मेघालय सरकार की जल सुरक्षा के प्रति प्रतिबद्धता: हर घर तक जल पहुंचाने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
शिलॉन्ग, 27 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा ने शुक्रवार को प्रत्येक घर तक सुरक्षित और सतत पेयजल सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता को फिर से व्यक्त किया। यह वक्तव्य जल जीवन मिशन के अंतर्गत केंद्र के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के दौरान दिया गया।
यह समझौता ज्ञापन नेशनल जल जीवन मिशन (एनजेजेएम) और मेघालय सरकार के बीच वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से हस्ताक्षरित किया गया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा और केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल उपस्थित थे।
मेघालय की प्राथमिकताओं पर चर्चा करते हुए संगमा ने कहा कि मेघालय जल प्रबंधन के लिए एक समग्र और दीर्घकालिक दृष्टिकोण अपना रहा है, जिसमें स्थिरता और जल स्रोतों के पुनर्जीवन पर विशेष जोर दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा, “हम यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं कि हर घर तक सुरक्षित पेयजल पहुंचे। इसके साथ ही, हम जल स्रोतों से संबंधित चुनौतियों का समग्र समाधान कर रहे हैं ताकि दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित की जा सके।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में, जहां जल स्रोतों की स्थिरता एक चुनौती बनी हुई है, समन्वित योजना और क्रियान्वयन के माध्यम से जल उपलब्धता और प्रबंधन की समस्याओं को हल करने का कार्य कर रही है।
इस समझौते के तहत जल आपूर्ति योजनाओं के कार्यान्वयन के लिए एक ढांचा तैयार किया गया है। एमओयू पर हस्ताक्षर के बाद केंद्र सरकार धनराशि प्रदान करेगी जबकि राज्य सरकार क्रियान्वयन और सेवाओं की आपूर्ति की मुख्य जिम्मेदारी संभालेगी।
केंद्रीय मंत्री सी.आर. पाटिल ने कहा कि पेयजल आपूर्ति के अंतिम छोर तक पहुंच सुनिश्चित करना “विकसित भारत” के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने कहा, “जब तक पेयजल अंतिम व्यक्ति तक नहीं पहुंचेगा, तब तक विकास का व्यापक लक्ष्य पूरा नहीं हो सकता। जल जीवन मिशन को दक्षता और परिणामों पर ध्यान केंद्रित करते हुए लागू करना होगा।”
पाटिल ने जीआरएएमजी प्रोग्राम जैसी अन्य योजनाओं के साथ समन्वय के महत्व पर भी जोर दिया ताकि अधिकतम प्रभाव सुनिश्चित किया जा सके।
कार्यक्रम में मेघालय के पीएचई सचिव प्रवीण बक्शी सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे। कार्यक्रम का समापन राज्य में जल सुरक्षा को सशक्त बनाने की साझा प्रतिबद्धता के साथ हुआ।