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क्या मदनियों में आतंक के सरगना बनने की होड़ चल रही है, अदालत को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए?

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क्या मदनियों में आतंक के सरगना बनने की होड़ चल रही है, अदालत को स्वत: संज्ञान लेना चाहिए?

सारांश

भोपाल में मौलाना महमूद मदनी के बयान पर विश्व हिंदू परिषद ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। विहिप ने कहा है कि मदनी और उनके साथी मुस्लिम समाज को भड़काने में लगे हैं। क्या यह स्थिति गंभीर नहीं है?

मुख्य बातें

मदनी का बयान भड़काऊ है।
आतंकवाद की घटनाओं का खतरा बढ़ रहा है।
राष्ट्रीय एकता की आवश्यकता है।
राजनीतिक बयानबाजी से बचना चाहिए।
उच्चतम न्यायालय को संज्ञान लेना चाहिए।

नई दिल्ली, 30 नवंबर (राष्ट्र प्रेस)। भोपाल में जमीयत प्रमुख मौलाना महमूद मदनी द्वारा दिए गए बयान की विश्व हिंदू परिषद ने सख्त निंदा की है और उनके खिलाफ गंभीर कार्रवाई की मांग की है। विहिप के केंद्रीय संयुक्त महामंत्री डॉ. सुरेंद्र जैन ने रविवार को प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि बड़े मदनी हो या छोटे, दोनों में मुस्लिम समाज को भड़काने की होड़ लगी हुई है। वे दोनों प्रयासरत हैं कि कौन पहले लादेन या बगदादी बनता है।

उन्होंने कहा कि लाल किले के पास जो बम विस्फोट हुआ, वह दर्शाता है कि पूरे देश में आतंकवादी घटनाओं की योजना बनाई जा रही थी। एक पूरी यूनिवर्सिटी को जिस तरह से आतंकवादियों का अड्डा बना दिया गया, वह सिर्फ मदरसों में पढ़े लोगों की बात नहीं है, बल्कि सरकारी कॉलेज में पढ़े डॉक्टर भी इस आतंकवादी गिरोह के सरगना बनकर खड़े हो गए हैं।

क्या कोई भी इनकी रक्षा कर सकता है? इन दोनों मौलानाओं का उद्देश्य है कि भारतीय संविधान, न्यायपालिका, प्रशासन, हिंदू समाज और देश की सभी व्यवस्थाओं के खिलाफ मुस्लिम समाज को कैसे भड़काया जाए।

डॉ. जैन ने कहा कि क्या ये मौलाना नहीं जानते कि कहीं रोटियों पर थूक जा रहा है, कहीं लव जिहाद के नाम पर बहनों के साथ बलात्कार हो रहे हैं? शनिवार को ही एक मामले में अदालत ने अपना निर्णय सुनाया है। ऐसे मामलों पर पर्दा डालने के लिए शायद इन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने का यह मार्ग अपनाया है।

उन्होंने चेतावनी दी कि सर्वोच्च न्यायालय के खिलाफ जो वक्तव्य इन्होंने दिया है, वह गंभीर आपत्तिजनक है। कब तक बाबरी मस्जिद का रोना रोते रहोगे? यह समझ लो कि बाबर और बाबरी के नाम पर अब भारत की जनता कोई अवशेष स्वीकार नहीं करेगी। मुस्लिम समाज का बाबर से क्या संबंध है? आप बार-बार मुस्लिम समाज को उसके नाम पर भड़काना चाहते हैं? चाहे वक्फ बोर्ड का मामला हो या ट्रिपल तलाक का, ये सब देशहित में उठाए गए संसदीय कदम हैं।

उन्होंने कहा कि मैं सर्वोच्च न्यायालय से गुजारिश करूंगा कि स्वत: संज्ञान लें और इन राष्ट्रविरोधी वक्तव्यों पर नियंत्रण लगाएं और इन लोगों को उनकी सही जगह बताएं। हम इनके भाषणों का अध्ययन करेंगे, और कानूनी कार्रवाई भी करेंगे, लेकिन ध्यान रखें कि आप मुस्लिम समाज को बर्बादी की ओर ले जा रहे हैं। इस बगावत को किसी भी हाल में सहन नहीं किया जाएगा। हर स्तर पर इसका मुकाबला किया जाएगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि ऐसे बयान केवल समाज में तनाव बढ़ाते हैं। हमें एकता और शांति की आवश्यकता है। देश के सभी समुदायों को साथ आकर एक सकारात्मक दिशा में काम करने की आवश्यकता है, राष्ट्रहित सर्वोपरि होना चाहिए।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

मौलाना महमूद मदनी ने क्या कहा?
मौलाना महमूद मदनी ने एक बयान दिया जिसमें उन्होंने मुस्लिम समाज को भड़काने की कोशिश की।
विश्व हिंदू परिषद ने इस पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विश्व हिंदू परिषद ने मदनी के बयान की कड़ी निंदा की और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
क्या अदालत इस मामले में स्वत: संज्ञान ले सकती है?
हां, यदि अदालत को लगता है कि इस मामले में गंभीरता है, तो वह स्वत: संज्ञान ले सकती है।
राष्ट्र प्रेस
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