अमेरिकी कांग्रेस में ईरान के गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की मांग, डेमोक्रेटिक सीनेटर्स का सवाल- एआई का इस्तेमाल हुआ?
सारांश
Key Takeaways
- अमेरिकी कांग्रेस ने ईरान में गर्ल्स स्कूल पर हमले की जांच की मांग की।
- कम से कम 175 लोग मारे गए, जिनमें छात्राएं शामिल थीं।
- सीनेटर्स ने पूछा कि क्या हमले में एआई का इस्तेमाल किया गया था।
- अमेरिकी रक्षा मंत्री ने औपचारिक जांच की पुष्टि की।
- इस घटना ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ाई है।
वाशिंगटन, 14 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ईरान के एक गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल पर अमेरिकी हमले का मामला अब अमेरिका की संसद में गर्मागर्म बहस का विषय बन गया है। अमेरिकी कांग्रेस के डेमोक्रेटिक सीनेटर्स ने इस मामले में पेंटागन से स्पष्टीकरण मांगा है और घटना की संपूर्ण जांच की मांग की है। रिपोर्टों के अनुसार, इस हमले में कम से कम 175 लोगों की जान गई, जिनमें बड़ी संख्या में छात्राएं शामिल थीं।
यह हमला 28 फरवरी को ईरान के मिनाब शहर में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान हुआ था। इस दौरान शाजारेह तैय्येबेह गर्ल्स एलिमेंट्री स्कूल को निशाना बनाया गया, जहां कई छात्राएं मौजूद थीं।
न्यू मैक्सिको के प्रतिनिधि गैब वास्केज ने अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ को एक पत्र लिखकर इस मामले की विस्तृत जानकारी मांगी है। उन्होंने पूछा कि अमेरिकी सेना नागरिकों को नुकसान से बचाने और ऐसे मामलों के बाद क्या कदम उठाती है।
वास्केज और अन्य सीनेटरों ने पत्र में लिखा, "किसी भी स्थिति में नागरिकों और नागरिक संरचनाओं को हमले का लक्ष्य नहीं बनाना चाहिए। सभी पक्षों को उनकी सुरक्षा और सम्मान की सुनिश्चितता हेतु हर संभव प्रयास करना चाहिए।"
उन्होंने 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के दौरान नागरिकों की सुरक्षा के लिए उठाए गए कदमों और इस हवाई हमले में हुए नुकसान की जांच की मांग की।
कांग्रेस सदस्य जेसन क्रो के नेतृत्व में 120 से अधिक डेमोक्रेटिक सांसदों ने भी पेंटागन से इस हमले के संबंध में जवाब मांगा है और ईरान में जारी युद्ध के दौरान नागरिकों की मौतों को लेकर चिंता जताई है।
सीनेटरों ने अपने पत्र में कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा चिंता उस घटना को लेकर है, जिसमें एक लड़कियों के प्राथमिक स्कूल पर हमला हुआ। इस हमले में 175 लोग मारे गए, और लगभग 100 बच्चे एवं स्टाफ घायल हुए।
सीनेटरों ने पेंटागन से यह भी पूछा है कि हमले के दौरान लक्ष्य चुनने की प्रक्रिया क्या थी, नागरिकों को नुकसान का खतरा कितना आंका गया था, और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सेना ने क्या कदम उठाए? यह भी प्रश्न उठाया गया कि क्या लक्ष्य चयन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) तकनीक का उपयोग किया गया था। यदि ऐसा था, तो क्या हमले की अनुमति देने से पहले इसकी इंसानी स्तर पर जांच की गई थी?
सीनेटरों ने मांग की है कि स्कूल पर हुए हमले और अन्य नागरिक हताहतों से संबंधित मामलों की जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
इस बीच, कुछ वरिष्ठ अमेरिकी सीनेटरों ने भी इस घटना की कड़ी निंदा की है, जिनमें मार्क वॉर्नर, ब्रायन शैट्ज, पैटी मरे, जीन शाहीन, जैक रीड और क्रिस कून्स शामिल हैं।
उन्होंने कहा, "स्कूल के बच्चों की हत्या किसी भी स्थिति में बेहद घातक और अस्वीकार्य है। इस घटना की पूरी और निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।"
बढ़ते दबाव के बीच, अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने कहा है कि इस घटना की औपचारिक जांच शुरू कर दी गई है। कमांड स्तर की यह जांच तब तक जारी रहेगी जब तक इस घटना से संबंधित सभी पहलुओं को पूरी तरह से समझ नहीं लिया जाता।
हेगसेथ ने यह भी कहा कि जांच में हमले की परिस्थितियों की गहराई से जांच की जाएगी, और जांच पूरी होने के बाद परिणाम सार्वजनिक किए जाएंगे। अमेरिका जानबूझकर नागरिकों को निशाना नहीं बनाता।
सांसदों द्वारा भेजे गए पत्रों के अनुसार, इस सैन्य अभियान के दौरान अब तक 1,000 से अधिक नागरिकों की मौत होने की खबरें सामने आई हैं। साथ ही यह भी चिंता जताई गई है कि कुछ हमले स्कूलों, अस्पतालों, सार्वजनिक स्थलों और अन्य नागरिक ढांचों पर भी हुए हैं।