24 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

क्या मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने स्वच्छ जल अभियान शुरू किया है, हर घर तक पहुंचेगा साफ पेयजल?

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
क्या मध्य प्रदेश के सीएम मोहन यादव ने स्वच्छ जल अभियान शुरू किया है, हर घर तक पहुंचेगा साफ पेयजल?

सारांश

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘स्वच्छ जल अभियान’ का शुभारंभ किया है, जो जल सुरक्षा और संरक्षण पर केंद्रित है। यह अभियान विभिन्न तकनीकों का उपयोग कर हर घर तक साफ पेयजल पहुँचाने के लिए प्रतिबद्ध है। क्या यह अभियान राज्य में जल संकट की समस्या को सुलझा पाएगा?

मुख्य बातें

स्वच्छ जल अभियान 10 जनवरी से शुरू हुआ है।
मुख्यमंत्री ने जल सुरक्षा और संरक्षण पर जोर दिया है।
इस अभियान में तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
हर मंगलवार जल सुनवाई का आयोजन होगा।
लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

भोपाल, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विदिशा और सागर जिलों के दौरे के बाद भोपाल एयरपोर्ट पर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में उन्होंने राज्यव्यापी 'स्वच्छ जल अभियान' का शुभारंभ किया, जो कि 10 जनवरी से आरंभ हो चुका है। यह अभियान जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई के महत्वपूर्ण उद्देश्यों पर केंद्रित है।

बैठक में मंत्री कैलाश विजयवर्गीय और प्रहलाद पटेल सहित सभी महापौर, जिला पंचायत अध्यक्ष, कमिश्नर, कलेक्टर, नगर निगम कमिश्नर, जिला पंचायत सीईओ और नगरीय-ग्रामीण क्षेत्रों के जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी जिम्मेदारी है कि हर घर तक साफ जल पहुंचे। तकनीक का उपयोग करते हुए पेयजल की गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगे। किसी भी स्थिति में दूषित पेयजल सप्लाई नहीं होनी चाहिए।

स्वच्छ जल अभियान दो चरणों में, 10 जनवरी से 28 फरवरी और 1 मार्च से 31 मई तक चलेगा। अभियान के कई प्रमुख बिंदु हैं, जिनमें जल शोधन यंत्रों और पेयजल संग्रहण टंकियों की सफाई, जीआईएस मैप आधारित एप से निगरानी, पेयजल पाइपलाइन में दूषित मिश्रण रोकने की कार्रवाई, जीआईएस मैप पर वाटर और सीवेज पाइपलाइन की मैपिंग, इंटर-पॉइंट सेक्शन का चिन्हांकन और लीकेज जांच, रोबोट से पाइपलाइन लीकेज की जांच और सभी पेयजल स्रोतों का गुणवत्ता परीक्षण शामिल हैं।

इनके अलावा एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की नियमित निगरानी, हर मंगलवार 'जल सुनवाई' का आयोजन, जहां आम जनता को पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए सुनवाई का अधिकार मिलेगा, 181 हेल्पलाइन पर विशेष व्यवस्था से शिकायत दर्ज और शिकायतों का समयसीमा में निराकरण और आवेदक को सूचित करना शामिल है।

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पेयजल की गुणवत्ता की नियमित जांच हो, दूषित होने पर वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। अल्पकालिक और दीर्घकालिक उपायों से नागरिकों को साफ पानी उपलब्ध कराना सुनिश्चित होगा। अभियान में जन जागरूकता और सामुदायिक सहभागिता पर विशेष जोर दिया जाएगा।

यह अभियान हाल ही में इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से हुई मौतों और बीमारियों के बाद और अधिक प्रासंगिक हो गया है, जहां कई लोगों की जान गई और हजारों प्रभावित हुए।

मुख्यमंत्री ने कहा, "बड़ी चुनौती है, लेकिन गंभीरता से सामना करेंगे और देश में एक आदर्श प्रस्तुत करेंगे।" लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों-कर्मचारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

संपादकीय दृष्टिकोण

यदि सफल होती है, तो यह अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकती है।
RashtraPress
24 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

स्वच्छ जल अभियान कब शुरू हुआ?
यह अभियान 10 जनवरी से शुरू हुआ है।
अभियान का मुख्य उद्देश्य क्या है?
इसका मुख्य उद्देश्य जल सुरक्षा, जल संरक्षण और जल सुनवाई है।
इस अभियान में किन तकनीकों का उपयोग होगा?
इसमें जल शोधन यंत्रों, जीआईएस मैप और अन्य तकनीकों का उपयोग होगा।
जल सुनवाई में आम जनता को क्या अधिकार मिलेगा?
आम जनता को पेयजल संबंधी शिकायतों के लिए सुनवाई का अधिकार मिलेगा।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को क्या चेतावनी दी है?
मुख्यमंत्री ने लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 7 महीने पहले
  7. 8 महीने पहले
  8. 8 महीने पहले