क्या नल से जल ने ग्रामीण जीवन में बदलाव लाया है?

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क्या नल से जल ने ग्रामीण जीवन में बदलाव लाया है?

सारांश

जल जीवन मिशन के तहत 'हर घर जल' योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नल से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता ने जीवन में महत्वपूर्ण परिवर्तन लाया है। विभिन्न विश्वविद्यालयों और संस्थानों के द्वारा प्रभाव आकलन किया जाएगा, जो इस बदलाव की वास्तविकता को उजागर करेगा। जानिए इस पहल के प्रभाव और परिणाम।

Key Takeaways

  • जल जीवन मिशन के तहत नल से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता।
  • ग्रामीण स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार।
  • महिलाओं की आत्मनिर्भरता में वृद्धि।
  • प्रभाव आकलन के द्वारा वास्तविकता का पता लगाना।
  • बुंदेलखंड क्षेत्र में विशेष ध्यान।

लखनऊ, 16 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जल जीवन मिशन के तहत आरंभ की गई ‘हर घर जल’ योजना से ग्रामीण क्षेत्रों में नल के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता से रोजमर्रा की जिंदगी में महत्वपूर्ण परिवर्तन हो रहा है। इस परिवर्तन की वास्तविकता को उजागर करने के लिए प्रदेश के विभिन्न जिलों में केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा प्रभाव आकलन (इंपैक्ट असेसमेंट) किया जाएगा।

लखनऊ, अयोध्या, प्रयागराज, वाराणसी सहित 11 मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया चल रही है। बुंदेलखंड क्षेत्र में यह कार्यभार आईआईटी मद्रास को सौंपे जाने की योजना है। मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडलों में प्रभाव की जांच केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से कराने की योजना है।

नल से मिलने वाले पेयजल ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य के स्तर में सुधार लाने के साथ-साथ बच्चों की शिक्षा में निरंतरता को बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त, रोजगार के लिए प्रवासन में कमी आई है और सबसे महत्वपूर्ण यह कि महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का अवसर मिला है।

आईआईटी मद्रास की टीम सभी प्रभावों का वास्तविकता में आकलन करेगी। इसके लिए राज्य पेयजल एवं स्वच्छता मिशन द्वारा अनुरोध किया गया है। इससे पहले झांसी और चित्रकूट मंडल में किए गए इंपैक्ट असेसमेंट में यही पाया गया कि नल से जल ने ग्रामीण परिवारों का जीवन आसान बना दिया है।

गोरखपुर मंडल में हुए अध्ययन में भी शुद्ध पेयजल की आपूर्ति का सकारात्मक सामाजिक प्रभाव देखा गया है। बुंदेलखंड के अलावा प्रदेश के अन्य हिस्सों में भी योजना के प्रभाव का मूल्यांकन किया जा रहा है। अयोध्या, बस्ती, प्रयागराज, वाराणसी, लखनऊ, कानपुर, अलीगढ़, बरेली, सहारनपुर, आजमगढ़ और मिर्जापुर मंडलों में इंपैक्ट असेसमेंट की प्रक्रिया जारी है।

विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि मुरादाबाद, आगरा, मेरठ और देवीपाटन मंडलों के लिए केंद्रीय एवं राज्य विश्वविद्यालयों और अंतरराष्ट्रीय गैर-सरकारी संस्थाओं से आकलन कराने का अनुरोध किया गया है। जल जीवन मिशन के अंतर्गत किए जा रहे व्यापक इंपैक्ट असेसमेंट से यह भी स्पष्ट होगा कि नल से आया जल सिर्फ सुविधा बना या ग्रामीण परिवर्तन की वास्तविक धारा।

Point of View

बल्कि यह सामाजिक और आर्थिक बदलाव का भी कारण बन रही है। यह महत्वपूर्ण है कि हम इस बदलाव के वास्तविक प्रभावों को समझें और आगे बढ़ें।
NationPress
16/01/2026

Frequently Asked Questions

जल जीवन मिशन क्या है?
जल जीवन मिशन एक सरकारी योजना है जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक घर में नल से शुद्ध पेयजल की आपूर्ति करना है।
प्रभाव आकलन कैसे किया जाएगा?
प्रभाव आकलन विभिन्न केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालयों, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं द्वारा किया जाएगा।
इस योजना का क्या लाभ है?
इस योजना से ग्रामीण स्वास्थ्य में सुधार, बच्चों की शिक्षा में निरंतरता और महिलाओं की आत्मनिर्भरता में वृद्धि हुई है।
कौन सी संस्थाएं प्रभाव आकलन में शामिल हैं?
केंद्रीय/राज्य विश्वविद्यालय, आईआईटी मद्रास और अंतरराष्ट्रीय संस्थाएं इस प्रक्रिया में शामिल होंगी।
प्रभाव आकलन कब तक चलेगा?
प्रभाव आकलन की प्रक्रिया वर्तमान में विभिन्न जिलों में चल रही है और जल्द ही समाप्त होने की उम्मीद है।
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