मोदी-क्रिस्टर्सन वार्ता: भारत-स्वीडन संबंध 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर पर, गुटेनबर्ग में हुई अहम बैठक
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वीडन के प्रधानमंत्री उल्फ क्रिस्टर्सन के बीच 17 मई 2025 को स्वीडन के गुटेनबर्ग में हुई द्विपक्षीय बैठक में दोनों देशों ने अपने संबंधों को औपचारिक रूप से 'रणनीतिक साझेदारी' के स्तर तक उन्नत करने पर सहमति जताई। यह बैठक भारत-स्वीडन राजनयिक इतिहास में एक उल्लेखनीय पड़ाव मानी जा रही है, जिसमें व्यापार, तकनीक, रक्षा और हरित ऊर्जा सहित कई क्षेत्रों में सहयोग गहरा करने का रोडमैप तय किया गया।
बैठक का मुख्य घटनाक्रम
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि बैठक में स्वीडन की क्राउन प्रिंसेस विक्टोरिया भी उपस्थित रहीं और उन्होंने स्वीडन के राजा तथा रानी की ओर से शुभकामनाएं प्रेषित कीं। प्रधानमंत्री मोदी ने स्वीडन में मिले गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार व्यक्त किया और स्वीडन के राजा कार्ल गुस्ताफ को उनके 80वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दीं।
किन क्षेत्रों में बढ़ेगा सहयोग
विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं ने व्यापार और निवेश, तकनीक और नवाचार, हरित परिवर्तन (ग्रीन ट्रांज़िशन), अंतरिक्ष, रक्षा और सुरक्षा, लघु एवं मध्यम उद्योग, जीवन विज्ञान (लाइफ साइंसेज), डिजिटल तकनीक और टिकाऊ परिवहन जैसे क्षेत्रों में सहयोग विस्तार पर विचार-विमर्श किया। मजबूत और भरोसेमंद सप्लाई चेन के निर्माण पर भी विशेष जोर दिया गया।
भारत-EU FTA और नए अवसर
दोनों नेताओं ने भारत-यूरोपीय संघ (EU) रणनीतिक साझेदारी और हाल ही में संपन्न भारत-EU मुक्त व्यापार समझौते (FTA) के अंतर्गत नए अवसरों की पहचान करने पर सहमति जताई, ताकि दोनों देशों के नागरिकों को व्यापक लाभ मिल सके। गौरतलब है कि यह समझौता भारत और यूरोपीय संघ के बीच आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
भारत की विकास यात्रा में स्वीडन को आमंत्रण
प्रधानमंत्री मोदी ने भारत की तेज आर्थिक प्रगति का उल्लेख करते हुए बताया कि यह प्रगति सुधारों, मजबूत घरेलू मांग, डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर, मैन्युफैक्चरिंग विस्तार और आधुनिक बुनियादी ढाँचे के विकास से संचालित हो रही है। उन्होंने स्वीडिश कंपनियों को 'मेक इन इंडिया', राष्ट्रीय ग्रीन हाइड्रोजन मिशन, राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन तथा स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा, सेमीकंडक्टर और उन्नत मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्रों में निवेश के लिए आमंत्रित किया। प्रधानमंत्री क्रिस्टर्सन ने भारत में डिजिटल बदलाव और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस क्षेत्र की प्रगति की सराहना की और स्वीडन में भारतीय समुदाय के सकारात्मक योगदान को भी स्वीकार किया।
वैश्विक मुद्दों पर साझा दृष्टिकोण
द्विपक्षीय एजेंडे के अतिरिक्त दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी अपने विचार साझा किए। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र और अन्य बहुपक्षीय संस्थाओं में सुधार की आवश्यकता पर बल दिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर आपसी सहयोग बढ़ाने पर सहमति व्यक्त की। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब भारत वैश्विक कूटनीतिक मंच पर अपनी उपस्थिति और भागीदारियाँ तेज़ी से विस्तारित कर रहा है।