PM मोदी को स्वीडन का सर्वोच्च 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान, अब तक 31 अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' के कमांडर ग्रैंड क्रॉस सम्मान से नवाजा गया है। यह सम्मान मिलने के साथ ही मोदी को अब तक विभिन्न देशों और संस्थानों द्वारा प्रदान किए गए कुल अंतरराष्ट्रीय सम्मानों की संख्या 31 हो गई है। इसे भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और प्रधानमंत्री की सक्रिय कूटनीतिक भूमिका का प्रतीक माना जा रहा है।
सम्मान का महत्व और पृष्ठभूमि
रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार स्वीडन का एक ऐतिहासिक राजकीय सम्मान है, जो किसी विदेशी राष्ट्राध्यक्ष या शासनाध्यक्ष को असाधारण कूटनीतिक और द्विपक्षीय संबंधों के योगदान के लिए दिया जाता है। यह सम्मान भारत-स्वीडन संबंधों की मजबूती और प्रधानमंत्री मोदी की वैश्विक कूटनीति की व्यापक स्वीकार्यता को रेखांकित करता है। गौरतलब है कि इससे पहले भी कई देश — जिनमें संयुक्त अरब अमीरात, रूस, सऊदी अरब और मालदीव शामिल हैं — मोदी को अपने सर्वोच्च नागरिक या राजकीय सम्मानों से नवाज चुके हैं।
भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि यह सम्मान केवल देश के प्रधानमंत्री का नहीं, बल्कि विश्व के एक नेतृत्वकर्ता के रूप में मिला है। उन्होंने इसे भारत के नागरिकों के लिए अत्यंत हर्ष का विषय बताया।
BJP सांसद योगेंद्र चंदोलिया ने कहा, 'पीएम मोदी ने कई देशों में अपनी एक मजबूत वैश्विक स्थिति बनाई है। स्वीडन से पहले भी, कई देशों ने उन्हें अपने सर्वोच्च सम्मानों से सम्मानित किया है। यह देश के लिए खुशी का क्षण है, और पीएम मोदी की लोकप्रियता बढ़ती जा रही है।'
BJP सांसद संजय जायसवाल ने कहा कि पीएम मोदी पूरी दुनिया के लिए एक मिसाल हैं और सभी वैश्विक नेता उसी समर्पण से काम करना चाहते हैं जिस तरह मोदी भारत के भविष्य के लिए कार्य करते हैं। उन्होंने कहा, 'इसीलिए हर देश में उनको सम्मानित किया जाता रहा है।'
BJP प्रवक्ता आरपी सिंह ने इस सम्मान को गर्व का विषय बताते हुए कहा कि प्रधानमंत्री मोदी दुनिया से सबसे अधिक सम्मान पाने वाले नेता हैं और उनके नेतृत्व में भारत की एक विशिष्ट वैश्विक पहचान बनी है।
भारत की वैश्विक कूटनीति पर असर
विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त करना भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता का संकेत है। यह ऐसे समय में आया है जब भारत जी-20 की अध्यक्षता के बाद से वैश्विक मंचों पर अपनी भूमिका को और सशक्त कर रहा है। भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंध व्यापार, प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा के क्षेत्रों में लगातार प्रगाढ़ हो रहे हैं।
आगे की राह
यह सम्मान ऐसे समय में मिला है जब भारत अपनी विदेश नीति को बहुध्रुवीय विश्व व्यवस्था के अनुरूप ढाल रहा है। आने वाले महीनों में प्रधानमंत्री मोदी की कई महत्वपूर्ण विदेश यात्राएँ प्रस्तावित हैं, जो भारत की वैश्विक साझेदारी को और विस्तार देंगी।