भोजशाला विवाद पर महंत राजूदास का तीखा बयान: 'आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है हिंदुस्तान का मुसलमान?'
सारांश
मुख्य बातें
महंत राजूदास ने 18 मई को लखनऊ में धार भोजशाला विवाद पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए मौलाना अरशद मदनी और मुस्लिम पक्ष पर सीधा हमला बोला। उन्होंने मंदिर-मस्जिद विवाद, हिंदुत्व, ईंधन की बढ़ती कीमतों और पेपर लीक जैसे कई संवेदनशील मुद्दों पर बेबाक राय रखी।
मौलाना मदनी पर सीधा निशाना
महंत राजूदास ने कहा कि मौलाना अरशद मदनी देश को बाँटने और पूरे भारत में इस्लाम लागू करने की मंशा रखते हैं। उनके अनुसार, मदनी शरिया कानून लागू करना चाहते हैं, जबकि कई इस्लामी देशों में भी शरिया कानून नहीं है। महंत ने यह भी कहा कि इस्लाम का जन्म लगभग 1400 वर्ष पूर्व हुआ था और उनके अनुसार इसकी कुल आयु 2000 वर्ष है, अर्थात अब यह लगभग 400 वर्ष और चलेगा।
भोजशाला पर महंत का पक्ष
धार भोजशाला मामले पर महंत राजूदास ने कहा कि उस स्थल की आकृति देखकर कोई भी व्यक्ति बता सकता है कि वह मंदिर है। उनका तर्क था कि यदि किसी मस्जिद में शंख, गदा और देवी-देवताओं के प्रतीक चिन्ह मिलते हैं, तो उस पर आपत्ति क्यों होनी चाहिए। उन्होंने न्यायालय के फैसले की सराहना करते हुए कहा कि काशी और मथुरा समेत 30,000 से अधिक मंदिरों को आक्रांताओं ने तोड़ा था, इसलिए मुस्लिम समुदाय को स्वेच्छा से इन स्थलों को हिंदुओं को सौंप देना चाहिए।
आक्रांताओं के समर्थन पर सवाल
महंत राजूदास ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आता कि हिंदुस्तान का मुसलमान आक्रांताओं के समर्थन में क्यों खड़ा होता है। उनके अनुसार, मंदिर-मस्जिद का मसला हिंदू-मुसलमान का आपसी विषय नहीं है, बल्कि असली मुद्दा यह है कि हिंदुत्व और हिंदू संस्कृति को मिटाने के उद्देश्य से मंदिरों को नष्ट किया गया था।
ईंधन की कीमतों पर राय
ईंधन मूल्य वृद्धि पर महंत राजूदास ने कहा कि यह केवल भारत की नहीं, बल्कि एक वैश्विक समस्या है। उन्होंने कोरोना काल का उल्लेख करते हुए कहा कि उस समय देश के प्रधानमंत्री ने अन्य देशों को दवाइयाँ भेजी थीं। चूँकि भारत में पर्याप्त तेल उत्पादन नहीं होता और आयात पर निर्भरता है, इसलिए कीमतों का बढ़ना स्वाभाविक है। उन्होंने नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की।
पेपर लीक पर कड़ा रुख
पेपर लीक की घटनाओं को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए महंत राजूदास ने कहा कि इसमें संलिप्त लोगों को अत्यंत कड़ी सजा मिलनी चाहिए। उन्होंने कहा कि देश का युवा कठोर परिश्रम करता है और पेपर लीक उनके साथ घोर अन्याय है। उनके अनुसार ऐसे किसी भी मामले में किसी को भी बख्शा नहीं जाना चाहिए।