क्या केनरा बैंक से फ्रॉड मामले में ईडी की कार्रवाई अमित थेपड़े की गिरफ्तारी का कारण बनी?

सारांश
Key Takeaways
- ईडी ने अमित थेपड़े को मुंबई के पांच सितारा होटल से गिरफ्तार किया।
- धोखाधड़ी की राशि 117.06 करोड़ रुपए है।
- अमित थेपड़े की गिरफ्तारी से जटिल वित्तीय नेटवर्क का खुलासा हुआ।
मुंबई, 25 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केनरा बैंक में धोखाधड़ी के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने एक महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। जांच एजेंसी ने मुंबई के एक प्रमुख पांच सितारा होटल से अमित अशोक थेपड़े को गिरफ्तार किया।
यह मामला केनरा बैंक से 117.06 करोड़ रुपए की धोखाधड़ी से संबंधित है। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के मुंबई जोनल ऑफिस ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत अपनी जांच के तहत अमित अशोक थेपड़े को गिरफ्तार किया। वह लंबे समय से ईडी की जांच से बचता आ रहा था।
ईडी के अधिकारियों ने खुफिया जानकारी के आधार पर उसे दक्षिण मुंबई के एक प्रमुख पांच सितारा होटल से पकड़ा, जहां वह पिछले दो महीनों से रह रहा था।
होटल परिसर में की गई तलाशी के दौरान 50 से अधिक बैंक खातों को फ्रीज कर दिया गया। ईडी ने 9.5 लाख रुपए की नकदी, 2.33 करोड़ रुपएपांच दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
सीबीआई और एसीबी, पुणे ने गैलेक्सी कंस्ट्रक्शन्स एंड कॉन्ट्रैक्टर्स प्राइवेट लिमिटेड (जीसीसीपीएल) और मिट्सम एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड (एमईपीएल) के खिलाफ दो एफआईआर दर्ज की थीं। इसी आधार पर ईडी ने जांच प्रारंभ की। अमित थेपड़े के स्वामित्व की दोनों कंपनियों ने विभिन्न अचल संपत्तियों को गिरवी रखकर केनरा बैंक से ऋण लिया था।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पहले से बेची गई संपत्तियों को गिरवी रखकर या उन्हीं संपत्तियों को दो बार गिरवी रखकर बैंक को धोखा देने की योजना बनाई, जिससे ऋण प्राप्त किया गया और बाद में इसका निजी उपयोग किया गया।
जांच में यह भी पाया गया कि अमित थेपड़े ने आपराधिक गतिविधियों से प्राप्त अवैध धन को विभाजित करने और एकीकृत करने के लिए एक जटिल वित्तीय नेटवर्क बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनकी गिरफ्तारी व्यापक निगरानी और फोरेंसिक वित्तीय विश्लेषण के बाद हुई, जिसमें कई लेनदेन का खुलासा हुआ, जिसका उद्देश्य अपराध की आय के वास्तविक स्रोत को छिपाना और उन्हें वैध संपत्ति के रूप में प्रस्तुत करना था।