अमित शाह ने बस्तर के नेतानार में 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' का उद्घाटन किया, शहीद जवानों के परिजनों से मिले

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अमित शाह ने बस्तर के नेतानार में 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' का उद्घाटन किया, शहीद जवानों के परिजनों से मिले

सारांश

नक्सली हिंसा के उन्मूलन के बाद बस्तर की पहली यात्रा पर गृह मंत्री अमित शाह ने नेतानार में CRPF परिसर के भीतर 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' का उद्घाटन किया और बीजापुर हमले में शहीद जवानों के परिजनों से मिलकर हर संभव सहायता का आश्वासन दिया।

मुख्य बातें

गृह मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को बस्तर के नेतानार गाँव में 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' का उद्घाटन किया।
यह जनहित केंद्र CRPF शिविर परिसर में स्थापित किया गया है और विकास, रोज़गार व आत्मनिर्भरता का माध्यम बनेगा।
शाह ने बीजापुर में शहीद जवानों कलेंद्र प्रसाद नायक और पवन कुमार मांडवी के परिजनों से मुलाकात कर प्रशासनिक व वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि बस्तर शांति, विश्वास और विकास के नए युग में प्रवेश कर रहा है।
यह यात्रा नक्सल-मुक्ति के बाद शाह की बस्तर की पहली यात्रा थी।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने 18 मई 2026 को छत्तीसगढ़ के बस्तर जिले के नेतानार गाँव में 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' का उद्घाटन किया। यह जनहित केंद्र केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल (CRPF) शिविर के परिसर में स्थापित किया गया है और क्षेत्र में नक्सली हिंसा के उन्मूलन के बाद विकास की नई दिशा का प्रतीक माना जा रहा है। यह बस्तर की शाह की पहली यात्रा थी जो नक्सल-मुक्ति की घोषणा के बाद हुई।

उद्घाटन का महत्व और उपस्थित जन

इस कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, प्रदेश भारतीय जनता पार्टी (BJP) अध्यक्ष किरण देव और मंत्री केदार कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और जन प्रतिनिधि उपस्थित रहे। शाह ने इस पहल को विकास, रोज़गार सृजन और आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया।

गौरतलब है कि नेतानार और आसपास का इलाका लंबे समय तक नक्सली गतिविधियों का केंद्र रहा है। ऐसे संवेदनशील क्षेत्र में CRPF परिसर के भीतर एक नागरिक सेवा केंद्र की स्थापना, सुरक्षा बलों और स्थानीय समुदाय के बीच विश्वास बहाली की रणनीति का हिस्सा मानी जा रही है।

शहीद जवानों को श्रद्धांजलि

कार्यक्रम के दौरान शाह ने बस्तर की शांति और सुरक्षा के लिए सर्वोच्च बलिदान देने वाले जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि सुरक्षाकर्मियों के बलिदान को हमेशा याद रखा जाएगा और वे कभी व्यर्थ नहीं जाएँगे। उन्होंने यह भी कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें क्षेत्र में स्थायी शांति सुनिश्चित करने और विकास के लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचाने के लिए दृढ़ प्रतिबद्धता के साथ काम कर रही हैं।

यह ऐसे समय में आया है जब सरकार ने बस्तर को नक्सल-मुक्त घोषित किया है और अब इस क्षेत्र में बुनियादी ढाँचे और सामाजिक सेवाओं के विस्तार पर ध्यान केंद्रित किया जा रहा है।

शहीद परिवारों से मुलाकात

शाह ने बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों — कलेंद्र प्रसाद नायक और पवन कुमार मांडवी — के परिजनों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की। शोक संतप्त परिवारों के साथ बैठकर उन्होंने सांत्वना के शब्द कहे और सरकार की ओर से हर संभव प्रशासनिक एवं वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया।

इसके अलावा उन्होंने क्षेत्र में तैनात सुरक्षाकर्मियों से भी सीधे बातचीत की, उनकी बहादुरी और समर्पण की सराहना की और उनका मनोबल बढ़ाया।

मुख्यमंत्री साय का बयान

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ अपने शहीद सैनिकों के शौर्य और बलिदान को कभी नहीं भूलेगा। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि राज्य सरकार शहीदों के परिवारों की गरिमा, सुरक्षा और कल्याण सुनिश्चित करने के लिए संवेदनशीलता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़ रही है।

साय ने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास से चिह्नित एक नए युग की ओर अग्रसर है, और इस परिवर्तन में सुरक्षा बलों की भूमिका निर्णायक रही है।

आगे क्या

'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' के माध्यम से स्थानीय ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं, रोज़गार और बुनियादी सेवाओं तक सीधी पहुँच मिलने की उम्मीद है। बस्तर में इस तरह के केंद्रों की स्थापना नक्सल-प्रभावित क्षेत्रों में 'विकास के ज़रिए शांति' की नीति का व्यावहारिक रूप है, और आने वाले महीनों में इसके परिणाम इस नीति की सफलता की असली परीक्षा होंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

वहाँ अब सेवाएँ होंगी। लेकिन असली सवाल यह है कि क्या यह केंद्र वास्तव में उन ग्रामीणों तक पहुँचेगा जो दशकों से दोनों तरफ से दबाव में रहे हैं। बस्तर में 'विकास के ज़रिए शांति' की नीति नई नहीं है — पिछली सरकारों ने भी ऐसे प्रयास किए, पर ज़मीनी बदलाव सीमित रहा। इस बार की परीक्षा यह होगी कि क्या ये केंद्र सिर्फ उद्घाटन की सुर्खियों तक सीमित रहते हैं या वास्तव में रोज़गार और सेवाओं की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करते हैं।
RashtraPress
18 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' क्या है?
यह बस्तर जिले के नेतानार गाँव में CRPF शिविर परिसर के भीतर स्थापित एक जनहित केंद्र है, जिसका उद्घाटन 18 मई 2026 को गृह मंत्री अमित शाह ने किया। यह केंद्र स्थानीय ग्रामीणों को विकास, रोज़गार और सरकारी सेवाओं तक सीधी पहुँच देने के उद्देश्य से बनाया गया है।
अमित शाह ने बस्तर में किन शहीद जवानों के परिवारों से मुलाकात की?
शाह ने बीजापुर में नक्सली हमले में शहीद हुए जवानों कलेंद्र प्रसाद नायक और पवन कुमार मांडवी के परिजनों से मुलाकात की। उन्होंने परिवारों को सांत्वना दी और सरकार की ओर से हर संभव प्रशासनिक एवं वित्तीय सहायता का आश्वासन दिया।
यह यात्रा बस्तर के लिए क्यों महत्वपूर्ण है?
यह नक्सली हिंसा के उन्मूलन के बाद शाह की बस्तर की पहली यात्रा थी। यह यात्रा संकेत देती है कि केंद्र सरकार अब इस क्षेत्र में सुरक्षा के बाद विकास और पुनर्निर्माण के चरण में प्रवेश कर रही है।
इस कार्यक्रम में कौन-कौन से नेता उपस्थित थे?
कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री विजय शर्मा, BJP प्रदेश अध्यक्ष किरण देव और मंत्री केदार कश्यप सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और जन प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बस्तर में नक्सल उन्मूलन के बाद सरकार की क्या योजना है?
सरकार 'विकास के ज़रिए शांति' की नीति के तहत बस्तर में बुनियादी ढाँचे, रोज़गार और सामाजिक सेवाओं का विस्तार कर रही है। 'शहीद वीर गुंडाधुर सेवा डेरा' जैसे केंद्र इसी रणनीति का हिस्सा हैं, जिनका उद्देश्य ग्रामीणों को सरकारी योजनाओं से सीधे जोड़ना है।
राष्ट्र प्रेस
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