'वंदे मातरम्' विवाद: भाजपा ने कांग्रेस से माँगी माफी, 80वें स्वतंत्रता दिवस पर तीखी बयानबाजी
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली में 15 अगस्त 2026 को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर कांग्रेस मुख्यालय (इंदिरा भवन) में आयोजित समारोह का एक वीडियो सामने आने के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। वीडियो में राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के दौरान कांग्रेस के शीर्ष नेता आपस में बातचीत करते दिखाई दे रहे हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे राष्ट्रीय गीत का अपमान बताते हुए कांग्रेस से सार्वजनिक माफी माँगने की माँग की है, जबकि कांग्रेस ने इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताकर खारिज किया है।
वीडियो में क्या दिखाया गया
वायरल वीडियो में — जिसके ऑडियो-वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं की गई है — कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी को 'वंदे मातरम्' के दौरान आपस में बातचीत करते और इशारे करते देखा जा सकता है। दोनों नेता एक पार्टी कार्यकर्ता को बुलाकर उसे कुछ निर्देश देते भी नज़र आते हैं। वीडियो में अंग्रेजी सबटाइटल के ज़रिए लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को कथित तौर पर यह कहते दिखाया गया है, 'हमें गाने की जरूरत नहीं है। हमें वंदे मातरम् गाने की जरूरत नहीं है। यह हमारा अपना वर्जन है।' वीडियो के अंत में सबटाइटल में यह भी लिखा है, 'हम यहाँ अपना गाना गा रहे हैं।' इन सबटाइटल्स की प्रामाणिकता स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हुई है।
भाजपा की प्रतिक्रिया
भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर यह वीडियो साझा करते हुए लिखा, 'आज कांग्रेस मुख्यालय में राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के कथित अपमान को लेकर सोनिया गांधी और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के बीच हुई बातचीत का यह अंश है। अब देश खुद फैसला करे, मेरे लिए चुप रहना ही उचित है।' भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने मीडिया से बातचीत में कहा, 'हमने एक बेहद दुर्भाग्यपूर्ण दृश्य देखा, जहाँ कांग्रेस मुख्यालय में उनकी सर्वोच्च नेता सोनिया गांधी, उनके सुपर अध्यक्ष राहुल गांधी, और वर्तमान अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय गीत के दौरान सावधान मुद्रा में नहीं थे। वे आपस में बातचीत कर रहे थे, टिप्पणी कर रहे थे, और किसी को बुला भी रहे थे। यह वंदे मातरम् के प्रति कांग्रेस का अनादर दर्शाता है।' त्रिवेदी ने यह भी याद दिलाया कि स्वतंत्र भारत की पहली संविधान सभा की कार्यवाही 'वंदे मातरम्' के गायन से शुरू हुई थी, क्योंकि उस समय तक राष्ट्रीय गान को औपचारिक रूप से स्वीकार नहीं किया गया था।
कांग्रेस का पक्ष
कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने इन आरोपों को सिरे से नकारते हुए स्पष्ट किया कि राष्ट्रीय गीत के गायन को रोकने या बाधित करने का कोई प्रयास नहीं किया गया था। कांग्रेस का कहना है कि नेताओं के बीच हुई बातचीत को जानबूझकर किया गया अनादर नहीं माना जा सकता और इन आरोपों को राजनीतिक प्रेरित बताया है।
आम जनता और राजनीतिक असर
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब दोनों प्रमुख दल राष्ट्रीय प्रतीकों और देशभक्ति के आख्यान पर अपनी-अपनी पकड़ मज़बूत करने की कोशिश कर रहे हैं। गौरतलब है कि 'वंदे मातरम्' को लेकर राजनीतिक विवाद नया नहीं है — इस गीत की अनिवार्यता और सम्मान को लेकर समय-समय पर बहसें उठती रही हैं। वीडियो में नेताओं के बीच हुई बातचीत का पूरा संदर्भ अभी भी अस्पष्ट बना हुआ है, और दोनों दलों के बीच तीखी बयानबाजी जारी है।
आगे क्या
भाजपा ने इस मुद्दे को संसद और सड़क — दोनों स्तरों पर उठाने के संकेत दिए हैं। कांग्रेस की ओर से अभी तक कोई औपचारिक खंडन या विस्तृत बयान जारी नहीं किया गया है। वीडियो की प्रामाणिकता और उसमें दिखाए गए सबटाइटल्स की सत्यता पर सवाल बने हुए हैं, जो इस विवाद को और जटिल बनाते हैं।