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जल जीवन मिशन 2.0 के तहत 5 राज्यों को 1,560 करोड़ रुपए का वित्तीय समर्थन

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जल जीवन मिशन 2.0 के तहत 5 राज्यों को 1,560 करोड़ रुपए का वित्तीय समर्थन

सारांश

केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत पांच राज्यों को 1,560 करोड़ रुपए जारी किए हैं, जो ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल की निरंतर आपूर्ति को सुनिश्चित करेगा। जानिए इसके पीछे की पूरी कहानी।

मुख्य बातें

जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत 1,560 करोड़ रुपए की धनराशि जारी की गई।
पांच राज्यों में जल प्रबंधन को सुधारने के लिए यह वित्तीय सहायता दी गई है।
पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए एक सत्यापन प्रणाली लागू की गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह योजना महत्वपूर्ण है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8.69 लाख करोड़ रुपए के कुल परिव्यय को मंजूरी दी।

नई दिल्ली, 31 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। केंद्र सरकार ने जल जीवन मिशन 2.0 के अंतर्गत पांच राज्यों के लिए 1,560 करोड़ रुपए की राशि जारी की है।

जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने इस महीने की शुरुआत में परिचालन दिशा-निर्देश जारी करने के बाद, नए जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 के तहत कुल 1,561.53 करोड़ रुपए की धनराशि प्रदान की गई है। इस बारे में एक अधिकारी ने मंगलवार को जानकारी दी।

अधिकारी के अनुसार, अनिवार्य अनुपालन शर्तें पूरी करने के बाद, वर्ष 2025-26 के लिए उत्तर प्रदेश को 792.93 करोड़ रुपए, छत्तीसगढ़ को 536.53 करोड़ रुपए, मध्य प्रदेश को 154.02 करोड़ रुपए, ओडिशा को 65.31 करोड़ रुपए और महाराष्ट्र को 12.74 करोड़ रुपए जारी किए गए हैं।

बयान में कहा गया है कि पारदर्शिता, जवाबदेही और बेहतर सेवा वितरण को सुनिश्चित करने के लिए एक संरचित सत्यापन प्रणाली लागू की गई है, जिसे धनराशि जारी होने से पहले राज्यों द्वारा पूरा करना आवश्यक है।

यह भी बताया गया है कि चूंकि अनुमोदित योजनाओं के लिए धनराशि प्रदान की गई है, इसलिए इन योजनाओं के समय पर कार्यान्वयन की बारीकी से निगरानी की जाएगी।

इस प्रक्रिया के तहत, मंत्रालय धनराशि जारी करने से पहले वित्तीय उपयोग, तकनीकी अनुपालन और डेटा सत्यापन का मूल्यांकन करेगा।

बयान में यह उल्लेख किया गया है कि यह नया दृष्टिकोण जवाबदेही को मजबूत करने और प्रभावी परिणामों को सुनिश्चित करने के लिए एक प्रदर्शन-आधारित और अनुपालन-लिंक्ड तंत्र पेश करता है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 10 मार्च को जल जीवन मिशन (जेजेएम) 2.0 को मंजूरी दी, जो मिशन को एक बुनियादी ढांचे-केंद्रित दृष्टिकोण से सेवा वितरण मॉडल की ओर ले जाता है।

इस बदलाव का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है, और यह पेयजल प्रशासन और एक संस्थागत पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए समर्थित है। इस पुनर्गठन के तहत, कैबिनेट ने कुल परिव्यय को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपए करने की भी मंजूरी दी है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो जल संकट की समस्या को हल करने का प्रयास कर रहा है। इससे न केवल जल प्रबंधन में सुधार होगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में जीवन स्तर में भी बढ़ोतरी होगी।
RashtraPress
10 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
जल जीवन मिशन 2.0 का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में पाइप के माध्यम से सुरक्षित पेयजल की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित करना है।
कौन से राज्यों को यह धनराशि जारी की गई है?
धनराशि उत्तर प्रदेश , छत्तीसगढ़ , मध्य प्रदेश , ओडिशा और महाराष्ट्र को जारी की गई है।
इस योजना का कार्यान्वयन कैसे होगा?
इस योजना का कार्यान्वयन एक संरचित सत्यापन प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा, जिसमें वित्तीय उपयोग, तकनीकी अनुपालन और डेटा सत्यापन का मूल्यांकन होगा।
राष्ट्र प्रेस
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