स्वीडन ने आतंकवाद पर भारत का साथ दिया, मोदी को मिला 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान

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स्वीडन ने आतंकवाद पर भारत का साथ दिया, मोदी को मिला 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान

सारांश

स्वीडन दौरे पर PM मोदी को देश का सर्वोच्च 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान मिला — यह उनका 31वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है। पहलगाम हमले पर स्वीडन के समर्थन ने इस यात्रा को महज कूटनीतिक शिष्टाचार से आगे, आतंकवाद-विरोधी साझेदारी की ठोस अभिव्यक्ति बना दिया।

मुख्य बातें

PM नरेंद्र मोदी 17 मई 2026 को स्वीडन यात्रा पर पहुँचे; गोटेनबर्ग हवाई अड्डे पर PM उल्फ क्रिस्टर्सन ने स्वागत किया।
स्वीडन ने पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद भारत के प्रति समर्थन व्यक्त किया; मोदी ने आभार जताया।
मोदी को स्वीडन का प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' कमांडर ग्रैंड क्रॉस सम्मान प्रदान किया गया।
यह मोदी का 31वाँ अंतरराष्ट्रीय सम्मान है।
दोनों देशों ने व्यापार, हरित ऊर्जा, नवाचार और रक्षा सहयोग पर द्विपक्षीय वार्ता की।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वीडन यात्रा के दौरान 17 मई 2026 को गोटेनबर्ग हवाई अड्डे पर स्वीडिश प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन ने उनका औपचारिक स्वागत किया। इस यात्रा में स्वीडन ने आतंकवाद के विरुद्ध भारत के रुख का समर्थन किया, जिसके लिए प्रधानमंत्री मोदी ने क्रिस्टर्सन के प्रति आभार व्यक्त किया। दोनों देशों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, हरित ऊर्जा, नवाचार और रक्षा सहयोग को नई गति देने पर विस्तृत द्विपक्षीय वार्ता भी हुई।

आतंकवाद पर साझा रुख

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) की ओर से जारी बयान में कहा गया कि भारत और स्वीडन इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर चुनौती है। प्रधानमंत्री मोदी ने विशेष रूप से पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद स्वीडन से मिले समर्थन का उल्लेख करते हुए कहा, 'हम आतंकवाद और उसके समर्थकों के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे।' यह ऐसे समय में आया है जब भारत अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आतंकवाद के विरुद्ध व्यापक गठबंधन बनाने की कोशिश में जुटा है।

ऐतिहासिक 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान

स्वीडन यात्रा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी को स्वीडन के प्रतिष्ठित 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' कमांडर ग्रैंड क्रॉस सम्मान से नवाज़ा गया। यह स्वीडन के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जो विदेशी नागरिकों और वैश्विक स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले नेताओं को प्रदान किया जाता है। 'कमांडर ग्रैंड क्रॉस' इस सम्मान की सर्वोच्च श्रेणी है, जो सरकार प्रमुखों और वरिष्ठ गणमान्य व्यक्तियों को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और द्विपक्षीय संबंधों को सुदृढ़ करने में योगदान के लिए दी जाती है।

गौरतलब है कि इस सम्मान के साथ प्रधानमंत्री मोदी को अब तक विभिन्न देशों की सरकारों और संस्थानों की ओर से कुल 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं। इसे भारत के बढ़ते वैश्विक प्रभाव और मोदी की विस्तृत कूटनीतिक पहुँच का प्रतीक माना जा रहा है।

द्विपक्षीय वार्ता के प्रमुख बिंदु

दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच हुई वार्ता में व्यापार, निवेश, हरित परिवर्तन, नवाचार और रणनीतिक साझेदारी को केंद्र में रखा गया। रक्षा सहयोग के क्षेत्र में भी चर्चा हुई, जो भारत-स्वीडन संबंधों के विस्तार की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। स्वीडन यूरोप में भारत के प्रमुख प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा साझेदारों में से एक है।

आगे क्या

इस यात्रा से भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। आतंकवाद पर साझा रुख और रक्षा-प्रौद्योगिकी सहयोग के संकेत आने वाले महीनों में ठोस समझौतों की नींव रख सकते हैं। विश्लेषकों के अनुसार, यह यात्रा यूरोप में भारत की कूटनीतिक सक्रियता की व्यापक रणनीति का हिस्सा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी यह होगी कि यह समर्थन संयुक्त राष्ट्र या बहुपक्षीय मंचों पर ठोस वोट और प्रस्तावों में कितना परिलक्षित होता है। 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' जैसे सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक साख को रेखांकित करते हैं, परंतु आलोचकों का कहना है कि प्रतीकात्मक सम्मानों की लंबी सूची को ठोस व्यापार और रक्षा समझौतों में बदलना अभी भी एक अधूरा एजेंडा है। यूरोप में भारत की बढ़ती कूटनीतिक सक्रियता एक सुविचारित रणनीति का हिस्सा प्रतीत होती है, जिसमें पश्चिमी देशों को पाकिस्तान-प्रायोजित आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

PM मोदी की स्वीडन यात्रा का मुख्य उद्देश्य क्या था?
इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य भारत-स्वीडन द्विपक्षीय संबंधों को व्यापार, निवेश, हरित ऊर्जा, नवाचार और रक्षा के क्षेत्रों में मजबूत करना था। साथ ही आतंकवाद के विरुद्ध साझा रुख को औपचारिक रूप देना भी इस यात्रा का अहम हिस्सा रहा।
'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान क्या है?
यह स्वीडन के सर्वोच्च सम्मानों में से एक है, जो विदेशी नागरिकों और वैश्विक स्तर पर विशिष्ट योगदान देने वाले नेताओं को दिया जाता है। 'कमांडर ग्रैंड क्रॉस' इसकी सर्वोच्च श्रेणी है, जो सरकार प्रमुखों को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में योगदान के लिए प्रदान की जाती है।
स्वीडन ने आतंकवाद पर भारत का समर्थन क्यों किया?
पहलगाम आतंकवादी हमले के बाद स्वीडन ने भारत के प्रति एकजुटता व्यक्त की थी। दोनों देश इस बात पर सहमत हैं कि आतंकवाद पूरी मानवता के लिए एक गंभीर खतरा है और इसके विरुद्ध लड़ाई जारी रखना आवश्यक है।
PM मोदी को अब तक कुल कितने अंतरराष्ट्रीय सम्मान मिले हैं?
स्वीडन के 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' सम्मान के साथ PM मोदी को अब तक विभिन्न देशों की सरकारों और संस्थानों की ओर से कुल 31 अंतरराष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हो चुके हैं।
भारत-स्वीडन वार्ता में किन क्षेत्रों पर चर्चा हुई?
दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच व्यापार, प्रौद्योगिकी, हरित परिवर्तन, नवाचार, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर विस्तृत चर्चा हुई। स्वीडन यूरोप में भारत के प्रमुख प्रौद्योगिकी और हरित ऊर्जा साझेदारों में से एक है।
राष्ट्र प्रेस
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