क्या स्वामी स्वप्रकाश का मानना है कि सोमनाथ की ऊर्जा देश के हर हिस्से तक पहुंचनी चाहिए?

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क्या स्वामी स्वप्रकाश का मानना है कि सोमनाथ की ऊर्जा देश के हर हिस्से तक पहुंचनी चाहिए?

सारांश

सोमनाथ की ऊर्जा को देश के हर कोने तक पहुंचाने की आवश्यकता है, यह कहते हुए स्वामी स्वप्रकाश ने प्रधानमंत्री मोदी की सराहना की। उनका मानना है कि सनातन धर्म को खत्म नहीं किया जा सकता। जानें इस महत्वपूर्ण विषय पर उनका क्या कहना है।

Key Takeaways

  • सोमनाथ की ऊर्जा को हर कोने तक पहुंचाना चाहिए।
  • सनातन धर्म का कोई अंत नहीं है।
  • प्रधानमंत्री मोदी की संस्कृति के प्रति प्रतिबद्धता प्रशंसनीय है।
  • श्री श्री रवि शंकर की मध्यस्थता की क्षमता को मान्यता दी गई।

नोएडा, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। वैदिक धर्म संस्थान के ट्रस्टी और आर्ट ऑफ लिविंग फाउंडेशन से जुड़े स्वामी स्वप्रकाश ने कहा है कि सोमनाथ की ऊर्जा देश के हर कोने तक फैलनी चाहिए। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सनातन धर्म को समाप्त नहीं किया जा सकता, क्योंकि सभी धर्म इसी से उत्पन्न हुए हैं।

समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बातचीत करते हुए स्वामी स्वप्रकाश ने 'सोमनाथ स्वाभिमान पर्व' पर कहा, "हमारी इच्छा है कि सोमनाथ की ऊर्जा हर कोने में पहुंचे, जिससे लोग अपनी संस्कृति, सनातन धर्म और पहचान पर गर्व महसूस करें। यह एक ऐसा समय है जब भक्ति की लहर को जागरूक करना आवश्यक है।"

सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के संबंध में उन्होंने कहा, "सोमनाथ की स्थापना सतयुग में चंद्रदेव द्वारा की गई थी। कहा जाता है कि चंद्रदेव को अपनी सुंदरता पर गर्व था। एक समय राजा दक्ष ने उन्हें श्राप दिया कि उनकी सुंदरता लुप्त हो जाएगी। जब चंद्रदेव ने पश्चाताप किया, तो राजा दक्ष ने उन्हें सौराष्ट्र में भगवान शिव की तपस्या करने के लिए कहा। इस प्रकार चंद्रदेव ने सोमनाथ में पहला ज्योतिर्लिंग स्थापित किया। द्वापर युग से लेकर त्रेता युग तक भगवान विष्णु के अवतारों ने उस ज्योतिर्लिंग पर भगवान शिव की साधना की।"

इसी बीच, प्रधानमंत्री मोदी की प्रशंसा करते हुए स्वामी स्वप्रकाश ने कहा, "भारत भाग्यशाली है कि उसके पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं, जो वैश्विक स्तर पर नाजुक स्थिति में सनातन धर्म की रक्षा करते हैं और हमारे धार्मिक स्थलों का गौरव लौटाते हैं।"

उन्होंने भारत की विदेश नीति की भी सराहना की और कहा कि भारत की विदेश नीति बहुत संतुलित है। जयशंकर एक संतुलित डिप्लोमैट का बेहतरीन उदाहरण हैं।

जब पूछा गया कि क्या श्री श्री रवि शंकर रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं, तो स्वामी स्वप्रकाश ने कहा, "बेशक वह कर सकते हैं। 'द आर्ट ऑफ लिविंग' की दोनों देशों में मजबूत मौजूदगी है। हमारे वहां आश्रम और सैकड़ों शिक्षक हैं। अकेले रूस में 'द आर्ट ऑफ लिविंग' के 700 से ज्यादा शिक्षक हैं। यूक्रेन में भी लगभग 400 शिक्षक हैं।"

क्या श्री श्री रविशंकर वेनेजुएला और अमेरिका जैसे देशों से जुड़ी शांति प्रक्रियाओं में गाइड कर सकते हैं? इस पर उन्होंने कहा, "गुरुदेव ने दुनियाभर में सबसे कठिन शांति मिशन संभाले हैं। अगर गुरुदेव से सरकार आधिकारिक तौर पर अनुरोध करती है, तो सौ प्रतिशत समाधान मिल सकता है।"

उन्होंने कहा कि समस्या का समाधान किसी के पक्ष में रहकर नहीं आता है, बल्कि वह दोनों के मध्य में रहकर आता है। श्री श्री रविशंकर मध्यस्थता के लिए बिल्कुल सही व्यक्ति हैं। वे दोनों पक्षों को समान रूप से देखते हैं।

Point of View

जो न केवल धार्मिक बल्कि सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण हैं।
NationPress
11/01/2026

Frequently Asked Questions

स्वामी स्वप्रकाश ने सोमनाथ के बारे में क्या कहा?
स्वामी स्वप्रकाश ने कहा कि सोमनाथ की ऊर्जा देश के हर कोने तक पहुंचनी चाहिए।
क्या सनातन धर्म को समाप्त किया जा सकता है?
स्वामी स्वप्रकाश के अनुसार, सनातन धर्म को समाप्त नहीं किया जा सकता क्योंकि सभी धर्म इससे उत्पन्न हुए हैं।
प्रधानमंत्री मोदी की सराहना क्यों की गई?
स्वामी स्वप्रकाश ने कहा कि भारत भाग्यशाली है कि उसके पास ऐसे प्रधानमंत्री हैं जो सनातन धर्म की रक्षा करते हैं।
श्री श्री रवि शंकर किस प्रकार मध्यस्थता कर सकते हैं?
स्वामी स्वप्रकाश ने कहा कि 'द आर्ट ऑफ लिविंग' की मौजूदगी के कारण श्री श्री रवि शंकर रूस और यूक्रेन के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं।
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