ईडी ने AAP नेता दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ बैंक फ्रॉड में गिरफ्तार किया, राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार, 18 मई को आम आदमी पार्टी (AAP) नेता दीपक सिंगला को ₹155 करोड़ के बैंक धोखाधड़ी मामले में गिरफ्तार किया और उन्हें नई दिल्ली स्थित राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया। यह कार्रवाई महेश टिम्बर प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े वित्तीय घोटाले की जाँच के तहत की गई है। ED ने अदालत में दीपक सिंगला की ट्रांजिट रिमांड की माँग की है।
छापेमारी और गिरफ्तारी का घटनाक्रम
सोमवार की सुबह ED की टीम ने दिल्ली और गोवा समेत 7 अलग-अलग ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। यह तलाशी अभियान दीपक सिंगला, महेश सिंगला, अमरिक गिल और उनसे जुड़े अन्य लोगों के परिसरों पर चलाया गया।
जाँच के दौरान एजेंसी को कई अहम दस्तावेज़ और डिजिटल साक्ष्य मिले, जिसके आधार पर दीपक सिंगला को हिरासत में लिया गया। अधिकारियों के अनुसार, यह सामग्री मनी लॉन्ड्रिंग के आरोपों की पुष्टि करने में सहायक मानी जा रही है।
घोटाले की प्रकृति और आरोप
ED का कहना है कि आरोपी कंपनियों और उनसे संबद्ध व्यक्तियों ने बैंकों से फर्जी दस्तावेज़ों और गलत जानकारी के ज़रिए करोड़ों रुपये का ऋण प्राप्त किया और उस राशि का दुरुपयोग किया। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह धनराशि किन-किन खातों में स्थानांतरित की गई और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं।
सूत्रों के अनुसार, महेश सिंगला और अमरिक गिल की भूमिका भी जाँच के दायरे में है। ED सभी पहलुओं की गहन समीक्षा कर रही है।
AAP के पहले से गिरफ्तार नेता से संबंध
कथित तौर पर इस वित्तीय घोटाले के तार AAP के पंजाब मंत्री संजीव अरोड़ा से भी जुड़े हैं, जो पहले से ही गिरफ्तार हैं। यह ऐसे समय में आया है जब AAP पहले से ही कई प्रवर्तन कार्रवाइयों के घेरे में है, और यह गिरफ्तारी पार्टी के लिए राजनीतिक दबाव को और बढ़ा सकती है।
गौरतलब है कि यह मामला किसी एक व्यक्ति तक सीमित नहीं दिखता — ED की जाँच का दायरा लगातार विस्तृत होता जा रहा है।
आगे क्या होगा
अदालत में ट्रांजिट रिमांड की सुनवाई के बाद ED आगे की पूछताछ के लिए दीपक सिंगला की हिरासत माँगेगी। सूत्रों का दावा है कि आने वाले दिनों में इस मामले में कई और अहम खुलासे हो सकते हैं और नए नाम भी सामने आ सकते हैं।