क्या सुवेंदु अधिकारी पर हमला नहीं हुआ तो एफआईआर कैसे दर्ज होगी: कुणाल घोष?
सारांश
Key Takeaways
- टीएमसी नेता कुणाल घोष का बयान
- कोई हमला नहीं हुआ
- पुलिस की कार्रवाई पर सवाल
- राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप
- सच्चाई का पता लगाना जरूरी
कोलकाता, 11 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। टीएमसी के नेता कुणाल घोष ने स्पष्ट रूप से यह कहा है कि भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी पर कोई हमला नहीं हुआ है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कोई हमला हुआ ही नहीं है, तो एफआईआर किस आधार पर होगी।
टीएमसी नेता ने यह भी कहा कि सुवेंदु अधिकारी की गाड़ी पर कोई हमला नहीं हुआ, बल्कि वहां तो लोग 'जय बांग्ला' का नारा लगा रहे थे, फिर भी पुलिस हर चीज का ध्यान रख रही है। अगर कोई सच्चाई है, तो पुलिस अपने स्तर से कार्रवाई करेगी।
कोलकाता में राष्ट्र प्रेस से बातचीत में उन्होंने कहा कि शनिवार को चंद्रकोना में कोई घटना नहीं हुई। यह पूरी तरह से झूठी कहानी है जो भाजपा द्वारा फैलाई जा रही है। हमारे समर्थक केवल 'जय बांग्ला' के नारे लगा रहे थे, जबकि भाजपा समर्थक अपने नारे लगा रहे थे। कोई भी व्यक्ति सुवेंदु अधिकारी पर हमला नहीं किया।
उन्होंने कहा कि आजकल सभी के पास कैमरा है और कई वीडियो उपलब्ध हैं। यदि आप इसके खिलाफ हैं, तो आप सिर्फ किसी का नाम लेकर दबाव बना सकते हैं और उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करवा सकते हैं। पुलिस सब कुछ देख रही है। यदि किसी के खिलाफ आरोप साबित होते हैं, तो निश्चित रूप से एफआईआर दर्ज की जाएगी।
आईपैक पर ईडी की रेड को लेकर भाजपा सांसद रविशंकर प्रसाद के बयान पर कुणाल घोष ने कहा कि यदि यह रेड इतनी महत्वपूर्ण थी, तो पिछले पांच-छह सालों से आपकी ईडी क्या कर रही थी? आजकल चुनाव नजदीक हैं, इसलिए आईपैक पर रेड कर दी गई। कुणाल घोष ने कहा कि यदि भाजपा को लगता है कि सीएम ने गलत किया है, तो उन्हें कोर्ट का सहारा लेना चाहिए।
सुवेंदु अधिकारी ने अपने एक्स पोस्ट में लिखा कि शनिवार रात लगभग 8:20 बजे, जब मैं पुरुलिया से लौट रहा था, चंद्रकोना रोड पर, टीएमसी के गुंडों ने मुझ पर बेरहमी से हमला किया। कानून के रखवाले मूक दर्शक बने रहे। यह सिर्फ मुझ पर हमला नहीं है, यह पश्चिम बंगाल में विपक्ष की हर आवाज पर हमला है।