भोजशाला विवाद पर महंत राजूदास का तीखा बयान: 'आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है हिंदुस्तान का मुसलमान?'

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भोजशाला विवाद पर महंत राजूदास का तीखा बयान: 'आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है हिंदुस्तान का मुसलमान?'

सारांश

लखनऊ में महंत राजूदास ने धार भोजशाला विवाद पर मौलाना अरशद मदनी को घेरा, 30,000 से अधिक तोड़े गए मंदिरों का हवाला देते हुए मुस्लिम समुदाय से इन स्थलों को स्वेच्छा से लौटाने की अपील की और पेपर लीक पर कड़ी सजा की माँग उठाई।

मुख्य बातें

महंत राजूदास ने 18 मई को लखनऊ में धार भोजशाला विवाद पर मौलाना अरशद मदनी और मुस्लिम पक्ष पर तीखा हमला बोला।
महंत ने कहा कि काशी, मथुरा समेत 30,000 से अधिक मंदिर आक्रांताओं द्वारा तोड़े गए थे और मुस्लिम समुदाय को ये स्थल स्वेच्छा से लौटाने चाहिए।
उन्होंने मौलाना मदनी पर आरोप लगाया कि वे देश में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं, जबकि कई इस्लामी देशों में भी यह लागू नहीं है।
ईंधन मूल्य वृद्धि को वैश्विक संकट बताते हुए महंत ने नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की।
पेपर लीक मामले में महंत राजूदास ने दोषियों के विरुद्ध अत्यंत कड़ी सजा की माँग की।

महंत राजूदास ने 18 मई को लखनऊ में धार भोजशाला विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना अरशद मदनी और मुस्लिम पक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने मंदिर-मस्जिद विवाद, हिंदुत्व, ईंधन की बढ़ती कीमतों और पेपर लीक जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक राय रखी।

मौलाना मदनी पर सीधा निशाना

महंत राजूदास ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी देश को बाँटने और पूरे भारत में इस्लाम लागू करने की मंशा रखते हैं। उनके अनुसार, मदनी शरिया कानून लागू करना चाहते हैं, जबकि कई इस्लामी देशों में भी शरिया कानून नहीं है। महंत ने यह भी कहा कि इस्लाम का जन्म लगभग 1400 वर्ष पूर्व हुआ था और उनके अनुसार इसकी कुल आयु 2000 वर्ष है, अर्थात अब यह लगभग 400 वर्ष और चलेगा।

भोजशाला पर महंत का पक्ष

धार भोजशाला मामले पर महंत राजूदास ने कहा कि उस स्थल की आकृति देखकर कोई भी व्यक्ति बता सकता है कि वह मंदिर है। उनका तर्क था कि यदि किसी मस्जिद में शंख, गदा और देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्ह मिलते हैं, तो उस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि काशी और मथुरा समेत 30,000 से अधिक मंदिरों को आक्रांताओं ने तोड़ा था, इसलिए मुस्लिम समुदाय को स्वेच्छा से इन स्थलों को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।

आक्रांताओं के समर्थन पर सवाल

महंत राजूदास ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि हिंदुस्तान का मुसलमान आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है। उनके अनुसार, मंदिर-मस्जिद का मसला हिंदू-मुसलमान का आपसी विषय नहीं है, बल्कि असली मुद्दा यह है कि हिंदुत्व और हिंदू संस्कृति को मिटाने के उद्देश्य से मंदिरों को नष्ट किया गया था।

ईंधन की कीमतों पर राय

ईंधन मूल्य वृद्धि पर महंत राजूदास ने कहा कि यह केवल भारत की नहीं, बल्कि एक वैश्विक समस्या है। उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश के प्रधानमंत्री ने अन्य देशों को दवाइयाँ भेजी थीं। चूँकि भारत में पर्याप्त तेल उत्पादन नहीं होता और आयात पर निर्भरता है, इसलिए कीमतों का बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की।

पेपर लीक पर कड़ा रुख

पेपर लीक की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए महंत राजूदास ने कहा कि इसमें संलिप्त लोगों को अत्यंत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा कठोर परिश्रम करता है और पेपर लीक उनके साथ घोर अन्याय है। उनके अनुसार ऐसे किसी भी मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसकी जड़ें पहले से ही संवेदनशील हैं। पेपर लीक पर उनका रुख जनभावना के अनुरूप है, लेकिन 'गोली मार देनी चाहिए' जैसी भाषा कानून-व्यवस्था की बहस को भावनात्मक धरातल पर ले जाती है, न कि नीतिगत। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर ऐसे बयानों की सनसनी पर ध्यान देती है, लेकिन यह नहीं पूछती कि इस तरह के सार्वजनिक बयान सांप्रदायिक सौहार्द पर दीर्घकालिक रूप से क्या असर डालते हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

महंत राजूदास ने धार भोजशाला विवाद पर क्या कहा?
महंत राजूदास ने कहा कि भोजशाला की आकृति स्पष्ट रूप से मंदिर की है और यदि वहाँ शंख, गदा व देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्ह मिलते हैं तो उस पर विरोध उचित नहीं है। उन्होंने न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए मुस्लिम समुदाय से काशी, मथुरा समेत 30,000 से अधिक तोड़े गए मंदिर स्थलों को स्वेच्छा से हिंदुओं को सौंपने की अपील की।
महंत राजूदास ने मौलाना अरशद मदनी पर क्या आरोप लगाए?
महंत राजूदास ने आरोप लगाया कि मौलाना अरशद मदनी देश को बाँटना चाहते हैं और पूरे भारत में शरिया कानून लागू करना चाहते हैं। महंत ने यह भी कहा कि कई इस्लामी देशों में भी शरिया कानून लागू नहीं है।
महंत राजूदास ने पेपर लीक पर क्या माँग की?
महंत राजूदास ने पेपर लीक को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए इसमें शामिल लोगों के विरुद्ध अत्यंत कड़ी सजा की माँग की। उनका कहना था कि देश का युवा कठोर परिश्रम करता है और पेपर लीक उनके साथ घोर अन्याय है।
ईंधन की बढ़ती कीमतों पर महंत राजूदास का क्या कहना था?
महंत राजूदास ने ईंधन मूल्य वृद्धि को एक वैश्विक संकट बताया और कहा कि यह केवल भारत की समस्या नहीं है। चूँकि भारत तेल आयात पर निर्भर है, इसलिए कीमतें बढ़ना स्वाभाविक है और नागरिकों को ईंधन बचाने की कोशिश करनी चाहिए।
महंत राजूदास के अनुसार मंदिर-मस्जिद विवाद का असली मुद्दा क्या है?
महंत राजूदास के अनुसार यह विवाद हिंदू-मुसलमान का आपसी मसला नहीं है, बल्कि असली मुद्दा यह है कि हिंदुत्व और हिंदू संस्कृति को मिटाने के उद्देश्य से आक्रांताओं ने मंदिरों को नष्ट किया था। उन्होंने सवाल उठाया कि हिंदुस्तान का मुसलमान उन्हीं आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है।
राष्ट्र प्रेस
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