुपये में गिरावट तथा डॉलर की मज़बूती से आम जनता परेशान है। उन्होंने यह भी कहा कि तेलंगाना एक नया राज्य है और सभी को उसके साथ सहयोग की भावना रखनी चाहिए।
SIR प्रक्रिया पर UBT की आलोचना
आनंद दुबे ने SIR प्रक्रिया को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले 12 वर्षों से केंद्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) की सरकार है, और यदि अब भी घुसपैठिए देश में मौजूद हैं तो यह किसकी विफलता है।
उन्होंने कहा कि SIR का किसी भी पार्टी ने विरोध नहीं किया है, लेकिन अगर इस प्रक्रिया की आड़ में असली मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए तो इसका विरोध अवश्यंभावी होगा। दुबे ने उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे पर भी तंज कसते हुए कहा कि घुसपैठियों को देश में घुसाने की कोशिश जनता माफ नहीं करेगी।
आगे क्या
SIR प्रक्रिया को लेकर राजनीतिक बहस तेज़ होती दिख रही है। महाराष्ट्र में सत्तारूढ़ शिवसेना और विपक्षी शिवसेना (यूबीटी) के बीच मतदाता सूची सत्यापन से लेकर महंगाई तक के मुद्दों पर टकराव जारी रहने के संकेत हैं। PM मोदी को मिला स्वीडिश सम्मान जहाँ सत्तापक्ष के लिए कूटनीतिक उपलब्धि है, वहीं विपक्ष इसे घरेलू मुद्दों से ध्यान भटकाने के रूप में देख रहा है।