महिलाओं की सशक्त भागीदारी: विकास का आधार, उपराज्यपाल मनोज सिन्हा का संदेश
सारांश
Key Takeaways
- महिलाओं की सशक्त भागीदारी विकास में महत्वपूर्ण है।
- अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हर साल 8 मार्च को मनाया जाता है।
- महिलाओं का सशक्तिकरण गरीबी उन्मूलन का साधन है।
- हम सभी को महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने की आवश्यकता है।
- महिलाओं की प्रतिभा और योगदान को पहचानें।
जम्मू, 7 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने केंद्र शासित प्रदेश की महिलाओं को दिल से बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सशक्त भागीदारी ही समाज और देश के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है।
उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने अपने संदेश में बताया कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर वे जम्मू-कश्मीर की सभी बहनों को शुभकामनाएं देते हैं, जो केंद्र शासित प्रदेश और देश के बेहतर भविष्य के निर्माण के लिए अपने दृढ़ संकल्प और अथक प्रयासों के साथ आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने आशा व्यक्त की कि यह अवसर महिलाओं को देश के विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण भागीदार के रूप में आगे आने के लिए प्रेरित करेगा। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सशक्तिकरण विकास और गरीबी उन्मूलन का सबसे मजबूत माध्यम है।
उन्होंने यह भी कहा कि आज महिलाएं समाज को अधिक न्यायपूर्ण और समानता पर आधारित बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही हैं। जम्मू-कश्मीर की अनेक प्रतिभाशाली महिलाएं विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं और प्रदेश को शांतिपूर्ण तथा समृद्ध बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए तैयार हैं। एलजी सिन्हा ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस हमें यह अवसर देता है कि हम महिलाओं के अधिकारों की रक्षा, न्याय सुनिश्चित करने, उनकी सुरक्षा और उनके समग्र कल्याण को बढ़ावा देने के अपने संकल्प को दोहराएं।
मनोज सिन्हा ने समाज के सभी वर्गों से अपील की कि वे मिलकर ऐसा वातावरण तैयार करें जहां महिलाओं को समान अवसर मिलें और वे अपनी पूरी क्षमता के साथ आगे बढ़ सकें। उन्होंने इस विशेष दिवस के सफल आयोजन के लिए सभी को अपनी शुभकामनाएं भी दीं।
ज्ञात रहे कि हर साल 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। यह दिन उन लाखों महिलाओं के सतत संघर्ष और संकल्प का प्रतीक है जो उन्होंने अपने सम्मान, समानता और अधिकारों के लिए किया। दुनिया के कई देशों में इस दिन महिलाओं की उपलब्धियों का सम्मान किया जाता है। स्कूलों और कॉलेजों में कार्यक्रम होते हैं, जागरूकता अभियान चलाए जाते हैं, सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं और कई जगहों पर प्रेरणादायक महिलाओं को सम्मानित किया जाता है।