18 अगस्त 2026
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जल जीवन मिशन 2.0: अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल के साथ एमओयू, सीआर पाटिल ने दी जानकारी

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जल जीवन मिशन 2.0: अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल के साथ एमओयू, सीआर पाटिल ने दी जानकारी

सारांश

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत केंद्र ने एक ही दिन दो अहम एमओयू किए — अंडमान-निकोबार के दूरस्थ द्वीपों और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों तक स्वच्छ पेयजल पहुँचाने का संकल्प। सीआर पाटिल ने नीदरलैंड्स के डैम और गुजरात के कल्पसर प्रोजेक्ट की समानता भी रेखांकित की।

मुख्य बातें

जल शक्ति मंत्रालय ने 18 मई 2026 को अंडमान-निकोबार प्रशासन और पश्चिम बंगाल सरकार के साथ अलग-अलग एमओयू पर हस्ताक्षर किए।
दोनों समझौते जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत 'हर घर जल' लक्ष्य को साकार करने के लिए हैं।
अंडमान-निकोबार समारोह में उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी और राज्य मंत्री वी.
सोमन्ना उपस्थित रहे।
पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए।
केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने गुजरात के कल्पसर प्रोजेक्ट की तुलना नीदरलैंड्स के प्रसिद्ध डैम से की।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सोमवार, 18 मई 2026 को जानकारी दी कि जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत पेयजल एवं स्वच्छता विभाग, जल शक्ति मंत्रालय ने अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह प्रशासन तथा पश्चिम बंगाल सरकार — दोनों के साथ अलग-अलग समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए। इन समझौतों का उद्देश्य दूरस्थ एवं ग्रामीण क्षेत्रों में 'हर घर जल' के लक्ष्य को व्यावहारिक रूप देना है।

अंडमान-निकोबार के साथ एमओयू: मुख्य घटनाक्रम

पाटिल ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह के साथ हुआ यह एमओयू दूरस्थ एवं द्वीपीय क्षेत्रों में सुरक्षित, नियमित एवं सतत पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। हस्ताक्षर समारोह में अंडमान एवं निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा मंत्रालय एवं केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

गौरतलब है कि अंडमान-निकोबार जैसे द्वीपीय भूगोल में स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति एक दीर्घकालिक चुनौती रही है। यह एमओयू उस चुनौती को केंद्र-राज्य साझेदारी के ढाँचे में संस्थागत रूप देने का प्रयास है।

पश्चिम बंगाल के साथ साझेदारी

इसी क्रम में जल शक्ति मंत्रालय एवं पश्चिम बंगाल सरकार के बीच भी एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी वर्चुअल माध्यम से कार्यक्रम में शामिल हुए, जबकि राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों ने भी सहभागिता की। राज्य मंत्री वी. सोमन्ना एवं पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के अधिकारी भी मौजूद रहे।

मंत्री पाटिल ने कहा कि पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों तक सुरक्षित पेयजल सेवाओं का विस्तार न केवल लोगों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन लाएगा, बल्कि समावेशी विकास एवं जन सहभागिता आधारित सुशासन को भी सशक्त करेगा।

कल्पसर प्रोजेक्ट का संदर्भ

पाटिल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नीदरलैंड्स दौरे का उल्लेख करते हुए बताया कि उन्होंने वहाँ के प्रसिद्ध डैम का दौरा किया, जो गुजरात के बहुप्रतीक्षित कल्पसर प्रोजेक्ट से मिलता-जुलता है। कल्पसर एक बहुउद्देशीय परियोजना है जिसका लक्ष्य खंभात की खाड़ी के दोनों किनारों को जोड़कर मीठे पानी का एक विशाल सरोवर बनाना है — जिससे बिजली उत्पादन, सिंचाई, उद्योग और पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा सके।

आम जनता पर असर

इन दोनों एमओयू से अंडमान-निकोबार के दूरदराज के द्वीपों और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लाखों परिवारों को नल से स्वच्छ जल मिलने की संभावना बढ़ेगी। यह ऐसे समय में आया है जब जल जीवन मिशन के तहत देशभर में 'हर घर जल' कनेक्शन की गति तेज़ की जा रही है।

आगे चलकर इन समझौतों के क्रियान्वयन की निगरानी केंद्र और संबंधित राज्य/केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन संयुक्त रूप से करेंगे।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली कसौटी क्रियान्वयन की होगी। अंडमान-निकोबार जैसे भौगोलिक रूप से बिखरे द्वीपसमूह में 'हर घर जल' पहुँचाना तकनीकी और लॉजिस्टिक दोनों दृष्टि से जटिल कार्य है, जिसे केवल समझौते से हल नहीं किया जा सकता। पश्चिम बंगाल के संदर्भ में, मुख्यमंत्री का वर्चुअल शामिल होना राजनीतिक समन्वय का संकेत है, पर ज़मीनी वितरण तंत्र की मज़बूती ही यह तय करेगी कि ग्रामीण परिवारों तक पानी वास्तव में पहुँचता है या नहीं।
RashtraPress
18 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत हुए एमओयू का उद्देश्य क्या है?
इन एमओयू का उद्देश्य अंडमान-निकोबार के दूरस्थ द्वीपीय क्षेत्रों और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित, नियमित एवं सतत पेयजल सेवाएं सुनिश्चित करना है। यह 'हर घर जल' संकल्प को व्यावहारिक रूप देने की दिशा में केंद्र-राज्य साझेदारी का हिस्सा है।
अंडमान-निकोबार एमओयू समारोह में कौन-कौन उपस्थित रहे?
समारोह में अंडमान एवं निकोबार के उपराज्यपाल एडमिरल डीके जोशी, राज्य मंत्री वी. सोमन्ना तथा जल शक्ति मंत्रालय और केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
पश्चिम बंगाल के साथ एमओयू से क्या बदलेगा?
यह समझौता पश्चिम बंगाल के ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल सेवाओं के विस्तार को नई गति देगा। इससे समावेशी विकास और जन सहभागिता आधारित सुशासन को भी बल मिलने की उम्मीद है।
कल्पसर प्रोजेक्ट क्या है और इसका नीदरलैंड्स से क्या संबंध है?
कल्पसर गुजरात की एक बहुउद्देशीय परियोजना है जो खंभात की खाड़ी के दोनों किनारों को जोड़कर मीठे पानी का विशाल सरोवर बनाने का लक्ष्य रखती है — इससे बिजली, सिंचाई और पेयजल की आपूर्ति होगी। केंद्रीय मंत्री सीआर पाटिल ने बताया कि प्रधानमंत्री मोदी ने नीदरलैंड्स दौरे में एक ऐसे ही प्रसिद्ध डैम का दौरा किया जो इस परियोजना से मिलता-जुलता है।
'हर घर जल' मिशन किन क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है?
'हर घर जल' मिशन विशेष रूप से दूरस्थ, आदिवासी और द्वीपीय क्षेत्रों को प्राथमिकता देता है जहाँ स्वच्छ पेयजल की पहुँच ऐतिहासिक रूप से सीमित रही है। अंडमान-निकोबार और पश्चिम बंगाल के ग्रामीण इलाके इसी श्रेणी में आते हैं।
राष्ट्र प्रेस
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