छतरपुर में कांग्रेस नेता हल्के राजा पर गोलीबारी, पैर-जांघ-कंधे में लगीं गोलियाँ; ग्वालियर रेफर
सारांश
मुख्य बातें
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में सोमवार, 18 मई की शाम अज्ञात हमलावरों ने कांग्रेस नेता हल्के राजा की गाड़ी पर अंधाधुंध गोलीबारी की, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना इमलिया तिराहा के निकट राजनगर पुलिस थाना क्षेत्र के विक्रमपुर गाँव के पास हुई, जब हल्के राजा छतरपुर से अपने पैतृक गाँव बोलेरो वापस लौट रहे थे।
हमले का घटनाक्रम
परिवार के सदस्यों के अनुसार, दो-तीन वाहनों में सवार सात-आठ हथियारबंद हमलावरों ने हल्के राजा की बोलेरो को घेर लिया और गोलियाँ चलाईं। हल्के राजा के भतीजे अभय राज सिंह बुंदेला ने बताया कि गाड़ी पर करीब छह-सात गोलियाँ दागी गईं। भागने से पहले हमलावरों ने बेसबॉल बैट से भी हमला किया।
हल्के राजा को पैरों, जाँघों और कंधों में कई गोलियाँ लगीं। उन्हें पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ से गंभीर हालत के मद्देनज़र उन्हें ग्वालियर रेफर कर दिया गया।
अस्पताल में इलाज की स्थिति
उपचार की निगरानी कर रहे अनिरुद्ध चतुर्वेदी ने बताया कि हल्के राजा को गंभीर गोली के घावों के साथ गहन चिकित्सा इकाई (ICU) में भर्ती कराया गया है। चतुर्वेदी के अनुसार, 'उनके हाथों और पैरों में गोली के घाव हैं। डॉक्टरों की एक टीम गहन चिकित्सा इकाई में उनका इलाज कर रही है और फिलहाल एक सर्जिकल प्रक्रिया चल रही है।'
परिवार के आरोप और राजनीतिक पृष्ठभूमि
परिवार ने लोकपाल सिंह बुंदेला, वीरेंद्र सिंह बुंदेला और सत्यम सिंह — तीनों एक ही गाँव के निवासी — को इस हमले में आरोपी बताया है। परिवार का आरोप है कि ये तीनों भारतीय जनता पार्टी (BJP) से जुड़े हैं और यह हमला स्थानीय चुनावों से जुड़ी लंबे समय से चली आ रही राजनीतिक दुश्मनी का परिणाम है। हालाँकि, पुलिस ने अभी तक इस दावे की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की है।
यह ऐसे समय में आया है जब मध्य प्रदेश में स्थानीय निकाय चुनावों को लेकर राजनीतिक तनाव बढ़ा हुआ है। गौरतलब है कि राज्य में राजनीतिक हिंसा की छिटपुट घटनाएँ पहले भी सामने आती रही हैं।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच
छतरपुर के पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा ने बताया कि पुलिस टीमों ने घटनास्थल से साक्ष्य एकत्र कर लिए हैं और आरोपियों को पकड़ने के लिए तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया है। सकलेचा के अनुसार, 'प्रारंभिक जाँच से पता चलता है कि यह घटना किसी पुराने विवाद से जुड़ी है। जल्द ही एफआईआर दर्ज की जाएगी और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।'
पुलिस ने स्पष्ट किया है कि हमले के पीछे का सटीक मकसद अभी जाँच के दायरे में है और राजनीतिक दुश्मनी की संभावना समेत सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था
हमले के बाद विक्रमपुर गाँव और आसपास के इलाकों में सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है ताकि तनाव को और बढ़ने से रोका जा सके। हल्के राजा की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है और उनके स्वास्थ्य की निगरानी जारी है।