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आंध्र प्रदेश में सभी घरों को 2028 तक मिलेगा सुरक्षित पेयजल: जल जीवन मिशन 2.0

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आंध्र प्रदेश में सभी घरों को 2028 तक मिलेगा सुरक्षित पेयजल: जल जीवन मिशन 2.0

सारांश

आंध्र प्रदेश में जल जीवन मिशन 2.0 के तहत सभी घरों को 2028 तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराने की योजना है। जानें इस महत्वपूर्ण पहल के बारे में।

मुख्य बातें

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत 2028 तक सभी घरों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध होगा।
चंद्रबाबू नायडू ने इस मिशन के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।
डीडब्ल्यूएसीआरए महिला समूहों को पानी की गुणवत्ता की जांच में शामिल किया जाएगा।
इस मिशन ने लगभग 9 करोड़ महिलाओं पर पानी लाने का बोझ कम किया है।
पेयजल आपूर्ति प्रणालियों की जिम्मेदारी स्थानीय पंचायतों को सौंपी गई है।

अमरावती, 24 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। 'जल जीवन मिशन 2.0' के अंतर्गत, आंध्र प्रदेश के सभी घरों को 2028 तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय और आंध्र प्रदेश सरकार के प्रतिनिधियों ने आज नई दिल्ली में जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 पर एक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने जल जीवन मिशन के विस्तार में मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के प्रयासों की प्रशंसा की, जिन्होंने इस मुद्दे को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष उठाया।

मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने जेजेएम के तहत हर ग्रामीण घर तक निर्बाध और सुरक्षित पीने का पानी पहुंचाने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को दोहराया।

उन्होंने नई दिल्ली में केंद्र और राज्यों के बीच जेजेएम 2.0 को लागू करने के लिए आयोजित एमओयू हस्ताक्षर समारोह में अमरावती से वर्चुअल रूप से भाग लिया।

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ग्रामीण पेयजल आपूर्ति प्रणालियों के संचालन और रखरखाव को प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने याद दिलाया कि इस संबंध में सितंबर 2025 में एक व्यापक नीति पेश की गई थी।

उन्होंने कहा कि जल आपूर्ति प्रणालियों के रखरखाव की जिम्मेदारी स्थानीय पंचायतों को सौंपी गई है। उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण इस मिशन के कार्यान्वयन पर बारीकी से नज़र रख रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जल जीवन मिशन को 2028 तक बढ़ाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने केंद्र सरकार से गोदावरी पुष्करम के समय तक पोलावरम परियोजना को पूरा करने में सहायता देने का भी आग्रह किया।

केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने बताया कि मिशन के पहले चरण में देशभर के 16 करोड़ घरों को नल के कनेक्शन दिए गए हैं, जबकि 3 करोड़ अन्य घरों को अभी भी कवर किया जाना बाकी है।

उन्होंने सुझाव दिया कि आंध्र प्रदेश में पानी की गुणवत्ता की जांच के लिए डीडब्ल्यूएसीआरए महिला समूहों को शामिल किया जाए, जिससे ग्रामीण महिलाओं को सशक्त बनाया जा सके।

उन्होंने आगे कहा कि इस मिशन ने देशभर में लगभग 9 करोड़ महिलाओं पर से पानी लाने का बोझ पहले ही कम कर दिया है।

इस कार्यक्रम में जल शक्ति सचिव अशोक कुमार मीणा और आंध्र प्रदेश पंचायती राज के प्रधान सचिव एस.एस. रावत सहित वरिष्ठ अधिकारियों ने हिस्सा लिया, जबकि उपमुख्यमंत्री पवन कल्याण अमरावती से वर्चुअल रूप से शामिल हुए।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह ग्रामीण महिलाओं के लिए भी कई लाभ प्रदान करेगा।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य 2028 तक सभी घरों को सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है।
इस योजना में किस प्रकार का पेयजल प्रदान किया जाएगा?
इस योजना के तहत सुरक्षित और स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित की जाएगी।
कौन से अधिकारी इस कार्यक्रम में शामिल हुए?
जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल और मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू सहित कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
इस मिशन का लाभ किसे मिलेगा?
इस मिशन का लाभ मुख्य रूप से ग्रामीण क्षेत्र के परिवारों को मिलेगा।
क्या इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को लाभ होगा?
हाँ, इस योजना से ग्रामीण महिलाओं को पानी लाने का बोझ कम होगा, जिससे उन्हें अन्य गतिविधियों में ध्यान केंद्रित करने का अवसर मिलेगा।
राष्ट्र प्रेस
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