स्वीडन के सर्वोच्च सम्मान से नवाज़े गए PM मोदी, आचार्य प्रमोद कृष्णम बोले — 'पूरा देश गौरवान्वित'
सारांश
मुख्य बातें
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को स्वीडन ने अपने सर्वोच्च राजकीय सम्मान 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार, कमांडर ग्रैंड क्रॉस' से सम्मानित किया है। इस ऐतिहासिक सम्मान पर कल्कि धाम के पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि यह पुरस्कार केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है। 18 मई को नई दिल्ली में प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का जीवन राष्ट्र-सेवा का जीवंत उदाहरण है।
मोदी को मिला स्वीडन का सर्वोच्च सम्मान
स्वीडन द्वारा प्रदत्त 'रॉयल ऑर्डर ऑफ द पोलर स्टार' उस देश के सर्वोच्च राजकीय पुरस्कारों में से एक है, जो असाधारण राजनयिक और अंतरराष्ट्रीय योगदान के लिए दिया जाता है। आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा, 'पीएम मोदी एक व्यक्ति नहीं, बल्कि एक विचार हैं। विदेश की धरती पर मिलने वाला सम्मान पूरे भारत वर्ष के लिए है।' उन्होंने यह भी कहा कि हर भारतीय इस उपलब्धि पर गर्व महसूस कर रहा है।
भोजशाला फैसले पर आचार्य की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय ने धार स्थित विवादित भोजशाला-कमाल मौला मस्जिद परिसर को वाग्देवी अर्थात देवी सरस्वती को समर्पित मंदिर घोषित किया है। इस फैसले पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कहा कि भोजशाला सदैव से मंदिर ही था और उच्च न्यायालय का यह आदेश सत्य पर आधारित है।
उन्होंने मुस्लिम समाज से अपील करते हुए कहा, 'ज्ञान प्राप्त करना हो तो मां सरस्वती के पास आना ही होगा। जिस तरह हिंदू वहाँ वंदना करने जाएँ, उसी तरह ज्ञान के लिए मुस्लिम समाज भी मां सरस्वती की पूजा करे।'
ओवैसी के बयान पर पलटवार
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने उच्च न्यायालय के इस आदेश की तुलना बाबरी मस्जिद मामले से की थी। इस पर आचार्य प्रमोद कृष्णम ने कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ओवैसी देश को तोड़ने की मंशा रखते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि ओवैसी को 'सदबुद्धि और वतनपरस्ती' मिले।
भाजपा का कांग्रेस पर हमला
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने भोजशाला फैसले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस (कांग्रेस) पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि फैसला आते ही राहुल गांधी ने दिग्विजय सिंह को फोन कर हिंदुओं के विरुद्ध बयान देने का निर्देश दिया। पूनावाला ने कहा कि दिग्विजय सिंह ने न केवल फैसले का विरोध किया, बल्कि इसे सांप्रदायिक रंग भी दिया, जबकि उच्च न्यायालय ने विधिसम्मत निर्णय दिया था।
आगे का परिदृश्य
भोजशाला फैसले को लेकर राजनीतिक और सामाजिक प्रतिक्रियाएँ जारी हैं। यह मामला अब उच्चतर न्यायिक मंचों पर जा सकता है, जबकि PM मोदी को मिला स्वीडिश सम्मान भारत की बढ़ती वैश्विक कूटनीतिक साख को रेखांकित करता है।